फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   bhiwani news,duplicate ppe kit

नकली पीपीई किट से कोलकाता और मुंबई के कोरोना योद्धा भी संकट में

Thu, 16 Apr 2020 10:06 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2020 10:06 PM IST
विज्ञापन
bhiwani news,duplicate ppe kit
नकली पीपीई किट के बंडल को बाइक पर ले जाते युवक। - फोटो : Bhiwani
हाईजेनिक मापदंडों को ताक पर रखकर गंदगी के माहौल में घरों के अंदर अवैध तरीके से तैयार हो रही नकली पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई किट) से कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे योद्धाओं की जान भी संकट में फंस गई है। अमर उजाला की पड़ताल में उजागर हुआ कि भिवानी में घरों के अंदर मापदंडों को ताक पर रखकर बनाई जा रही नकली पीपीई किट दलालों द्वारा कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े शहरों में सप्लाई हो रही हैं, जिससे वहां कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या भी देश में सबसे अधिक है। ऐसे में इस नकली पीपीई किट के सहारे कोरोना संक्रमित रोगियों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की जान पर भी बड़ा संकट मंडराने लगा है। बुधवार को अनाज मंडी चौकी क्षेत्र से करीब दो टन तैयार माल की सप्लाई कोलकाता की गई है।
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि भिवानी से ही 50 हजार रुपये के किराये में एक गाड़ी से सप्लाई की गई है। मुंबई में तो डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जबकि वे पीपीई किट और जरूरी इक्यूपमेंट का इस्तेमाल किए हुए थे। बड़ा सवाल यह है कि इनकी जान संकट में डालने का आखिर जिम्मेवार कौन है। अचरज की बात तो यह भी है कि पीएम, सीएम से लेकर संबंधित मंत्रालयों को शिकायतों के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। शहर भर की गली मोहल्लों में घर-घर चल रहे नकली पीपीई किट के खेल में दलालों का गोरखधंधा जारी हैं।
विज्ञापन

कपड़ा मंत्रालय ने पीपीई किट निर्माण के लिए जारी की है नोटिफिकेशन
कपड़ा मंत्रालय भारत सरकार ने पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट पीपीई किट तैयार करने के लिए कोविड-19 महामारी नोफिकेशन जारी की है। जो भी कंपनी पीपीई किट तैयार करेंगी, उन्हें कपड़ा मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी। कपड़ा मंत्रालय ने इसके मानक भी निर्धारित किए हैं। तैयार किट का पहले प्रयोगशाला में टेस्ट होगा। इसके लिए देश में दो प्रयोगशालाएं अधिकृत हैं। इनमें साउथ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (एसआईटीआरए) कोयंबटूर में हैं और दूसरी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिसमेंट (डीआरडीई) ग्वालियर मध्यप्रदेश में है। टेस्ट के बाद सर्टिफिकेट मंत्रालय देगा। जिसमें टेस्ट की प्रक्रिया, टेस्ट की डेट, टेस्ट का नाम भी अंकित किया जाएगा। ये सर्टिफिकेट निर्धारित समय के लिए ही मान्य होगा। पीपीई किट बनेगी उस किट पर निर्माता कंपनी का स्टीकर लगेगा। स्पेशल इंक से उस पर प्रोडक्ट का नाम, टेस्ट की प्रक्रिया, स्टेंडर्ड टेस्ट, बैच नंबर, आर्डर डिटेल भी पीपीई किट पर अंकित होंगी। इन नियमों पर खरी उतरने वाली पीपीई किट ही मान्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

निरीक्षण की सूचना से कॉलोनियों मचा हड़कंप
वीरवार शाम प्रशासनिक टीमों द्वारा निरीक्षण किए जाने की सूचनाओं से शहर की अनेक कॉलोनियों में हड़कंप मच गया। घरों में मास्क और पीपीटी किट बनाने वाले लोग इस सारे सामान को छुपाते नजर आए। कोई छतों पर तो कोई पशुबाड़े में छुपाते दिखा। देर शाम तक यह सिलसिला चला और लोग फोन कर इसकी जानकारी जुटाते भी नजर आए।
एक्सपर्ट व्यू
अधिवक्ता अजय वर्मा ने बताया कि भिवानी शहर में धड़ल्ले से घरों के अंदर बनाई जा रही नकली पीपीई किट गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ये अपराध महामारी कानून व भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक धाराओं के अंतर्गत गंभीर जुर्म है। क्योंकि इस किट से न केवल डॉक्टर्स की जान से खिलवाड़ हो रहा है। वहीं, कोविड-19 जैसी महामारी का फैलाव भी होगा। पीपीई किट निर्माता कंपनी को कपड़ा मंत्रालय से अनुमति और सर्टिफिकेट जारी होने के बाद ही इनका हाईजेनिक मानकों के हिसाब से निर्माण होगा, प्रोडेक्ट की जांच भी होगी, फिर इसे इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
संगठन ने काफी सुुबूत जुटाए हैं, जल्द ही उच्च न्यायालय में गोरखधंधे में शामिल अधिकारियों व लोगों के खिलाफ हत्या व हत्या प्रयास के तहत आपराधिक केस दर्ज कराने की मांग उठाएंगे।

- बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
पूरे मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की जांच कर अधिकारी रिपोर्ट देंगे। इसमें नार्म्स भी जांचे जाएंगे और इसी के बाद जिला प्रशासन द्वारा आगे कदम उठाए जाएंगे।
- अजय कुमार, जिला उपायुक्त भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed