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यहां हर रोज होती है एक राहगीर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2016 01:05 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में 13 जगह राहगीरों के लिए डेथ प्वाइंट बन गई हैं। ये जगह बरसों से राहगीरों के खून से लाल हो रही हैं। फिर भी, न तो शासन के पास कोई उपाय है और न ही प्रशासन इन हादसों को रोकने में समर्थ। इन्हीं डेथ प्वाइंट की फेहरिस्त में शामिल लोहानी टी-प्वाइंट पर शुक्रवार रात भी दो नौजवान राहगीर काल के गाल में समा गए। इन 13 जगहों पर हुए सड़क हादसों के आंकड़े डरावने हैं। इन प्वाइंट पर हर रोज एक राहगीर की मौत हो रही है और तीन से चार घायल हो रहे हैं। पिछले करीब पांच साल में 1252 लोग सड़क पर अपनी जान गंवा चुके हैं और 2941 घायल हो चुके हैं।
जिले के सबसे खतरनाक प्वाइंटों की बात की जाए तो इनमें खरक कलां, लोहानी टी- प्वाइंट के पास, मुंढाल चौक, तिगड़ाना मोड़ के पास ऐसे स्थान हैं, जहां औसतन हर दूसरे या तीसरे दिन हादसे हो रहे है। आईजी के निर्देश के बाद अब इन हादसों को रोकना और सड़क हादसों में कमी लाना जिला पुलिस के लिए चुनौती है। जिला पुलिस खासकर ट्रैफिक पुलिस ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। आईजी के निर्देश है कि पुलिस विभाग कुछ जरूरी कदम उठाए तो सड़क हादसों में काफी मी लाई जा सकती है। आईजी हिसार ने बृहस्पतिवार को हिसार रेंज के पांच जिलों में होने वाले हादसों की स्थिति को दर्शाया। साथ ही सभी जिला पुलिस को इस वर्ष 15 फीसदी तक कमी लाने के जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। --
ये हैं जिले के खतरनाक एक्सिडेंट प्वाइंट
* लोहानी टी-प्वाइंट
* खरक कलां चौक के पास
* तिगड़ाना टी-प्वाइंट
* निनान टी प्वाइंट
* मुंढाल चौक
* बस स्टैंड बड़वा गांव
* ईशरवाल टी प्वाइंट सिवानी
* सैनीवास मोड़
* ढाणी टोड़ा से गिगनाऊ मार्ग लोहारू
* ईशरवाल रोड गोकलपुरा
* नजदीक मोतीपुर
कब कितनों ने गंवाई जान, कितने हुए घायल
वर्ष हादसे मौत घायल
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2011 528 194 549
2012 539 234 363
2013 536 205 507
2014 629 270 635
2015 627 238 637
2016 263 111 250
आईजी के निर्देश
* हॉट स्पॉट दुर्घटना क्षेत्र का विश्लेषण, दुर्घटना क्षेत्र की पहचान व दुर्घटनाओं के कारणों का पता कर उन्हें दूर करें।
* राजपत्रित अधिकारी सड़क इंजीनियर के साथ प्रत्येक मुख्य दुर्घटना स्थल का दौरा कर दुर्घटना के कारणों का पता लगा उनके समाधान की दिशा में काम करें।
* सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारकों के खिलाफ निवारक व्यापक जन अभियान चलाएं। जिसमें ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना व सड़क पर शिष्टाचार से वाहन चलाने बारे जागरूकता एवं सख्ती से पालना सुनिश्चित कराए।
सड़क हादसों को रोकने के लिए प्लानिंग बनाई जा रही है। ज्यादा हादसे वाले प्वाइंट चिन्हित कर वहां कारण जान उन्हें ठीक करने के प्रयास किए जाएंगे। इसमें अन्य विभागों की भी मदद ली जाएगी। साथ ही जागरूकता कैंप भी चलाए जाएंगे।
चंद्रपाल बिश्नोई, डीएसपी हेड क्वार्टर
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जिले के सबसे खतरनाक प्वाइंटों की बात की जाए तो इनमें खरक कलां, लोहानी टी- प्वाइंट के पास, मुंढाल चौक, तिगड़ाना मोड़ के पास ऐसे स्थान हैं, जहां औसतन हर दूसरे या तीसरे दिन हादसे हो रहे है। आईजी के निर्देश के बाद अब इन हादसों को रोकना और सड़क हादसों में कमी लाना जिला पुलिस के लिए चुनौती है। जिला पुलिस खासकर ट्रैफिक पुलिस ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। आईजी के निर्देश है कि पुलिस विभाग कुछ जरूरी कदम उठाए तो सड़क हादसों में काफी मी लाई जा सकती है। आईजी हिसार ने बृहस्पतिवार को हिसार रेंज के पांच जिलों में होने वाले हादसों की स्थिति को दर्शाया। साथ ही सभी जिला पुलिस को इस वर्ष 15 फीसदी तक कमी लाने के जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। --
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ये हैं जिले के खतरनाक एक्सिडेंट प्वाइंट
* लोहानी टी-प्वाइंट
* खरक कलां चौक के पास
* तिगड़ाना टी-प्वाइंट
* निनान टी प्वाइंट
* मुंढाल चौक
* बस स्टैंड बड़वा गांव
* ईशरवाल टी प्वाइंट सिवानी
* सैनीवास मोड़
* ढाणी टोड़ा से गिगनाऊ मार्ग लोहारू
* ईशरवाल रोड गोकलपुरा
* नजदीक मोतीपुर
कब कितनों ने गंवाई जान, कितने हुए घायल
वर्ष हादसे मौत घायल
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2011 528 194 549
2012 539 234 363
2013 536 205 507
2014 629 270 635
2015 627 238 637
2016 263 111 250
आईजी के निर्देश
* हॉट स्पॉट दुर्घटना क्षेत्र का विश्लेषण, दुर्घटना क्षेत्र की पहचान व दुर्घटनाओं के कारणों का पता कर उन्हें दूर करें।
* राजपत्रित अधिकारी सड़क इंजीनियर के साथ प्रत्येक मुख्य दुर्घटना स्थल का दौरा कर दुर्घटना के कारणों का पता लगा उनके समाधान की दिशा में काम करें।
* सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारकों के खिलाफ निवारक व्यापक जन अभियान चलाएं। जिसमें ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना व सड़क पर शिष्टाचार से वाहन चलाने बारे जागरूकता एवं सख्ती से पालना सुनिश्चित कराए।
सड़क हादसों को रोकने के लिए प्लानिंग बनाई जा रही है। ज्यादा हादसे वाले प्वाइंट चिन्हित कर वहां कारण जान उन्हें ठीक करने के प्रयास किए जाएंगे। इसमें अन्य विभागों की भी मदद ली जाएगी। साथ ही जागरूकता कैंप भी चलाए जाएंगे।
चंद्रपाल बिश्नोई, डीएसपी हेड क्वार्टर