{"_id":"575c5f9e4f1c1b8d239c5915","slug":"bhiwani-news-crime-doctor-husband-wife-murder-case-file","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकित्सक दंपति पर 15 महीने बाद हत्या का मामला दर्ज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकित्सक दंपति पर 15 महीने बाद हत्या का मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:29 AM IST
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चिकित्सक
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डिलीवरी के दौरान बच्ची की मौत के करीब 15 महीने बाद कस्बे के जैन अस्पताल के डॉ. रमन जैन व डॉ. लीना जैन के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। वार्ड नंबर 12 की पूजा अरोड़ा की ओर से सीएम विंडो के माध्यम से एसपी को भेजी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने चिकित्सक दंपति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
लोहारू थाने में दी गई शिकायत में शिकायत में पूजा ने बताया कि 21 अप्रैल 2015 को जैन अस्पताल एवं मैटरनिटी सेंटर में डिलीवरी के दौरान उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि डिलीवरी के समय चिकित्सक दंपति व स्टाफ की लापरवाही के कारण बच्ची की जान चली गई। पूजा का आरोप था कि डिलीवरी के दौरान उसके साथ क्रूरता की गई और पांच जनों ने उसके पेट को अमानवीय ढंग से दबाया जिसके चलते उसकी बच्ची की मौत हुई।
पीड़िता की शिकायत पर सीएम सेल के माध्यम से एसपी कार्यालय पहुंची। इसी आधार पर लोहारू पुलिस ने स्थनीय जैन अस्पताल की डॉ. लीना जैन, डॉ. रमन जैन तथा स्टाफ सदस्यों के खिलाफ शुक्रवार सांय को भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई बलबीर सिंह का कहना है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उधर डॉ. रमन जैन का कहना है कि डिलीवरी के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती गई और डिलीवरी एमसीआई की गाइड लाइन के अनुसार कराई गई थी।
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पुलिस ने कार्रवाई से किया था इनकार
पुलिस को शिकायत दी गई थी और तत्कालीन एसएचओ जयसिंह ने यह कहकर मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया था कि सीएमओ से महिला चिकित्सकों की कमेटी बनाकर मामले की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। बाद में सीएमओ के आदेश पर भिवानी अस्पताल की महिला चिकित्सकों की टीम ने इस मामले में 17 जुलाई 2015 को जांच की, जिसमें डिलीवरी के समय लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया गया था। इस बात को लेकर पीड़िता ने सीएमओ से शिकायत की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने पुन: जांच कमेटी गठित करते हुए जांच के आदेश दिए थे। चिकित्सकों की इस टीम ने 11 अप्रैल को जांच की रिपोर्ट सौंपी जिसमें जैन चिकित्सक दंपति व स्टाफ पर डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरते जाने की बातें सामने आई थी। इसके बाद पीड़िता ने इस बारे में 18 मई 2016 को सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई थी।
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लोहारू थाने में दी गई शिकायत में शिकायत में पूजा ने बताया कि 21 अप्रैल 2015 को जैन अस्पताल एवं मैटरनिटी सेंटर में डिलीवरी के दौरान उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि डिलीवरी के समय चिकित्सक दंपति व स्टाफ की लापरवाही के कारण बच्ची की जान चली गई। पूजा का आरोप था कि डिलीवरी के दौरान उसके साथ क्रूरता की गई और पांच जनों ने उसके पेट को अमानवीय ढंग से दबाया जिसके चलते उसकी बच्ची की मौत हुई।
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पीड़िता की शिकायत पर सीएम सेल के माध्यम से एसपी कार्यालय पहुंची। इसी आधार पर लोहारू पुलिस ने स्थनीय जैन अस्पताल की डॉ. लीना जैन, डॉ. रमन जैन तथा स्टाफ सदस्यों के खिलाफ शुक्रवार सांय को भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई बलबीर सिंह का कहना है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उधर डॉ. रमन जैन का कहना है कि डिलीवरी के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती गई और डिलीवरी एमसीआई की गाइड लाइन के अनुसार कराई गई थी।
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पुलिस ने कार्रवाई से किया था इनकार
पुलिस को शिकायत दी गई थी और तत्कालीन एसएचओ जयसिंह ने यह कहकर मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया था कि सीएमओ से महिला चिकित्सकों की कमेटी बनाकर मामले की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। बाद में सीएमओ के आदेश पर भिवानी अस्पताल की महिला चिकित्सकों की टीम ने इस मामले में 17 जुलाई 2015 को जांच की, जिसमें डिलीवरी के समय लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया गया था। इस बात को लेकर पीड़िता ने सीएमओ से शिकायत की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने पुन: जांच कमेटी गठित करते हुए जांच के आदेश दिए थे। चिकित्सकों की इस टीम ने 11 अप्रैल को जांच की रिपोर्ट सौंपी जिसमें जैन चिकित्सक दंपति व स्टाफ पर डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरते जाने की बातें सामने आई थी। इसके बाद पीड़िता ने इस बारे में 18 मई 2016 को सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई थी।