{"_id":"58012c6e4f1c1b6c6128e5fd","slug":"bhiwani-news-city-three-railway-under-bridge-not-construct","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में अब नहीं बनेंगे आरयूबी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में अब नहीं बनेंगे आरयूबी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2016 12:35 AM IST
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अंडरपास
- फोटो : अमर उजाला
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भिवानी की कृष्णा कॉलोनी जीतूवाला जोहड़ फाटक, तोशाम ओवरब्रिज बाल आश्रम के पास वाले फाटक और देवसर चुंगी के पास आरयूबी बनने की आस अब धूमिल हो गई है। अब यहां आरयूबी नहीं बनेंगे और लोगों को पहले की तरह ही परेशानियों से जूझना पड़ेगा। जुलाई माह में इन तीनों आरयूबी को मंजूरी मिली थी। कृष्णा कॉलोनी और तोशाम ओवरब्रिज बाल आश्रम के पास तो आरयूबी के लिए 11.81 करोड़ का बजट भी मंजूर कर दिया गया था। इसी साल ये आरयूबी बनकर तैयार होने थे। सर्वे और प्लानिंग के लिए रेलवे को 14.90 लाख का चेक भी दिया गया। मंजूरी के बाद यहां आरयूबी की संभावनाओं के लिए विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण किया तो पानी के ऊंचे स्तर ने सबके अरमानों पर पानी फेर दिया।
शहर के सबसे लंबे ओवरब्रिज करीब साढ़े नौ सौ मीटर के लिए भी शहर वासियों को इंतजार करना होगा। करीब 37 करोड़ की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज की फाइल लंबे समय तक रेलवे अधिकारियों के पास अटकी रही। मामूली खामियों के चक्कर में फाइल लटकी रही। घोषणा के अनुसार जहां 2016 में ओवरब्रिज का निर्माण होना था, वहीं अब तक शुरू भी नहीं हो पाया है। इस वर्ष शुरू होने की संभावनाएं भी नहीं है। हालांकि अच्छी खबर यह है कि रेलवे से जीएडीए मंजूर हो गया है और अब बीएंडआर ने डिटेल एस्टिमेट के लिए प्रपोजल दिल्ली मुख्यालय भेजा है। संभावना है कि 2017 में इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। आरओबी के अभाव में यहां भी फाटक पर अक्सर वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है।
दो मीटर पर पानी का लेवल, आरयूबी के लिए चाहिए पांच मीटर की खुदाई
जिन तीन स्थानों पर आरयूबी बनाने का प्रपोजल था वहां विशेषज्ञों की टीम ने संभावनाओं के लिए निरीक्षण किया तो पाया कि यहां पानी का स्तर काफी ऊपर है। नियमानुसार आरयूबी बनाने के लिए कम से कम पांच मीटर की खुदाई होती है जबकि तीनों ही स्थानों पर पानी का लेवल दो मीटर पर है। पानी का लेवल ऊपर होने के कारण ही यहां आरयूबी की संभावनाएं नहीं है।
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यहां बनने थे रेलवे अंडर ब्रिज
* कृष्णा कॉलोनी फाटक: कृष्णा कॉलोनी में में आरयूबी बनना था। जिसके लिए छह करोड़ 28 लाख का बजट मंजूर किया गया। यहां फाटक की बेहद जरूरत है। अक्सर ट्रेनों के आवागमन के कारण यह फाटक बंद रहा है। इस फाटक के दूसरी ओर करीब दर्जनभर कॉलोनियां जीतूवाला जोहड़क्षेत्र, ब्रह्मा कॉलोनी, अनाजमंडी का पीछे का हिस्सा, लकड़ी की मार्केट है। लंबे समय से क्षेत्रवासी यहां आरयूबी की मांग कर रहे है।
* तोशाम ओवरब्रिज बाल आश्रम के पास: यहां आरयूबी के लिए 5.53 करोड़ का बजट मंजूर किया गया। यहां आरयूबी के लिए लोगों ने प्रदर्शन तक किए है। मंजूर होने के बाद दर्जनभर कॉलोनी के लोगों ने राहत की सांस ली कि अब उनकी समस्या का हल होगा। मगर पानी के ऊंचे स्तर ने सबके अरमानों पर पानी फेर दिया।
* देवसर चुंगी : कृष्णा कॉलोनी फाटक की तरह ही अक्सर यह फाटक भी बंद रहता है। चूंकि ऑटो मार्केट, लोहारू रोड, दादरी जाने के लिए यह मुख्य मार्ग से मिलता है इस कारण हर रोज हजारों वाहन यहां से गुजरते है। फाटक बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने यहां भी आरयूबी की मंजूरी दे दी थी। मगर यहां भी पानी का स्तर ऊंचा है।
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कृष्णा कॉलोनी फाटक, तोशाम ओवरब्रिज बाल आश्रम के पास आरयूबी की संभावनाएं नहीं है। यहां पानी का स्तर दो मीटर पर है जबकि आरयूबी के लिए कम से कम पांच मीटर होना जरूरी है। फिलहाल आरयूबी के प्रोजेक्ट रद हो गए है।
पीके बागड़ी, एक्सईएन, बीएंडआर विभाग
शहर के सबसे लंबे ओवरब्रिज करीब साढ़े नौ सौ मीटर के लिए भी शहर वासियों को इंतजार करना होगा। करीब 37 करोड़ की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज की फाइल लंबे समय तक रेलवे अधिकारियों के पास अटकी रही। मामूली खामियों के चक्कर में फाइल लटकी रही। घोषणा के अनुसार जहां 2016 में ओवरब्रिज का निर्माण होना था, वहीं अब तक शुरू भी नहीं हो पाया है। इस वर्ष शुरू होने की संभावनाएं भी नहीं है। हालांकि अच्छी खबर यह है कि रेलवे से जीएडीए मंजूर हो गया है और अब बीएंडआर ने डिटेल एस्टिमेट के लिए प्रपोजल दिल्ली मुख्यालय भेजा है। संभावना है कि 2017 में इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। आरओबी के अभाव में यहां भी फाटक पर अक्सर वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है।
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दो मीटर पर पानी का लेवल, आरयूबी के लिए चाहिए पांच मीटर की खुदाई
जिन तीन स्थानों पर आरयूबी बनाने का प्रपोजल था वहां विशेषज्ञों की टीम ने संभावनाओं के लिए निरीक्षण किया तो पाया कि यहां पानी का स्तर काफी ऊपर है। नियमानुसार आरयूबी बनाने के लिए कम से कम पांच मीटर की खुदाई होती है जबकि तीनों ही स्थानों पर पानी का लेवल दो मीटर पर है। पानी का लेवल ऊपर होने के कारण ही यहां आरयूबी की संभावनाएं नहीं है।
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यहां बनने थे रेलवे अंडर ब्रिज
* कृष्णा कॉलोनी फाटक: कृष्णा कॉलोनी में में आरयूबी बनना था। जिसके लिए छह करोड़ 28 लाख का बजट मंजूर किया गया। यहां फाटक की बेहद जरूरत है। अक्सर ट्रेनों के आवागमन के कारण यह फाटक बंद रहा है। इस फाटक के दूसरी ओर करीब दर्जनभर कॉलोनियां जीतूवाला जोहड़क्षेत्र, ब्रह्मा कॉलोनी, अनाजमंडी का पीछे का हिस्सा, लकड़ी की मार्केट है। लंबे समय से क्षेत्रवासी यहां आरयूबी की मांग कर रहे है।
* तोशाम ओवरब्रिज बाल आश्रम के पास: यहां आरयूबी के लिए 5.53 करोड़ का बजट मंजूर किया गया। यहां आरयूबी के लिए लोगों ने प्रदर्शन तक किए है। मंजूर होने के बाद दर्जनभर कॉलोनी के लोगों ने राहत की सांस ली कि अब उनकी समस्या का हल होगा। मगर पानी के ऊंचे स्तर ने सबके अरमानों पर पानी फेर दिया।
* देवसर चुंगी : कृष्णा कॉलोनी फाटक की तरह ही अक्सर यह फाटक भी बंद रहता है। चूंकि ऑटो मार्केट, लोहारू रोड, दादरी जाने के लिए यह मुख्य मार्ग से मिलता है इस कारण हर रोज हजारों वाहन यहां से गुजरते है। फाटक बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने यहां भी आरयूबी की मंजूरी दे दी थी। मगर यहां भी पानी का स्तर ऊंचा है।
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कृष्णा कॉलोनी फाटक, तोशाम ओवरब्रिज बाल आश्रम के पास आरयूबी की संभावनाएं नहीं है। यहां पानी का स्तर दो मीटर पर है जबकि आरयूबी के लिए कम से कम पांच मीटर होना जरूरी है। फिलहाल आरयूबी के प्रोजेक्ट रद हो गए है।
पीके बागड़ी, एक्सईएन, बीएंडआर विभाग