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चौक-चौराहों पर ऑटो रुका तो कटेगा चालान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:58 AM IST
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ऑटो
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यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले ऑटो चालकों को सबक सिखाने में हर बार नाकाम रहने वाले ट्रैफिक पुलिस ने एक बार फिर ऑटो चालकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने की योजना बनाई है। सवारी के लिए चौक-चौराहों पर ब्रेक लगाकर ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ने वाले ऑटो चालकों का पुलिस चालान काटेगी। यही नहीं, ऑटो के कागजात की भी जांच की जाएगी और कागजात पूरे नहीं मिलने पर इन्हें इंपाउंड किया जाएगा। आने वाले सोमवार से नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी चल रही है।
शहर के मुख्य चौक-चौराहों घंटाघर, हांसी गेट, महम गेट, रोहतक गेट, दादरी गेट के पास, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के सामने यातायात व्यवस्था बेहद खराब है। पुलिस का मानना है कि शहर में दौड़ने वाले करीब साढ़े तीन हजार ऑटो रिक्शा यातायात व्यवस्था के लिए बड़ा सिरदर्द बने हैं।
स्टॉपेज प्वाइंट की नहीं करते परवाह
अधिकतर चालक सवारियों के फेर में शहर के मुख्य चौकों के पास ही अपने ऑटो रोक लेते हैं। रास्ते में भी जहां सवारी देखी वहीं ब्रेक लगा दिए। ऑटो चालकों की यह मनमानी यातायात व्यवस्था चौपट कर देती है। इस वजह से घंटाघर चौक, रोहतक गेट चौक, हांसी गेट, चिडिय़ाघर मोड़, दादरी गेट आदि क्षेत्रों में जाम लगता है। कहने को तो शहर में चिड़ियाघर मोड़, रोहतक गेट के दो ओर, सेक्टर 13 मोड़, भगत सिंह चौक के पास बस स्टॉपेज बनाए गए है। ऑटो चालकों को भी चौक-चौराहों की बजाए इन पर ही रोककर सवारियां बैठाने और उतारने के निर्देश दिए गए है। मगर इन स्टॉपेज पर अभी कोई ऑटो नहीं रुकता। सभी मुख्य चौक-चौराहे पर रोक कर सवारियों को बैठाते व उतारते है। अब शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए सबसे पहले इन्हीं पर नकेल कसने की कवायद शुरू की गई है। चौकों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को निर्देश दिए गए है कि चौक के पास कोई भी ऑटो न खड़ा हो और न ही सवारियां उतारने के लिए रुके। जो रोके उसका चालान काट दें।
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बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सामने भी नहीं जाएंगे ऑटो
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी ऑटो का दिनभर जमावड़ा रहता है। अब नई व्यवस्था के अनुसार इन दोनों जगह पर ही ऑटो नहीं जाएंगे। बस स्टैंड पर बस स्टैंड से पहले इंडस्ट्रीज एरिया और बस स्टैंड के पिछले गेट की तरफ जाने वाले रास्ते पर ऑटो को रोका जाएगा। पिछले रास्ते से ही अंदर जाकर ऑटो चालकों को सवारियां बैठानी होगी। बस स्टैंड के सामने कोई ऑटो नहीं जाएगा। इसी तरह रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के सामने भी ऑटो नहीं रुकेंगे। यहां खड़े होने वाले ऑटो को हटाने के लिए अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
25 फीसदी ऑटो अनफिट
शहर में 35 सौ के करीब ऑटो दौड़ रहे है। इनमें से करीब 25 फीसदी ऑटो शहर में चलने के लायक नहीं है। किसी का रजिस्ट्रेशन दूसरे जिलों या दादरी, लोहारू, तोशाम में है या फिर उसके कागजात पूरे नहीं है। पूर्व ट्रैफिक एसएचओ बलराज सिंह ने सख्ती से जांच अभियान चलाया तो 25 फीसदी से भी ज्यादा ऑटो बंद हो गए थे। उनके ट्रांसफर के बाद अब फिर से ये ऑटो शहर की सड़कों पर दौड़ रहे है।
शहर में ट्रैफिक व्यवसथा सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑटो परेशानी बन रहे हैं। अब नई व्यवस्था बनाई जा रही है। सभी ऑटो चालकों को निर्देश दिए जा रहे है कि ऑटो को मुख्य चौक-चौराहे के एकदम पास न रोके। ऐसा किया तो चालान किया जाएगा। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के सामने जाने से भी इन्हें रोका जाएगा। जल्द ही नई व्यवस्था शुरू की जाएगी।
महेंद्र सिंह, कार्यकारी इंचार्ज, ट्रैफिक पुलिस
हम शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हर तरह से सहयोग को तैयार है। कागजात की जांच हो या रास्ते में नहीं रोकना।
रामनिवास शर्मा, प्रधान, ऑटो रिक्शा यूनियन
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शहर के मुख्य चौक-चौराहों घंटाघर, हांसी गेट, महम गेट, रोहतक गेट, दादरी गेट के पास, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के सामने यातायात व्यवस्था बेहद खराब है। पुलिस का मानना है कि शहर में दौड़ने वाले करीब साढ़े तीन हजार ऑटो रिक्शा यातायात व्यवस्था के लिए बड़ा सिरदर्द बने हैं।
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स्टॉपेज प्वाइंट की नहीं करते परवाह
अधिकतर चालक सवारियों के फेर में शहर के मुख्य चौकों के पास ही अपने ऑटो रोक लेते हैं। रास्ते में भी जहां सवारी देखी वहीं ब्रेक लगा दिए। ऑटो चालकों की यह मनमानी यातायात व्यवस्था चौपट कर देती है। इस वजह से घंटाघर चौक, रोहतक गेट चौक, हांसी गेट, चिडिय़ाघर मोड़, दादरी गेट आदि क्षेत्रों में जाम लगता है। कहने को तो शहर में चिड़ियाघर मोड़, रोहतक गेट के दो ओर, सेक्टर 13 मोड़, भगत सिंह चौक के पास बस स्टॉपेज बनाए गए है। ऑटो चालकों को भी चौक-चौराहों की बजाए इन पर ही रोककर सवारियां बैठाने और उतारने के निर्देश दिए गए है। मगर इन स्टॉपेज पर अभी कोई ऑटो नहीं रुकता। सभी मुख्य चौक-चौराहे पर रोक कर सवारियों को बैठाते व उतारते है। अब शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए सबसे पहले इन्हीं पर नकेल कसने की कवायद शुरू की गई है। चौकों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को निर्देश दिए गए है कि चौक के पास कोई भी ऑटो न खड़ा हो और न ही सवारियां उतारने के लिए रुके। जो रोके उसका चालान काट दें।
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बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सामने भी नहीं जाएंगे ऑटो
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी ऑटो का दिनभर जमावड़ा रहता है। अब नई व्यवस्था के अनुसार इन दोनों जगह पर ही ऑटो नहीं जाएंगे। बस स्टैंड पर बस स्टैंड से पहले इंडस्ट्रीज एरिया और बस स्टैंड के पिछले गेट की तरफ जाने वाले रास्ते पर ऑटो को रोका जाएगा। पिछले रास्ते से ही अंदर जाकर ऑटो चालकों को सवारियां बैठानी होगी। बस स्टैंड के सामने कोई ऑटो नहीं जाएगा। इसी तरह रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के सामने भी ऑटो नहीं रुकेंगे। यहां खड़े होने वाले ऑटो को हटाने के लिए अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
25 फीसदी ऑटो अनफिट
शहर में 35 सौ के करीब ऑटो दौड़ रहे है। इनमें से करीब 25 फीसदी ऑटो शहर में चलने के लायक नहीं है। किसी का रजिस्ट्रेशन दूसरे जिलों या दादरी, लोहारू, तोशाम में है या फिर उसके कागजात पूरे नहीं है। पूर्व ट्रैफिक एसएचओ बलराज सिंह ने सख्ती से जांच अभियान चलाया तो 25 फीसदी से भी ज्यादा ऑटो बंद हो गए थे। उनके ट्रांसफर के बाद अब फिर से ये ऑटो शहर की सड़कों पर दौड़ रहे है।
शहर में ट्रैफिक व्यवसथा सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑटो परेशानी बन रहे हैं। अब नई व्यवस्था बनाई जा रही है। सभी ऑटो चालकों को निर्देश दिए जा रहे है कि ऑटो को मुख्य चौक-चौराहे के एकदम पास न रोके। ऐसा किया तो चालान किया जाएगा। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के सामने जाने से भी इन्हें रोका जाएगा। जल्द ही नई व्यवस्था शुरू की जाएगी।
महेंद्र सिंह, कार्यकारी इंचार्ज, ट्रैफिक पुलिस
हम शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हर तरह से सहयोग को तैयार है। कागजात की जांच हो या रास्ते में नहीं रोकना।
रामनिवास शर्मा, प्रधान, ऑटो रिक्शा यूनियन