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अब मिलेगा चिप लगा डिजिटल लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jan 2017 12:27 AM IST
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ड्राइविंग लाइसेंस
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भिवानी में अब ड्राइविंग लाइसेंस डिजिटल होगा। लाइसेंस पर ही फोटो के साथ चिप भी लगी होगी, जिसमें लाइसेंस धारक की पूरी जानकारी होगी। इसकी तैयारी हो गई है। परिवहन विभाग ने स्मार्ट कार्ड डिजिटल लाइसेंस बनाने की तैयारी कर ली है। भिवानी में लाइसेंस के बारे में जानकारी लेने के लिए एक प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधियों ने निरीक्षण भी किया। परिवहन विभाग के आयुक्त की ओर से भी इस बारे में जिलास्तर पर नोटिफिकेशन भेजी है।
चिप लगे डिजिटल लाइसेंस बनने के बाद करीब डेढ़ लाख कागज वाले लाइसेंस कागज बन जाएंगे और उनको बदलकर नये चीप वाले स्मार्ट कार्ड लाइसेंस बनाए जाएंगे। परिवहन विभाग की मंशा है कि डुप्लीकेसी रोकी जाए यानी दो-दो लाइसेंस लिए या नकली लाइसेंस बनाने वालों पर रोक लग सके। चिप वाले डिजिटल लाइसेंस बहुत कुछ वाहनों के लिए शुरू की गई हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की तरह होगा। चीप में ही लाइसेंस धारक की पूरी जानकारी होगी। डिजिटल लाइसेंस का एक फायदा यह भी होगा कि लाइसेंस धारक का पूरा डाटा ऑनलाइन होगा। इसके लिए डिजिटल लाइसेंस बनाने वाली एक प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधियों ने आरटीए कार्यालय, ई-दिशा केंद्र का निरीक्षण भी किया और यहां बनने वाले लाइसेंस की जानकारी ली।
मशीन के सामने आते ही पुलिस के सामने होगी पूरी जानकारी
जिस तरह हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की चीप पर मशीन लगाते ही वाहन की पूरी जानकारी पुलिस के सामने आ जाती है, उसी तरह अब लाइसेंस भी मशीन में लगाते ही पूरी जानकारी पुलिस के समक्ष आ जाएगी। इससे पुलिस को काफी फायदा होगा और चोर व फर्जीवाड़ा करने वालों को पकड़ने में भी आसानी होगी।
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देनी होगी अतिरिक्त फीस
डिजिटल लाइसेंस यानी स्मार्ट कार्ड लाइसेंस के लिए कुछ अतिरिक्त फीस का भी प्रावधान रहेगा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की तरह ही इसकी फीस निर्धारित की जाएगी। संभावना है कि दो सौ रुपये फीस निर्धारित की जाए। पहले नए बनने वाले लाइसेंस को चीप लगा डिजिटल स्मार्ट लाइसेंस बनाया जाएगा और उसके बाद धीरे-धीरे पुराने लाइसेंस को बदला जाएगा।
चीप लगे डिजिटल लाइसेंस बनाए जाने हैं। एसडीएम कार्यालय डिजिटल लाइसेंस के कार्य को देख रहा है। चीप लगा स्मार्ट लाइसेंस बनने से फर्जीवाड़ा और डुप्लीकेसी रुकेगी।
अनिल कुमार, सहायक आरटीए, परिवहन विभाग
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चिप लगे डिजिटल लाइसेंस बनने के बाद करीब डेढ़ लाख कागज वाले लाइसेंस कागज बन जाएंगे और उनको बदलकर नये चीप वाले स्मार्ट कार्ड लाइसेंस बनाए जाएंगे। परिवहन विभाग की मंशा है कि डुप्लीकेसी रोकी जाए यानी दो-दो लाइसेंस लिए या नकली लाइसेंस बनाने वालों पर रोक लग सके। चिप वाले डिजिटल लाइसेंस बहुत कुछ वाहनों के लिए शुरू की गई हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की तरह होगा। चीप में ही लाइसेंस धारक की पूरी जानकारी होगी। डिजिटल लाइसेंस का एक फायदा यह भी होगा कि लाइसेंस धारक का पूरा डाटा ऑनलाइन होगा। इसके लिए डिजिटल लाइसेंस बनाने वाली एक प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधियों ने आरटीए कार्यालय, ई-दिशा केंद्र का निरीक्षण भी किया और यहां बनने वाले लाइसेंस की जानकारी ली।
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मशीन के सामने आते ही पुलिस के सामने होगी पूरी जानकारी
जिस तरह हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की चीप पर मशीन लगाते ही वाहन की पूरी जानकारी पुलिस के सामने आ जाती है, उसी तरह अब लाइसेंस भी मशीन में लगाते ही पूरी जानकारी पुलिस के समक्ष आ जाएगी। इससे पुलिस को काफी फायदा होगा और चोर व फर्जीवाड़ा करने वालों को पकड़ने में भी आसानी होगी।
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देनी होगी अतिरिक्त फीस
डिजिटल लाइसेंस यानी स्मार्ट कार्ड लाइसेंस के लिए कुछ अतिरिक्त फीस का भी प्रावधान रहेगा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की तरह ही इसकी फीस निर्धारित की जाएगी। संभावना है कि दो सौ रुपये फीस निर्धारित की जाए। पहले नए बनने वाले लाइसेंस को चीप लगा डिजिटल स्मार्ट लाइसेंस बनाया जाएगा और उसके बाद धीरे-धीरे पुराने लाइसेंस को बदला जाएगा।
चीप लगे डिजिटल लाइसेंस बनाए जाने हैं। एसडीएम कार्यालय डिजिटल लाइसेंस के कार्य को देख रहा है। चीप लगा स्मार्ट लाइसेंस बनने से फर्जीवाड़ा और डुप्लीकेसी रुकेगी।
अनिल कुमार, सहायक आरटीए, परिवहन विभाग