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केंद्रीय सर्वे टीम के आगे फिर खुली शहर की स्वच्छता की पोल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2017 01:05 AM IST
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सर्वे टीम
- फोटो : अमर उजाला
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भिवानी देश के दस सबसे गंदे शहरों की सूची में शुमार भिवानी शहर की स्वच्छता की पोल केंद्रीय सर्वे टीम के सामने खुल गई। शहर के शौचालय में टॉयलेट सीट ही नहीं मिली है तो कहीं टोंटी गायब है और न ही लाइट की व्यवस्था है। कचरे के ढेर लगे है तो अधिकतर जगह डस्टबिन ही नहीं है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने इन खामियों के अपने कैमरे में कैद किया। देखने वाली बात यह है कि इस बार शहर को स्वच्छता में क्या रैंकिंग मिलती है। रैंकिंग को लेकर शहर उत्सुक है।
केंद्र सरकार की ओर से देशभर के पांच सौ शहरों में स्वच्छता सर्वे करवाया जा रहा है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि चयनित शहरों में जाकर स्वच्छता का जायजा ले रहे है। इसी के तहत दो सदस्यीय टीम क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सीनियर एसेसर सुशील कुमार व जूनियर एसेसर सुनील कुमार दिल्ली से भिवानी पहुंचे। नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैठक कर सीनियर एसेसर सुशील कुमार ने नगर परिषद में डॉक्यूमेंट्स की जांच की तो जूनियर एसेसर सुनील कुमार ने नगर परिषद कर्मचारियों जेई सौहार्द और सेनेटरी इंस्पेक्टर ब्रह्मजीत के साथ शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में सफाई व्यवस्था ज्यादा अच्छी नहीं मिली। बावड़ी गेट पर सिंघीकाट मोहल्ला में बने सार्वजनिक शौचालय में टोंटी ही नहीं थी। बाहर की साइड स्टैंड टॉयलेट सीट ही गायब थी। जगह-जगह गंदगी थी तो पिछड़े क्षेत्रों में रह रहे लोगों की बस्ती के फोटो खींच भी अपलोड किए गए। जूनियर एसेसर सुनील कुमार ने शहर के चार-पांच स्थानों अनाज मंडी क्षेत्र, शिव नगर, सिंघीकाट मोहल्ला, एमसी कॉलोनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हर क्षेत्र की रिपोर्ट साथ-साथ अपने अधिकारियों को दी।
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दो हजार में से मिलेंगे अंक
केंद्रीय मंत्रालय की ओर से सर्वेक्षण के लिए दो हजार अंक निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें तीन भागों में बांटा गया है। इनमें स्वच्छता के लिए किए जा रहे कार्यों के डाक्यूमेंट की जांच है। जिसके लिए नौ सौ अंक निर्धारित किए गए है। निरीक्षण के पांच सौ अंक निर्धारित किए गए और छह सौ अंक पब्लिक फीडबैक के है। इन मापदंडों के आधार पर शहर की रेटिंग निर्धारित की जाएगी।
साहब 20 रुपये भी दिन के नहीं आते, शौचालय को बना रखा घर
सिंघीकाट मोहल्ला में सार्वजनिक शौचालय के निरीक्षण के दौरान ठेका लेने वाले व्यक्ति ने बताया कि दो रुपये शौच के लेते है मगर दिनभर में 20 रुपये भी नहीं कमा पाते। यहां कोई आता ही नहीं। वहीं शौचालय के स्टोर में ही उक्त व्यक्ति ने अपनी रिहायश कर रखी है। शौचालय को ही घर बना रखा है।
कचरे को किया आग के हवाले
सर्वे टीम के आने से कुछ घंटे पहले नगर परिषद कर्मचारियों ने कहने को तो सुबह-सवेरे सफाई अभियान चलाया मगर सफाई अभियान ऐसा कि सभी हैरान। कुछ जगह तो सफाई कर्मचारियों ने कचरा इकट्ठा किया और कचरे के ढेर में आग लगा दी और हो गई सफाई। रात को सफाई दरोगाओं को हिदायत देने के बाद सफाई कर्मचारियों ने बुधवार सुबह सफाई अभियान चलाया। सफाई कर्मचारियों को सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और बिजली, पानी की व्यवस्था करने बारे विशेष हिदायत दी गई थी। साथ ही हर प्वाइंट से कचरे की सफाई। निर्देशों के बाद सफाई कर्मचारियों ने सफाई अभियान चलाया। चूंकि स्वच्छता निरीक्षण के लिए टीम आनी थी तो नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी हरदीप सिंह ने भी सुबह-सवेरे करीब सात बजे शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
* शहर में स्वच्छता का हाल, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, साथ ही आमजन की राय
* सफाई उपकरणों की स्थिति, कितने है, कितनी जरूरत है, मौजूदा उपकरणों की हालत, कितने खराब है
* स्टाफ की स्थिति, स्टाफ की कार्यप्रणाली, स्टाफ को दी जा रही सुविधाएं
* सब्जी मंडी, अनाज मंडी, मीट मार्केट की स्थिति
* घरों में स्कीम के तहत बनाये जा रहे शौचालयों की जांच
देश के दस सबसे गंदे शहरों में शामिल छोटी काशी
कहने को भिवानी को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। मगर यह छोटी काशी पिछले साल कराए गए देशव्यापी सर्वे में सबसे 10 सबसे गंदे शहरों में शामिल थी। शहर पर लगे इस कलंक को हटाने के लिए प्रशासन को शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखना चाहिए था। मगर पिछले एक साल में इस दिशा में प्रशासन की तरफ से कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किए गए।
चुनाव के चलते नहीं कर पाए फोकस
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की दो सदस्यीय टीम निरीक्षण के लिए भिवानी आई है। एक सदस्य ने कागजात की जांच की है तो एक ने शहर का निरीक्षण किया है। नगर परिषद चुनावों के चलते सफाई पर ज्यादा फोकस नहीं कर पाए, मगर अब जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
हरदीप सिंह कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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केंद्र सरकार की ओर से देशभर के पांच सौ शहरों में स्वच्छता सर्वे करवाया जा रहा है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि चयनित शहरों में जाकर स्वच्छता का जायजा ले रहे है। इसी के तहत दो सदस्यीय टीम क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सीनियर एसेसर सुशील कुमार व जूनियर एसेसर सुनील कुमार दिल्ली से भिवानी पहुंचे। नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैठक कर सीनियर एसेसर सुशील कुमार ने नगर परिषद में डॉक्यूमेंट्स की जांच की तो जूनियर एसेसर सुनील कुमार ने नगर परिषद कर्मचारियों जेई सौहार्द और सेनेटरी इंस्पेक्टर ब्रह्मजीत के साथ शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण में सफाई व्यवस्था ज्यादा अच्छी नहीं मिली। बावड़ी गेट पर सिंघीकाट मोहल्ला में बने सार्वजनिक शौचालय में टोंटी ही नहीं थी। बाहर की साइड स्टैंड टॉयलेट सीट ही गायब थी। जगह-जगह गंदगी थी तो पिछड़े क्षेत्रों में रह रहे लोगों की बस्ती के फोटो खींच भी अपलोड किए गए। जूनियर एसेसर सुनील कुमार ने शहर के चार-पांच स्थानों अनाज मंडी क्षेत्र, शिव नगर, सिंघीकाट मोहल्ला, एमसी कॉलोनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हर क्षेत्र की रिपोर्ट साथ-साथ अपने अधिकारियों को दी।
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दो हजार में से मिलेंगे अंक
केंद्रीय मंत्रालय की ओर से सर्वेक्षण के लिए दो हजार अंक निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें तीन भागों में बांटा गया है। इनमें स्वच्छता के लिए किए जा रहे कार्यों के डाक्यूमेंट की जांच है। जिसके लिए नौ सौ अंक निर्धारित किए गए है। निरीक्षण के पांच सौ अंक निर्धारित किए गए और छह सौ अंक पब्लिक फीडबैक के है। इन मापदंडों के आधार पर शहर की रेटिंग निर्धारित की जाएगी।
साहब 20 रुपये भी दिन के नहीं आते, शौचालय को बना रखा घर
सिंघीकाट मोहल्ला में सार्वजनिक शौचालय के निरीक्षण के दौरान ठेका लेने वाले व्यक्ति ने बताया कि दो रुपये शौच के लेते है मगर दिनभर में 20 रुपये भी नहीं कमा पाते। यहां कोई आता ही नहीं। वहीं शौचालय के स्टोर में ही उक्त व्यक्ति ने अपनी रिहायश कर रखी है। शौचालय को ही घर बना रखा है।
कचरे को किया आग के हवाले
सर्वे टीम के आने से कुछ घंटे पहले नगर परिषद कर्मचारियों ने कहने को तो सुबह-सवेरे सफाई अभियान चलाया मगर सफाई अभियान ऐसा कि सभी हैरान। कुछ जगह तो सफाई कर्मचारियों ने कचरा इकट्ठा किया और कचरे के ढेर में आग लगा दी और हो गई सफाई। रात को सफाई दरोगाओं को हिदायत देने के बाद सफाई कर्मचारियों ने बुधवार सुबह सफाई अभियान चलाया। सफाई कर्मचारियों को सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और बिजली, पानी की व्यवस्था करने बारे विशेष हिदायत दी गई थी। साथ ही हर प्वाइंट से कचरे की सफाई। निर्देशों के बाद सफाई कर्मचारियों ने सफाई अभियान चलाया। चूंकि स्वच्छता निरीक्षण के लिए टीम आनी थी तो नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी हरदीप सिंह ने भी सुबह-सवेरे करीब सात बजे शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
* शहर में स्वच्छता का हाल, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, साथ ही आमजन की राय
* सफाई उपकरणों की स्थिति, कितने है, कितनी जरूरत है, मौजूदा उपकरणों की हालत, कितने खराब है
* स्टाफ की स्थिति, स्टाफ की कार्यप्रणाली, स्टाफ को दी जा रही सुविधाएं
* सब्जी मंडी, अनाज मंडी, मीट मार्केट की स्थिति
* घरों में स्कीम के तहत बनाये जा रहे शौचालयों की जांच
देश के दस सबसे गंदे शहरों में शामिल छोटी काशी
कहने को भिवानी को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। मगर यह छोटी काशी पिछले साल कराए गए देशव्यापी सर्वे में सबसे 10 सबसे गंदे शहरों में शामिल थी। शहर पर लगे इस कलंक को हटाने के लिए प्रशासन को शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखना चाहिए था। मगर पिछले एक साल में इस दिशा में प्रशासन की तरफ से कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किए गए।
चुनाव के चलते नहीं कर पाए फोकस
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की दो सदस्यीय टीम निरीक्षण के लिए भिवानी आई है। एक सदस्य ने कागजात की जांच की है तो एक ने शहर का निरीक्षण किया है। नगर परिषद चुनावों के चलते सफाई पर ज्यादा फोकस नहीं कर पाए, मगर अब जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
हरदीप सिंह कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद