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सास की शिकायत पर दो चिकित्सकों पर केस दर्ज
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भिवानी। गर्भवती का गलत ऑपरेशन करने से नवजात शिशु व महिला की मौत मामले में सास की शिकायत पर शहर के निजी अस्पताल के दो चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
शहर के औद्योगिक पुलिस थाना में दी शिकायत में मंढाणा निवासी उषा ने बताया कि उसकी पुत्रवधू अनीता की गत अगस्त 2021 में डिलीवरी होनी थी। वो डिलीवरी के लिए अपनी पुत्रवधू को रोहतक गेट स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर आए। डिलीवरी के लिए चिकित्सक ने उनसे एक लाख रुपये लिए और इस रकम की रसीद उनको नहीं सौंपी। इसके अलावा उन्होंने शिकायत में बताया कि चिकित्सक ने उसकी पुत्रवधू का गलत ऑपरेशन कर दिया। जिसके बाद उसकी पुत्रवधू बेहोश हो गई और कोमा में चली गई। ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों ने उसकी पुत्रवधू को जबरदस्ती रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। वहीं, जब परिजन अस्पताल में दी गई फीस की रसीद लेने जाते तो आरोपी चिकित्सक उनके साथ गाली-गलौज करता।
उषा ने शिकायत में बताया कि उसका बेटा संदीप अनपढ़ और दिव्यांग है। उषा का आरोप है कि पांच अगस्त 2021 को उसकी पुत्रवधू अनीता ने निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद से ही उसकी पुत्रवधू को होश नहीं आया था। बाद में उसकी पुत्रवधू को रोहतक पीजीआई भेजा तो वहां पर भी उसको होश नहीं आया। उन्हें इलाज से जुड़ी कोई फाइल व दस्तावेज तक नहीं दिखाए। रोहतक पीजीआई में नवजात बच्ची व कोमा में गई महिला की मौत हो गई। मामले की शिकायत सीएमओ को भी दी गई। सीएमओ कार्यालय द्वारा मामले की जांच कराई गई जिसमें चिकित्सक की लापरवाही उजागर हुई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी शिकायत पर औद्योगिक पुलिस थाना में उषा की शिकायत पर आरोपी चिकित्सक डॉ गौरव व डॉ अनिल कुमार गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए के तहत केस दर्ज किया है।
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शहर के औद्योगिक पुलिस थाना में दी शिकायत में मंढाणा निवासी उषा ने बताया कि उसकी पुत्रवधू अनीता की गत अगस्त 2021 में डिलीवरी होनी थी। वो डिलीवरी के लिए अपनी पुत्रवधू को रोहतक गेट स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर आए। डिलीवरी के लिए चिकित्सक ने उनसे एक लाख रुपये लिए और इस रकम की रसीद उनको नहीं सौंपी। इसके अलावा उन्होंने शिकायत में बताया कि चिकित्सक ने उसकी पुत्रवधू का गलत ऑपरेशन कर दिया। जिसके बाद उसकी पुत्रवधू बेहोश हो गई और कोमा में चली गई। ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों ने उसकी पुत्रवधू को जबरदस्ती रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। वहीं, जब परिजन अस्पताल में दी गई फीस की रसीद लेने जाते तो आरोपी चिकित्सक उनके साथ गाली-गलौज करता।
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उषा ने शिकायत में बताया कि उसका बेटा संदीप अनपढ़ और दिव्यांग है। उषा का आरोप है कि पांच अगस्त 2021 को उसकी पुत्रवधू अनीता ने निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद से ही उसकी पुत्रवधू को होश नहीं आया था। बाद में उसकी पुत्रवधू को रोहतक पीजीआई भेजा तो वहां पर भी उसको होश नहीं आया। उन्हें इलाज से जुड़ी कोई फाइल व दस्तावेज तक नहीं दिखाए। रोहतक पीजीआई में नवजात बच्ची व कोमा में गई महिला की मौत हो गई। मामले की शिकायत सीएमओ को भी दी गई। सीएमओ कार्यालय द्वारा मामले की जांच कराई गई जिसमें चिकित्सक की लापरवाही उजागर हुई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी शिकायत पर औद्योगिक पुलिस थाना में उषा की शिकायत पर आरोपी चिकित्सक डॉ गौरव व डॉ अनिल कुमार गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए के तहत केस दर्ज किया है।
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