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दोबारा भेजा नए मार्ग का प्रपोजल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2016 01:05 AM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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भिवानी में महज ढाई साल पहले बने मार्ग पर फिर से 60 लाख रुपये खर्च करने की तैयारी हो गई है। दरअसल मार्ग की हालत ही इतनी खस्ता हो गई कि दोबारा से नए मार्ग निर्माण का प्रपोजल भेजना पड़ा। हम बात कर रहे है हुडा पार्क के सामने बासिया भवन से कोर्ट गेट तक के मार्ग की। मिट्टी खिसकने से अनेक जगह से मार्ग धंस चुका है और यहां हादसे हो रहे है। गड्ढों से लोगों को बचाने के लिए विभाग ने यहां रोडे डलवाये मगर ये राहत कम आफत ज्यादा बन गए है।
करीब तीन साल पहले चिड़ियाघर मार्ग से पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लिए सीवर लाइन डाली गई थी और अलग सीवरेज प्लांट बनाया गया था। उस दौरान हुडा पार्क के सामने के मुख्य मार्ग को उखाड़ दिया गया था। सीवर लाइन डाले जाने के बाद कुछ राशि जनस्वास्थ्य विभाग ने हुडा को दी और कुछ हुडा ने अपनी ओर से लगाई। करीब लाखों की लागत से सड़क निर्माण करवाया गया। मगर बेस सही नहीं होने के कारण छह महीने में ही मार्ग धंस गया। उसके बाद ठेकेदार ने मार्ग को बेस से ठीक करने की बजाए धंसे हुए हिस्से पर ही रोडे डलवाकर पैचवर्क कर दिया। पैच वर्क भी कुछ ही समय में धंस गया।
बेस के कारण धंसी सड़क
हुडा विभाग के अधिकारी स्वयं मानते है कि बेस कमजोर होने के कारण मिट्टी खिसकी और सड़क धंसी। हुडा अधिकारी इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दोषी बता रहे है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि सीवर लाइन डालने के बाद मिट्टी अच्छी तरह भरने की बजाए वैसे ही डाल दी। ऊपर से सीवर लाइन में भी लीकेज छोड़ दी। जिस कारण पानी मिट्टी में जाता रहा और मिट्टी खिसकी। मार्ग की हालत सुधारने के लिए हुडा विभाग के अधिकारियों ने 60 लाख का प्रपोजल तैयार कर मुख्यालय मंजूरी के लिए भिजवाया है।
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सड़क मार्ग के निर्माण के बाद तीन साल तक ठेका ठेकेदार का होता है। ठेकेदार की ठेका अवधि खत्म हो चुकी है। मार्ग की हालत खस्ता है और इसे बनाया जाना जरूरी है। इसके लिए 60 लाख का प्रपोजल भेजा गया है।
नरेश शर्मा, एसडीओ, हुडा विभाग
करीब तीन साल पहले चिड़ियाघर मार्ग से पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लिए सीवर लाइन डाली गई थी और अलग सीवरेज प्लांट बनाया गया था। उस दौरान हुडा पार्क के सामने के मुख्य मार्ग को उखाड़ दिया गया था। सीवर लाइन डाले जाने के बाद कुछ राशि जनस्वास्थ्य विभाग ने हुडा को दी और कुछ हुडा ने अपनी ओर से लगाई। करीब लाखों की लागत से सड़क निर्माण करवाया गया। मगर बेस सही नहीं होने के कारण छह महीने में ही मार्ग धंस गया। उसके बाद ठेकेदार ने मार्ग को बेस से ठीक करने की बजाए धंसे हुए हिस्से पर ही रोडे डलवाकर पैचवर्क कर दिया। पैच वर्क भी कुछ ही समय में धंस गया।
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बेस के कारण धंसी सड़क
हुडा विभाग के अधिकारी स्वयं मानते है कि बेस कमजोर होने के कारण मिट्टी खिसकी और सड़क धंसी। हुडा अधिकारी इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दोषी बता रहे है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि सीवर लाइन डालने के बाद मिट्टी अच्छी तरह भरने की बजाए वैसे ही डाल दी। ऊपर से सीवर लाइन में भी लीकेज छोड़ दी। जिस कारण पानी मिट्टी में जाता रहा और मिट्टी खिसकी। मार्ग की हालत सुधारने के लिए हुडा विभाग के अधिकारियों ने 60 लाख का प्रपोजल तैयार कर मुख्यालय मंजूरी के लिए भिजवाया है।
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सड़क मार्ग के निर्माण के बाद तीन साल तक ठेका ठेकेदार का होता है। ठेकेदार की ठेका अवधि खत्म हो चुकी है। मार्ग की हालत खस्ता है और इसे बनाया जाना जरूरी है। इसके लिए 60 लाख का प्रपोजल भेजा गया है।
नरेश शर्मा, एसडीओ, हुडा विभाग