फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Bhiwani Mining Accident: Truck drivers strike and cold weather saved many lives

भिवानी: ट्रक चालकों की हड़ताल और सर्द मौसम से बची कई लोगों की जान, 50 से ज्यादा चालक किराया बढ़ाने की मांग को लेकर थे हड़ताल पर

Sun, 02 Jan 2022 11:01 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, तोशाम, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, तोशाम, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 02 Jan 2022 11:01 PM IST
सार

भिवानी की डाडम खदान में काम पर आए डंपर चालक भी सर्द मौसम के धूप चलते सेंक रहे थे, सभी लोग काम पर होते तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।

विज्ञापन
Bhiwani Mining Accident: Truck drivers strike and cold weather saved many lives
हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जाको राखे साइयां, मार सके न कोय वाली कहावत शनिवार को डाडम में चरितार्थ हो गई। दरअसल गांव बागनवाला के 50 से ज्यादा डंपर उस खनन क्षेत्र में पत्थर ढोने का काम करते हैं, जहां पर पहाड़ का हिस्सा गिरा था। वे सभी किराया बढ़ाने की मांग को लेकर को हड़ताल पर थे। वहीं दूसरी ओर जो वाहन चालक काम पर आए थे वे भी सर्द मौसम की वजह से धूप सेंकने के लिए साइट से 200 मीटर दूर बैठे थे। अगर वे सभी लोग पत्थर गिरने वाली जगह पर होते तो जनहानि बहुत ज्यादा बड़ी हो सकती थी। 

विज्ञापन


डाडम में पहाड़ खिसकने के कारण बड़ी-बड़ी शिलाएं वहां खनन कर रहे वाहनों और डंपरों पर आ गिरीं। पत्थर इतने बड़े थे कि उनके नीचे दबकर वाहन चकनाचूर हो गए। इस हादसे में अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। एक घायल को अस्पताल से छुट्टी भी मिल चुकी है। 

विज्ञापन

क्रशर के दाम बढ़ने पर कर रहे थे किराया बढ़ाने की मांग

डंपर चालकों ने बताया कि दो महीने तक क्रशर बंद रहने के कारण बाजार में भवन निर्माण सामग्री की किल्लत हो गई थी, जिसके कारण दाम भी बढ़ गए थे। दोबारा से क्रशर शुरू होने के बाद भी एकदम पहले वाले दाम नहीं किए गए। हालांकि दाम कुछ कम किए गए, मगर वे पहले से ज्यादा ही रहे। इसी को देखते हुए डंपर चालकों ने भी अपना किराया बढ़ाने की मांग की थी। मांग नहीं माने जाने पर डंपर चालकों ने काम नहीं करने का फैसला लिया और हड़ताल कर दी। इस हड़ताल में शामिल ज्यादातर डंपर चालक गांव बागनवाला से हैं। अगर वे सभी काम पर होते तो यह हादसा गांव बागनवाला के लिए तबाही का कारण बन जाता।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक घंटा पहले या बाद में हादसा होता तो भी नुकसान ज्यादा होता

वहां मजदूरी करने वाले हिमाचल निवासी गुरमेल सिंह ने बताया कि जिस समय यह हादसा हुआ उस समय पहले काम कर रहे श्रमिकों की शिफ्ट खत्म हो गई थी। वे साइट से दूर चले गए थे और दूसरी शिफ्ट के कर्मचारी साइट पर नहीं पहुंचे थे। अगर यह हादसा एक घंटा पहले या बाद में होता तो बहुत बड़े स्तर पर नुकसान होता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed