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Bhiwani News: कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ
Mon, 05 May 2025 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 05 May 2025 10:51 PM IST
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भागवत कथा के शुभारंभ पर आयोजित कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु।
भिवानी। जैन चौक स्थित श्री ज्ञान आश्रम में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ आयोजित किया जा रहा है। इसका शुभारंभ सोमवार को कलश यात्रा निकालकर किया गया। यहां भागवत भूषण आचार्य सुरेश कौशिक 12 मई तक रोज शाम तीन बजे से सात बजे तक कथा सुनाएंगे।
डोभी तालाब स्थित गीता भवन से बैंड-बाजे के साथ कथा शुरू हुई, जो कि विभिन्न मार्गों से होकर श्री ज्ञान आश्रम पर पहुंची। कथा का आयोजन आश्रम महंत जान सिंह महाराज के सान्निध्य में किया जा रहा है।
पहले दिन कथावाचक भागवत भूषण आचार्य सुरेश कौशिक ने श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं, अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय भी होता है।
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आचार्य सुरेश ने कहा कि कथा सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद्भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान किया था। जहां संत कुमारों ने भागवत का प्रवचन कर नारद के मन का संशय दूर किया।
इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से सुना और प्रेत योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप मिट जाते हैं। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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डोभी तालाब स्थित गीता भवन से बैंड-बाजे के साथ कथा शुरू हुई, जो कि विभिन्न मार्गों से होकर श्री ज्ञान आश्रम पर पहुंची। कथा का आयोजन आश्रम महंत जान सिंह महाराज के सान्निध्य में किया जा रहा है।
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पहले दिन कथावाचक भागवत भूषण आचार्य सुरेश कौशिक ने श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं, अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय भी होता है।
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आचार्य सुरेश ने कहा कि कथा सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद्भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान किया था। जहां संत कुमारों ने भागवत का प्रवचन कर नारद के मन का संशय दूर किया।
इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से सुना और प्रेत योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप मिट जाते हैं। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।