{"_id":"69f391ce79373a1a08043511","slug":"attack-on-foot-and-mouth-disease283000-animals-will-be-vaccinated-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-150458-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: मुंहखुर-गलघोटू पर वार...दो लाख 83 हजार पशुओं का होगा टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: मुंहखुर-गलघोटू पर वार...दो लाख 83 हजार पशुओं का होगा टीकाकरण
Thu, 30 Apr 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:00 PM IST
विज्ञापन
भिवानी। जिले में पशुधन की सुरक्षा और पशुपालकों की आर्थिक मजबूती के लिए पशुपालन विभाग द्वारा विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत करीब 2 लाख 83 हजार पशुओं को मुंहखुर और गलघोटू जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। यह अभियान मई के पहले सप्ताह से शुरू होगा।
अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए वीरवार को हांसी रोड स्थित एक निजी संस्थान में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने निर्देश दिए कि जिले का कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए नारा दिया कि एक भी पशु छूटे नहीं सुरक्षा चक्र टूटे नहीं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां मुंहखुर और गलघोटू की संयुक्त वैक्सीन लगाई जाती है। यह वैक्सीन प्रभावी होने के साथ पशुओं को बार-बार टीकाकरण के तनाव से भी बचाती है। मुंहखुर रोग से पशुओं का दूध उत्पादन प्रभावित होता है जबकि गलघोटू जानलेवा बीमारी है जिसमें पशु को सांस लेने में कठिनाई होती है।
विज्ञापन
डॉ. सहरावत ने बताया कि वैक्सीन से दूध कम होना या गर्भपात होना केवल अफवाह है। टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। यदि टीका लगने के बाद पशु को हल्का बुखार हो तो सामान्य दवा और भिगोया हुआ गुड़ देने से आराम मिल सकता है।
उपमंडलाधिकारी डॉ. राजेश जाखड़ ने बताया कि इस बार पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रत्येक टीकाकृत पशु के कान में टैग लगाया जाएगा और उसकी जानकारी भारत पशुधन एप पर अपलोड की जाएगी जिससे डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। उन्होंने बताया कि वैक्सीन का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना जरूरी है जिसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। बैठक में डॉ. राजकुमार बैनिवाल, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. सुनील यादव, डॉ. अशोक गुप्ता और डॉ. विजय सनसनवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए वीरवार को हांसी रोड स्थित एक निजी संस्थान में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने निर्देश दिए कि जिले का कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए नारा दिया कि एक भी पशु छूटे नहीं सुरक्षा चक्र टूटे नहीं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां मुंहखुर और गलघोटू की संयुक्त वैक्सीन लगाई जाती है। यह वैक्सीन प्रभावी होने के साथ पशुओं को बार-बार टीकाकरण के तनाव से भी बचाती है। मुंहखुर रोग से पशुओं का दूध उत्पादन प्रभावित होता है जबकि गलघोटू जानलेवा बीमारी है जिसमें पशु को सांस लेने में कठिनाई होती है।
विज्ञापन
डॉ. सहरावत ने बताया कि वैक्सीन से दूध कम होना या गर्भपात होना केवल अफवाह है। टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। यदि टीका लगने के बाद पशु को हल्का बुखार हो तो सामान्य दवा और भिगोया हुआ गुड़ देने से आराम मिल सकता है।
उपमंडलाधिकारी डॉ. राजेश जाखड़ ने बताया कि इस बार पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रत्येक टीकाकृत पशु के कान में टैग लगाया जाएगा और उसकी जानकारी भारत पशुधन एप पर अपलोड की जाएगी जिससे डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। उन्होंने बताया कि वैक्सीन का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना जरूरी है जिसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। बैठक में डॉ. राजकुमार बैनिवाल, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. सुनील यादव, डॉ. अशोक गुप्ता और डॉ. विजय सनसनवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।