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Bhiwani News: अटल भूजल योजना देगी तोशाम और कैरू के डेंजर जोन में गिरते जलस्तर को सहारा
Mon, 04 Mar 2024 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 04 Mar 2024 01:13 AM IST
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भिवानी। अब अटल भूजल योजना तोशाम और कैरू डेंजर जोन के गांवों में गिरते भूजल को सहारा देगी, वहीं सूख चुके तालाबों में जल समस्याओं का हल होगा। सिंचाई विभाग तोशाम और कैरू खंड के चार बड़े गांवों के तालाबों को सीधे नहरों से पाइप लाइन से जोड़ेगा। इतना ही नहीं गांव बिजलानाबास में अलग से जलाशय बनेगा। जिसमें सूखे के दौरान नहरी पानी का भंडारण होगा। इसका बाद में सिंचाई व पेयजल जरूरतों के लिए इस्तेमाल करना भी संभव होगा।
सिंचाई विभाग के इस कदम से रेतीले इलाके में गर्मियों के मौसम में पानी का संकट कम होगा, वहीं भूमिगत जल स्तर बढ़ाने में भी काफी मदद मिलेगी। इन सिंचाई परियोजनाओं के लिए मुख्यालय से दो करोड़ 75 लाख के बजट को मंजूरी मिली है। जिसके बाद सिंचाई अधिकारी इन परियोजनाओं की अगले सप्ताह से टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने की तैयारियों में भी जुट गए हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार की अटल भूजल योजना के तहत सिंचाई विभाग ने खंड तोशाम और कैरू के चार गांवों का चयन किया है। इनमें तोशाम क्षेत्र के गांव भानगढ़, जीतवानबास, कैरू खंड के गांव कैरू और जूई शामिल हैं। इन चारों गांवों में जूई नहर सिस्टम से बड़े तालाबों को सीधा पाइप लाइन से जोड़ दिया जाएगा। जब भी नहर में पानी आएगा। ये जोहड़ पानी से लबालब होंगे। इसमें ज्यादातर गर्मी के मौसम में जलसंकट के हालात बनते हैं, क्योंकि यहां रेतीला इलाका राजस्थान का सीमांत है। जिसकी वजह से गर्मियों में यहां लोगों के लिए पीने के पानी के साथ-साथ पशुओं को भी जोहड़ में पानी के लाले पड़ जाते हैं। ऐसे में अब नहर से सीधा जोहड़ तक एक फुट चौड़े पाइप से पानी पहुंचेगा। जिससे पशुओं के लिए गर्मी में पानी की कोई कमी नहीं होगी। वहीं, लगातार नीचे गिरते भूमिगत जल स्तर को भी सहारा मिलेगा। संवाद
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जलाशय तैयार करने का मसौदा मुख्यालय भेजा
गांव बिजलानावास में करीब दो एकड़ पंचायती भूमि को जलाशय के लिए चिह्नित किया है। जिस पर सिंचाई विभाग ने करीब दो करोड़ की अनुमानित लागत से तालाब बनाने का मसौदा मुख्यालय भेज दिया है। इस तालाब को जूई कैनाल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। कैनाल से लाखों लीटर पानी इस जलाशय में भंडारित किया जाएगा। जिसे सूखे के दौरान या फिर गर्मियों में पेयजल जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जूई कैनाल लिफ्ट इरिगेशन यानी उठान सिंचाई परियोजना से जुड़ी है। ऐसे में तोशाम, कैरू, लोहारू और सिवानी तक इस सिस्टम से खेतों में सिंचाई होती है। यहां का भूमिगत जलस्तर भी डेढ़ सौ से 200 फुट तक नीचे जा चुका है। इस योजना से भूमिगत जलस्तर में भी सुधार होगा।
सिंचाई विभाग जूई डिविजन के तहत आने वाले जूई कैनाल सिस्टम पर गांव बिजलानाबास में जलाशय तैयार किया जाएगा। जिसका मसौदा मुख्यालय भेजा गया है। इसी के साथ तोशाम और कैरू क्षेत्र के गांव भानगढ़, जीतवानबास, कैरू और जूई में तालाबों को सीधा जूई सिस्टम में चैनल के जरिए जोड़ा जाएगा, ताकि भू अटल योजना के तहत इन गांवों में भूमिगत जलस्तर को ऊंचा उठाया जा सके और पशुओं के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध हो सके। तालाबों को पाइन लाइन से जोड़ने का काम जून तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि जलाशय को भी इसी साल दिसंबर तक तैयार कर दिया जाएगा।
- अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई सिस्टम वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग भिवानी।
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सिंचाई विभाग के इस कदम से रेतीले इलाके में गर्मियों के मौसम में पानी का संकट कम होगा, वहीं भूमिगत जल स्तर बढ़ाने में भी काफी मदद मिलेगी। इन सिंचाई परियोजनाओं के लिए मुख्यालय से दो करोड़ 75 लाख के बजट को मंजूरी मिली है। जिसके बाद सिंचाई अधिकारी इन परियोजनाओं की अगले सप्ताह से टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने की तैयारियों में भी जुट गए हैं।
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बता दें कि केंद्र सरकार की अटल भूजल योजना के तहत सिंचाई विभाग ने खंड तोशाम और कैरू के चार गांवों का चयन किया है। इनमें तोशाम क्षेत्र के गांव भानगढ़, जीतवानबास, कैरू खंड के गांव कैरू और जूई शामिल हैं। इन चारों गांवों में जूई नहर सिस्टम से बड़े तालाबों को सीधा पाइप लाइन से जोड़ दिया जाएगा। जब भी नहर में पानी आएगा। ये जोहड़ पानी से लबालब होंगे। इसमें ज्यादातर गर्मी के मौसम में जलसंकट के हालात बनते हैं, क्योंकि यहां रेतीला इलाका राजस्थान का सीमांत है। जिसकी वजह से गर्मियों में यहां लोगों के लिए पीने के पानी के साथ-साथ पशुओं को भी जोहड़ में पानी के लाले पड़ जाते हैं। ऐसे में अब नहर से सीधा जोहड़ तक एक फुट चौड़े पाइप से पानी पहुंचेगा। जिससे पशुओं के लिए गर्मी में पानी की कोई कमी नहीं होगी। वहीं, लगातार नीचे गिरते भूमिगत जल स्तर को भी सहारा मिलेगा। संवाद
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जलाशय तैयार करने का मसौदा मुख्यालय भेजा
गांव बिजलानावास में करीब दो एकड़ पंचायती भूमि को जलाशय के लिए चिह्नित किया है। जिस पर सिंचाई विभाग ने करीब दो करोड़ की अनुमानित लागत से तालाब बनाने का मसौदा मुख्यालय भेज दिया है। इस तालाब को जूई कैनाल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। कैनाल से लाखों लीटर पानी इस जलाशय में भंडारित किया जाएगा। जिसे सूखे के दौरान या फिर गर्मियों में पेयजल जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जूई कैनाल लिफ्ट इरिगेशन यानी उठान सिंचाई परियोजना से जुड़ी है। ऐसे में तोशाम, कैरू, लोहारू और सिवानी तक इस सिस्टम से खेतों में सिंचाई होती है। यहां का भूमिगत जलस्तर भी डेढ़ सौ से 200 फुट तक नीचे जा चुका है। इस योजना से भूमिगत जलस्तर में भी सुधार होगा।
सिंचाई विभाग जूई डिविजन के तहत आने वाले जूई कैनाल सिस्टम पर गांव बिजलानाबास में जलाशय तैयार किया जाएगा। जिसका मसौदा मुख्यालय भेजा गया है। इसी के साथ तोशाम और कैरू क्षेत्र के गांव भानगढ़, जीतवानबास, कैरू और जूई में तालाबों को सीधा जूई सिस्टम में चैनल के जरिए जोड़ा जाएगा, ताकि भू अटल योजना के तहत इन गांवों में भूमिगत जलस्तर को ऊंचा उठाया जा सके और पशुओं के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध हो सके। तालाबों को पाइन लाइन से जोड़ने का काम जून तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि जलाशय को भी इसी साल दिसंबर तक तैयार कर दिया जाएगा।
- अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई सिस्टम वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग भिवानी।