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भिवानी में रेड जोन में एक्यूआई, 465 दर्ज, सांस लेने में हो रही परेशानी
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हुडा पार्क के पास कूड़े में लगी आग से उठता धुआं। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। हवा में ठंड का नहीं, बल्कि प्रदूषण का धुआं छा रहा है। शुक्रवार को 465 के साथ ही एक्यूआई रेड जोन में पहुंच गया। जिससे सांस लेने में भी लोगों को परेशानी होने लगी।
हवा में लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बावजूद लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक नहीं है। शुक्रवार को हुडा पार्क में कूड़े के ढेर को आग के हवाले कर दिया। जिससे हवा में भी काफी ऊंचाई तक धुआं छाया। पार्क में घूमने वालों को भी काफी परेशानी हुई। मगर इस तरह की लापरवाही रोजाना ही यहां की जा रही है। कोई रोकने व टोकने वाला तक नहीं है। शुक्रवार को डाडम व खानक में सभी क्रशर बंद रहे, जबकि ईंट उद्योग पर भी बंदी का असर दिखा।
अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़
लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के वजह से अस्पताल की ओपीडी में वायरल के साथ ही प्रदूषण की चपेट में आए लोग भी अस्पताल पहुंच रहे है। हवा में घुले प्रदूषण की वजह से सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे मेें बच्चे और बुजुर्गों के साथ ही युवा भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रहती है। बुखार, खांसी के साथ ही सांस लेने के तकलीफ, फेफड़ों में संक्रमण, सांस फूलने की समस्या के मरीज आ रहे है। साथ ही शरीर में एलर्जी, त्वचा रोग और आंखों में जलन व आंखें लाल होने के मरीज भी चेकअप के लिए अस्पताल पहुंच रहे है। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ ही सावधानी रखने का परामर्श भी दे रहे है।
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पराली जलाने का नहीं आया कोई मामला सामने
कृषि उपनिदेशक डॉ. आत्माराम गोदारा ने बताया कि अब तक जिले में कोई भी पराली जलाने का मामला सामने नहीं आया है। सभी किसानों को पराली का निस्तारण के बारे में जागरूक किया जा रहा है और पराली की बिक्री के संबंध में भी काफी प्रेरित किया गया है।
क्रशर के दाम बढ़े
एनजीटी के आदेश पर खानक व डाडम जोन के क्रशरों की मशीन का शोरगुल थमा तो क्रशर के दामों में भारी उछाल आ गया। क्रशर बंद हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता है। 21 रुपये फुट बिक रहा क्रशर सीधा 24 रुपये फुट भाव तक पहुंच गया। वहीं ईंट भट्ठों के बंद होने के बाद ईंटों के दामों में भी उछाल आने की आशंका है। भवन निर्माण सामग्री के दामों में उछाल आने से कई सरकारी व बड़ी योजनाओं पर भी इसका असर पड़ेगा। वहीं आम आदमी भी महंगाई की चक्की में पिसेगा। क्रशर मालिक कृष्ण मलिक ने बताया कि रोजाना ही जिले में करीब 80 हजार टन क्रशर का उत्पादन होता है। 186 क्रशर वर्किंग हालत में हैं, जिन्हें अब बंद करा दिया है। क्रशर 21 रुपये फुट के रेट में बिक रहा था, जबकि क्रशर बंद होने के बाद इनका भाव 24 रुपये फुट हो गया है।
भिवानी शहर का 11 दिन का वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिनांक एक्यूआई
02 नवंबर 237
03 नवंबर 267
04 नवंबर 383
05 नवंबर 438
06 नवंबर 383
07 नवंबर 391
08 नवंबर 356
09 नवंबर 337
10 नवंबर 342
11 नवंबर 380
12 नवंबर 465
प्रदूषण की वजह से बढ़ी मरीजों की संख्या
शहर की हवा में बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस समय सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों संबंधित समस्या और वायरल के अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। मरीजों को दवा के साथ ही सावधानी रखने का परामर्श दिया जा रहा है, ताकि वे इस प्रदूषण से बच सकें। घर से बाहर निकलते ही मास्क का प्रयोग करें। साथ ही धूल वाली जगह पर जाने से बचें।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, भिवानी।
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हवा में लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बावजूद लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक नहीं है। शुक्रवार को हुडा पार्क में कूड़े के ढेर को आग के हवाले कर दिया। जिससे हवा में भी काफी ऊंचाई तक धुआं छाया। पार्क में घूमने वालों को भी काफी परेशानी हुई। मगर इस तरह की लापरवाही रोजाना ही यहां की जा रही है। कोई रोकने व टोकने वाला तक नहीं है। शुक्रवार को डाडम व खानक में सभी क्रशर बंद रहे, जबकि ईंट उद्योग पर भी बंदी का असर दिखा।
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अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़
लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के वजह से अस्पताल की ओपीडी में वायरल के साथ ही प्रदूषण की चपेट में आए लोग भी अस्पताल पहुंच रहे है। हवा में घुले प्रदूषण की वजह से सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे मेें बच्चे और बुजुर्गों के साथ ही युवा भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रहती है। बुखार, खांसी के साथ ही सांस लेने के तकलीफ, फेफड़ों में संक्रमण, सांस फूलने की समस्या के मरीज आ रहे है। साथ ही शरीर में एलर्जी, त्वचा रोग और आंखों में जलन व आंखें लाल होने के मरीज भी चेकअप के लिए अस्पताल पहुंच रहे है। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ ही सावधानी रखने का परामर्श भी दे रहे है।
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पराली जलाने का नहीं आया कोई मामला सामने
कृषि उपनिदेशक डॉ. आत्माराम गोदारा ने बताया कि अब तक जिले में कोई भी पराली जलाने का मामला सामने नहीं आया है। सभी किसानों को पराली का निस्तारण के बारे में जागरूक किया जा रहा है और पराली की बिक्री के संबंध में भी काफी प्रेरित किया गया है।
क्रशर के दाम बढ़े
एनजीटी के आदेश पर खानक व डाडम जोन के क्रशरों की मशीन का शोरगुल थमा तो क्रशर के दामों में भारी उछाल आ गया। क्रशर बंद हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता है। 21 रुपये फुट बिक रहा क्रशर सीधा 24 रुपये फुट भाव तक पहुंच गया। वहीं ईंट भट्ठों के बंद होने के बाद ईंटों के दामों में भी उछाल आने की आशंका है। भवन निर्माण सामग्री के दामों में उछाल आने से कई सरकारी व बड़ी योजनाओं पर भी इसका असर पड़ेगा। वहीं आम आदमी भी महंगाई की चक्की में पिसेगा। क्रशर मालिक कृष्ण मलिक ने बताया कि रोजाना ही जिले में करीब 80 हजार टन क्रशर का उत्पादन होता है। 186 क्रशर वर्किंग हालत में हैं, जिन्हें अब बंद करा दिया है। क्रशर 21 रुपये फुट के रेट में बिक रहा था, जबकि क्रशर बंद होने के बाद इनका भाव 24 रुपये फुट हो गया है।
भिवानी शहर का 11 दिन का वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिनांक एक्यूआई
02 नवंबर 237
03 नवंबर 267
04 नवंबर 383
05 नवंबर 438
06 नवंबर 383
07 नवंबर 391
08 नवंबर 356
09 नवंबर 337
10 नवंबर 342
11 नवंबर 380
12 नवंबर 465
प्रदूषण की वजह से बढ़ी मरीजों की संख्या
शहर की हवा में बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस समय सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों संबंधित समस्या और वायरल के अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। मरीजों को दवा के साथ ही सावधानी रखने का परामर्श दिया जा रहा है, ताकि वे इस प्रदूषण से बच सकें। घर से बाहर निकलते ही मास्क का प्रयोग करें। साथ ही धूल वाली जगह पर जाने से बचें।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, भिवानी।