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Bhiwani News: बाढ़ प्रभावित पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने बनाई टीमें
Sun, 07 Sep 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 07 Sep 2025 01:37 AM IST
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भिवानी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग ने टीमों का गठन किया है। विभाग के उप निदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि जिन इलाकों में पानी भरा हुआ है, वहां के पशु चिकित्सकों को आदेश दिए गए हैं कि वे पशुओं के उपचार के लिए तत्पर रहें और बीमार पशुओं के लिए दवाइयों का प्रबंध रखें।
डॉ. राजेश जाखड़ ने पशुपालकों से कहा कि वे अपने पशुओं को सूखे स्थान पर रखें, ऊंचे स्थान पर बांधें और पानी की वजह से खुर गलने से बचाएं। पशुओं के लिए पर्याप्त सूखा चारा उपलब्ध कराएं। पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि मक्खी-मच्छर से कई बीमारियां फैल सकती हैं। इसके लिए बाड़े में मच्छरदानी का प्रयोग करें और पशुओं को कृमि रहित करने वाली दवाइयां दें। उन्होंने कहा कि इन दिनों पशुओं में बुखार, भूख कम लगना और दूध उत्पादन में कमी जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं, इसलिए तुरंत पशु चिकित्सक से उपचार करवाएं। गोशाला ट्रस्ट भिवानी के प्रधान मोहनलाल बुवानीवाला ने बताया कि जिन गोशालाओं में पानी भर गया है वहां चारा उपलब्ध कराने के लिए उनकी गोशालाओं से संपर्क किया जा सकता है।
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डॉ. राजेश जाखड़ ने पशुपालकों से कहा कि वे अपने पशुओं को सूखे स्थान पर रखें, ऊंचे स्थान पर बांधें और पानी की वजह से खुर गलने से बचाएं। पशुओं के लिए पर्याप्त सूखा चारा उपलब्ध कराएं। पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि मक्खी-मच्छर से कई बीमारियां फैल सकती हैं। इसके लिए बाड़े में मच्छरदानी का प्रयोग करें और पशुओं को कृमि रहित करने वाली दवाइयां दें। उन्होंने कहा कि इन दिनों पशुओं में बुखार, भूख कम लगना और दूध उत्पादन में कमी जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं, इसलिए तुरंत पशु चिकित्सक से उपचार करवाएं। गोशाला ट्रस्ट भिवानी के प्रधान मोहनलाल बुवानीवाला ने बताया कि जिन गोशालाओं में पानी भर गया है वहां चारा उपलब्ध कराने के लिए उनकी गोशालाओं से संपर्क किया जा सकता है।
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