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Bhiwani News: अमित ने बागवानी में स्थापित किए नये आयाम
Fri, 22 Dec 2023 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 22 Dec 2023 11:08 PM IST
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अपने फार्म हाऊस में बनाए नेटहाऊस में सब्जी की देखभाल करता अमित स्वामी। संवाद
बहल।
बहल क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों को जब भी जिक्र आएगा तो अमित स्वामी सिरसी का नाम उन जुझारू किसानों में लिया जाएगा जिसने परंपरागत खेती से हटकर बागवानी में नए आयाम स्थापित किए। अमित ने खेती के बदलाव को पहले खुद आजमाया फिर क्षेत्र के किसानों को राह दिखाई। आज यह युवा किसान बागवानी किसानों के लिए आइकॉन बनकर उभरा है।
दूसरे युवाओं की तरह अमित ने ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी का रुख नहीं किया। अमित ने अपने खेत में फल, फूल और सब्जियों उगाने का नया प्रयोग किया। हालांकि, शुरू में एक दो बार असफलता हाथ लगी, पर अमित अपने लक्ष्य पर अडिग रहा। फसल खराब हुई तो उसका कारण जाना और घरौडा जैसे प्रशिक्षण केन्द्रों में जाकर सब्जी की पैदावार का प्रशिक्षण लिया। पिछले तीन सालों से लगातार अमित स्वामी सब्जियों की पैदावार से अच्छी खासी कमाई कर रहा है। वह खुद की खेती संभालने के अलावा आसपास के करीब आधा दर्जन नेट हाउस लगाकर सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों का सलाहकार के रूप में सेवाएं दे रहा है।
हरी मिर्च, खीरा, शिमला मिर्च और रंगीन गोभी की ले रहा है पैदावार
अमित ने शुरू में खीरे की फसल से अच्छा मुनाफा कमाया। लाभ से हिम्मत बनी तो फिर अमित ने गोभी की अलग अलग वैरायटी लगानी शुरू की। अब वह तीन अलग अलग रंगों की गोभी उगा रहा है। इसके अलावा हरी मिर्च, शिमला मिर्च की भी अलग-अलग वैरायटी की पैदावार ले रहा है। अमित ने पहली बार बहल क्षेत्र में हरी मिर्च, टमाटर, घीया, तौरी, तरबूज, खरबूजा सहित अन्य फल और सब्जियां लगाने का रिस्क लिया। इसमें उसे कभी लाभ तो कभी नुकसान भी हुआ पर पीछे मुडक़र नहीं देखा। बाद में नेट हाउस की ट्रेनिंग लेकर नेट हाउस लगाया और इसमें पहली बार में ही करीब पांच लाख रुपये की लागत लगाकर करीब 13 लाख रुपये का मुनाफा कमाया।
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प्याज लगाने में हासिल की है महारत
अमित ने अन्य सब्जियों के अलावा इस क्षेत्र की जलवायु की अनुकूलता के अनुसार प्याज की खेती पर प्रशिक्षण लिया और अपने नेट हाउस में प्याज की करीब आधा दर्जन वैरायटी उगाई। अमित की मेहनत सफल रही और उसे प्याज में बढिय़ा लाभ मिला। इसके बाद तो अमित ने क्षेत्र के करीब बीस से ज्यादा किसानों को प्याज उगाने के लिए प्रोत्साहित किया और सरकार द्वारा अनुदान पर प्याज स्टोरेज के भंडार गृह बनवाने में मदद की। अमित की बदौलत बहल क्षेत्र के सैकड़ों किसान परंपरागत खेती के साथ प्याज और खीरे की फसल उगाकर मुनाफा कमा रहे हैं।
कृषि मंत्री के साथ गए जापान, उत्पाद की मार्केटिंग की ली जानकारी
खेती में अमित के प्रयासों से प्रभावित होकर इसी साल कृषि मंत्री जेपी दलाल अमित को अपने साथ जापान दौरे पर ले गए। कृषि मंत्री के साथ अमित ने जहां वहां के खेती के तौर तरीकों को जाना वहीं कृषि उत्पाद की बिक्री के लिए सही मार्केटिंग के गुर जाने। अमित ने बताया कि जापान जैसे देश के किसान पैदावार से ज्यादा मुनाफा उत्पाद की पैकेजिंग व प्रोसेसिंग से कमा रहे हैं। वे भी उनमें से कुछ तकनीक अपने उत्पाद की मार्केटिंग के लिए अपनाएंगे। दौरे के बाद जापान के कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारी अमित के फार्म हाउस पर भी आए और यहां की जानकारी ली।
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बहल क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों को जब भी जिक्र आएगा तो अमित स्वामी सिरसी का नाम उन जुझारू किसानों में लिया जाएगा जिसने परंपरागत खेती से हटकर बागवानी में नए आयाम स्थापित किए। अमित ने खेती के बदलाव को पहले खुद आजमाया फिर क्षेत्र के किसानों को राह दिखाई। आज यह युवा किसान बागवानी किसानों के लिए आइकॉन बनकर उभरा है।
दूसरे युवाओं की तरह अमित ने ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी का रुख नहीं किया। अमित ने अपने खेत में फल, फूल और सब्जियों उगाने का नया प्रयोग किया। हालांकि, शुरू में एक दो बार असफलता हाथ लगी, पर अमित अपने लक्ष्य पर अडिग रहा। फसल खराब हुई तो उसका कारण जाना और घरौडा जैसे प्रशिक्षण केन्द्रों में जाकर सब्जी की पैदावार का प्रशिक्षण लिया। पिछले तीन सालों से लगातार अमित स्वामी सब्जियों की पैदावार से अच्छी खासी कमाई कर रहा है। वह खुद की खेती संभालने के अलावा आसपास के करीब आधा दर्जन नेट हाउस लगाकर सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों का सलाहकार के रूप में सेवाएं दे रहा है।
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हरी मिर्च, खीरा, शिमला मिर्च और रंगीन गोभी की ले रहा है पैदावार
अमित ने शुरू में खीरे की फसल से अच्छा मुनाफा कमाया। लाभ से हिम्मत बनी तो फिर अमित ने गोभी की अलग अलग वैरायटी लगानी शुरू की। अब वह तीन अलग अलग रंगों की गोभी उगा रहा है। इसके अलावा हरी मिर्च, शिमला मिर्च की भी अलग-अलग वैरायटी की पैदावार ले रहा है। अमित ने पहली बार बहल क्षेत्र में हरी मिर्च, टमाटर, घीया, तौरी, तरबूज, खरबूजा सहित अन्य फल और सब्जियां लगाने का रिस्क लिया। इसमें उसे कभी लाभ तो कभी नुकसान भी हुआ पर पीछे मुडक़र नहीं देखा। बाद में नेट हाउस की ट्रेनिंग लेकर नेट हाउस लगाया और इसमें पहली बार में ही करीब पांच लाख रुपये की लागत लगाकर करीब 13 लाख रुपये का मुनाफा कमाया।
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प्याज लगाने में हासिल की है महारत
अमित ने अन्य सब्जियों के अलावा इस क्षेत्र की जलवायु की अनुकूलता के अनुसार प्याज की खेती पर प्रशिक्षण लिया और अपने नेट हाउस में प्याज की करीब आधा दर्जन वैरायटी उगाई। अमित की मेहनत सफल रही और उसे प्याज में बढिय़ा लाभ मिला। इसके बाद तो अमित ने क्षेत्र के करीब बीस से ज्यादा किसानों को प्याज उगाने के लिए प्रोत्साहित किया और सरकार द्वारा अनुदान पर प्याज स्टोरेज के भंडार गृह बनवाने में मदद की। अमित की बदौलत बहल क्षेत्र के सैकड़ों किसान परंपरागत खेती के साथ प्याज और खीरे की फसल उगाकर मुनाफा कमा रहे हैं।
कृषि मंत्री के साथ गए जापान, उत्पाद की मार्केटिंग की ली जानकारी
खेती में अमित के प्रयासों से प्रभावित होकर इसी साल कृषि मंत्री जेपी दलाल अमित को अपने साथ जापान दौरे पर ले गए। कृषि मंत्री के साथ अमित ने जहां वहां के खेती के तौर तरीकों को जाना वहीं कृषि उत्पाद की बिक्री के लिए सही मार्केटिंग के गुर जाने। अमित ने बताया कि जापान जैसे देश के किसान पैदावार से ज्यादा मुनाफा उत्पाद की पैकेजिंग व प्रोसेसिंग से कमा रहे हैं। वे भी उनमें से कुछ तकनीक अपने उत्पाद की मार्केटिंग के लिए अपनाएंगे। दौरे के बाद जापान के कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारी अमित के फार्म हाउस पर भी आए और यहां की जानकारी ली।