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Bhiwani News: बिना जीवनरक्षक के दौड़तीं एंबुलेंस, रास्तों में थमती सांसें
Tue, 04 Nov 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 04 Nov 2025 01:08 AM IST
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भिवानी। जिले में आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली कई सरकारी एंबुलेंस बिना आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (ईएमटी) के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। इससे सड़क दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को रास्ते में प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता और कई बार उनकी हालत बिगड़ जाती है। कुछ मामलों में मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 25 एंबुलेंस सेवाएं दे रही हैं जिनमें 71 ड्राइवर तैनात हैं लेकिन केवल 31 ईएमटी कार्यरत हैं। विभाग ने बेहतर सेवाएं देने के लिए आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टें बनाई हैं लेकिन ईएमटी की संख्या कम होने से शिफ्टों के अनुसार ड्यूटी देना संभव नहीं हो पा रहा। जिले में एंबुलेंस की संख्या के अनुपात में 70 से अधिक ईएमटी की आवश्यकता है लेकिन कमी के चलते कई एंबुलेंस बिना तकनीशियन के ही मरीजों को लेकर रवाना की जा रही हैं।
जिले में फिलहाल कोई विशेष एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस नहीं है। एक बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को उपकरण जोड़कर एडवांस में बदला गया है। वर्तमान में जिले में 21 बेसिक लाइफ सपोर्ट, दो किलकारी और एक नियोनेट एंबुलेंस सेवाएं दे रही हैं। ईएमटी की कमी के कारण इन एंबुलेंस में मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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क्या होता है ईएमटी
ईएमटी यानी आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन वह व्यक्ति होता है जो दुर्घटना या अचानक बीमारी की स्थिति में घटनास्थल पर या एंबुलेंस में मरीज को प्राथमिक उपचार देता है। गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान उसकी देखभाल ईएमटी ही करता है।
कैसे करता है ईएमटी मरीज की सहायता
ईएमटी एंबुलेंस में प्राथमिक चिकित्सा किट और उपकरणों का प्रयोग कर मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है। आवश्यकता अनुसार मरीज को सीपीआर देता है, उसकी बीपी, शुगर और अन्य जांच करता है। एंबुलेंस में लगे उपकरणों की नियमित जांच भी ईएमटी की जिम्मेदारी होती है।
जिले में एंबुलेंस का विवरण
कुल एंबुलेंस: 25
बेसिक लाइफ सपोर्ट: 21
किलकारी (जच्चा-बच्चा): 2
नियोनेट (नवजात): 1
एडवांस लाइफ सपोर्ट: 1 (बेसिक को अपग्रेड किया गया)
एंबुलेंस गाड़ियों में अंतर
बेसिक लाइफ सपोर्ट: बीपी, शुगर, हार्ट बीट, तापमान जैसी सामान्य सुविधाएं
एडवांस लाइफ सपोर्ट: कार्डिक सेवाओं के लिए उपकरण, सोक मशीन
किलकारी: जच्चा-बच्चा के लिए विशेष सुविधाएं
नियोनेट: नवजात शिशु को गंभीर स्थिति में रेफर करने के लिए
जिले में स्वास्थ्य केंद्रों के अनुसार एंबुलेंस की संख्या
केंद्र का नाम
एंबुलेंस की संख्या
नागरिक अस्पताल भिवानी
06
तोशाम अस्पताल
01
मिरान स्वास्थ्य केंद्र
01
सिवानी अस्पताल
01
झुंपा स्वास्थ्य केंद्र
01
बहल स्वास्थ्य केंद्र
01
नकीपुर स्वास्थ्य केंद्र
01
लोहारु अस्पताल
01
ढिगावा स्वास्थ्य केंद्र
01
जूई स्वास्थ्य केंद्र
01
कैरू स्वास्थ्य केंद्र
01
मानहेरू स्वास्थ्य केंद्र
01
खरक स्वास्थ्य केंद्र
01
चांग स्वास्थ्य केंद्र
01
धनाना स्वास्थ्य केंद्र
01
बवानीखेड़ा अस्पताल
01
जमालपुर स्वास्थ्य केंद्र
01
सभी एंबुलेंस पर ईएमटी की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन लोगों को बेहतर एंबुलेंस सुविधाएं देने के लिए आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट बनाई गई हैं। विभाग की तरफ से ईएमटी की नियुक्ति की जाती है। चिकित्सकों सहित सभी स्टाफ को पूरा करने के लिए मांग पत्र भेज रखा है। फिलहाल हमारा यही प्रयास है कि सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं समय से मिलें।- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, भिवानी
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स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 25 एंबुलेंस सेवाएं दे रही हैं जिनमें 71 ड्राइवर तैनात हैं लेकिन केवल 31 ईएमटी कार्यरत हैं। विभाग ने बेहतर सेवाएं देने के लिए आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टें बनाई हैं लेकिन ईएमटी की संख्या कम होने से शिफ्टों के अनुसार ड्यूटी देना संभव नहीं हो पा रहा। जिले में एंबुलेंस की संख्या के अनुपात में 70 से अधिक ईएमटी की आवश्यकता है लेकिन कमी के चलते कई एंबुलेंस बिना तकनीशियन के ही मरीजों को लेकर रवाना की जा रही हैं।
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जिले में फिलहाल कोई विशेष एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस नहीं है। एक बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को उपकरण जोड़कर एडवांस में बदला गया है। वर्तमान में जिले में 21 बेसिक लाइफ सपोर्ट, दो किलकारी और एक नियोनेट एंबुलेंस सेवाएं दे रही हैं। ईएमटी की कमी के कारण इन एंबुलेंस में मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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क्या होता है ईएमटी
ईएमटी यानी आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन वह व्यक्ति होता है जो दुर्घटना या अचानक बीमारी की स्थिति में घटनास्थल पर या एंबुलेंस में मरीज को प्राथमिक उपचार देता है। गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान उसकी देखभाल ईएमटी ही करता है।
कैसे करता है ईएमटी मरीज की सहायता
ईएमटी एंबुलेंस में प्राथमिक चिकित्सा किट और उपकरणों का प्रयोग कर मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है। आवश्यकता अनुसार मरीज को सीपीआर देता है, उसकी बीपी, शुगर और अन्य जांच करता है। एंबुलेंस में लगे उपकरणों की नियमित जांच भी ईएमटी की जिम्मेदारी होती है।
जिले में एंबुलेंस का विवरण
कुल एंबुलेंस: 25
बेसिक लाइफ सपोर्ट: 21
किलकारी (जच्चा-बच्चा): 2
नियोनेट (नवजात): 1
एडवांस लाइफ सपोर्ट: 1 (बेसिक को अपग्रेड किया गया)
एंबुलेंस गाड़ियों में अंतर
बेसिक लाइफ सपोर्ट: बीपी, शुगर, हार्ट बीट, तापमान जैसी सामान्य सुविधाएं
एडवांस लाइफ सपोर्ट: कार्डिक सेवाओं के लिए उपकरण, सोक मशीन
किलकारी: जच्चा-बच्चा के लिए विशेष सुविधाएं
नियोनेट: नवजात शिशु को गंभीर स्थिति में रेफर करने के लिए
जिले में स्वास्थ्य केंद्रों के अनुसार एंबुलेंस की संख्या
केंद्र का नाम
एंबुलेंस की संख्या
नागरिक अस्पताल भिवानी
06
तोशाम अस्पताल
01
मिरान स्वास्थ्य केंद्र
01
सिवानी अस्पताल
01
झुंपा स्वास्थ्य केंद्र
01
बहल स्वास्थ्य केंद्र
01
नकीपुर स्वास्थ्य केंद्र
01
लोहारु अस्पताल
01
ढिगावा स्वास्थ्य केंद्र
01
जूई स्वास्थ्य केंद्र
01
कैरू स्वास्थ्य केंद्र
01
मानहेरू स्वास्थ्य केंद्र
01
खरक स्वास्थ्य केंद्र
01
चांग स्वास्थ्य केंद्र
01
धनाना स्वास्थ्य केंद्र
01
बवानीखेड़ा अस्पताल
01
जमालपुर स्वास्थ्य केंद्र
01
सभी एंबुलेंस पर ईएमटी की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन लोगों को बेहतर एंबुलेंस सुविधाएं देने के लिए आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट बनाई गई हैं। विभाग की तरफ से ईएमटी की नियुक्ति की जाती है। चिकित्सकों सहित सभी स्टाफ को पूरा करने के लिए मांग पत्र भेज रखा है। फिलहाल हमारा यही प्रयास है कि सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं समय से मिलें।- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, भिवानी