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Bhiwani News: पहाड़ी माता मंदिर परिसर में पीपल का पेड़ काटने व अवैध निर्माण का आरोप
Wed, 11 Feb 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:02 AM IST
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ढिगावामंडी। गांव पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर परिसर में पर्यावरण और जन-सुविधाओं से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने एक व्यक्ति पर प्रशासन की अनुमति के बिना करीब 100 वर्ष पुराने पीपल के पेड़ को काटने, श्रद्धालुओं के लिए बनी पानी की टंकी को ध्वस्त करने और उसी स्थान पर अवैध निर्माण करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पहाड़ी ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने उपायुक्त को शिकायत सौंपी है।
शिकायत में ग्रामीण सत्यार्थ प्रकाश ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थित 25 हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी को तोड़ दिया गया है। यह टंकी न केवल आने वाले श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों और जीव-जंतुओं के लिए पानी का एकमात्र सहारा थी। उन्होंने कहा कि सरकारी या संरक्षित भूमि पर किसी भी पेड़ को काटने के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति आवश्यक होती है लेकिन इस मामले में किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पीपल का पेड़ हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसके काटे जाने से गांव और श्रद्धालुओं में भारी रोष है। आरोप है कि पेड़ काटने और पानी की टंकी हटाने के बाद उसी स्थान पर बिना किसी अनुमति के तीन मंजिला इमारत का निर्माण कर दिया गया है।
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इस घटना के बाद गांव में तनाव और अशांति का माहौल बना हुआ है। शिकायत सौंपने वालों में सोमबीर, सुरेश, रामकिशन, सुनील, प्रेम, रामप्रसाद, बिजेंद्र व अन्य ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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शिकायत में ग्रामीण सत्यार्थ प्रकाश ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थित 25 हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी को तोड़ दिया गया है। यह टंकी न केवल आने वाले श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों और जीव-जंतुओं के लिए पानी का एकमात्र सहारा थी। उन्होंने कहा कि सरकारी या संरक्षित भूमि पर किसी भी पेड़ को काटने के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति आवश्यक होती है लेकिन इस मामले में किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई।
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ग्रामीणों का कहना है कि पीपल का पेड़ हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसके काटे जाने से गांव और श्रद्धालुओं में भारी रोष है। आरोप है कि पेड़ काटने और पानी की टंकी हटाने के बाद उसी स्थान पर बिना किसी अनुमति के तीन मंजिला इमारत का निर्माण कर दिया गया है।
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इस घटना के बाद गांव में तनाव और अशांति का माहौल बना हुआ है। शिकायत सौंपने वालों में सोमबीर, सुरेश, रामकिशन, सुनील, प्रेम, रामप्रसाद, बिजेंद्र व अन्य ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।