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दिवाली के बाद लगातार प्रदूषित हो रही हवा, सांस लेना भी हुआ मुश्किल
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भिवानी। दिवाली के बाद से लगातार शहर की हवा प्रदूषित होती जा रही है, जिसके कारण सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। इन दिनों एक्यूआई 300 पार चल रहा है। इसकी वजह से मरीजों के साथ सामान्य नागरिकों को भी परेशानी हो रही है। लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर एनजीटी ने क्रॅशर, ईट-भट्ठे उद्योग व अन्य तरह के धुआं उगलने वाले उद्योगों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। ताकि प्रदूषण का स्तर कम हो सके। बावजूद इसके शहर की हवा में प्रदूषण बढ़ रहा है जिसके कारण आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ओपीडी में जांच के लिए पहुंच रहे 60 से 70 मरीज
दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण पर्यावरण में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके कारण शाम के समय आसमान में काली परत छा जाती है। नागरिक अस्पताल में प्रदूषण से हुई परेशानियों के रोजाना औसतन 60 से 70 मरीज आ रहे है। प्रदूषण अस्थमा के मरीजों के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं आंखों में जलन, लालिमा और बार-बार पानी आने के मरीज भी उपचार के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। प्रदूषण के साथ ही सड़कों पर उड़ रही धूल की वजह से त्वचा रोगी सामने आ रहे है, जिन्हें खुजली, जलन या फिर त्वचा लाल होने की दिक्कत हो रही है।
पिछले 10 दिनों में ये रहा एक्यूआई
दिनांक एक्यूआई
01 नवंबर 297
31 अक्तूबर 299
30 अक्तूबर 307
29 अक्तूबर 335
28 अक्तूबर 302
27 अक्तूबर 273
26 अक्तूबर 228
25 अक्तूबर 291
24 अक्तूबर 254
23 अक्तूबर 172
प्रदूषण का बढ़ता स्तर स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इसकी वजह से बुजुर्गों व बच्चों में बीमारियों का अधिक खतरा रहता है। ऐसे में शाम के समय घर से निकलने में परहेज करें। साथ ही अधिक धूल वाली जगहों पर न जाएं। जब भी बाहर से घर आए तो मुंह, हाथ व पांव अच्छे से धो लें।
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- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।
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ओपीडी में जांच के लिए पहुंच रहे 60 से 70 मरीज
दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण पर्यावरण में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके कारण शाम के समय आसमान में काली परत छा जाती है। नागरिक अस्पताल में प्रदूषण से हुई परेशानियों के रोजाना औसतन 60 से 70 मरीज आ रहे है। प्रदूषण अस्थमा के मरीजों के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं आंखों में जलन, लालिमा और बार-बार पानी आने के मरीज भी उपचार के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। प्रदूषण के साथ ही सड़कों पर उड़ रही धूल की वजह से त्वचा रोगी सामने आ रहे है, जिन्हें खुजली, जलन या फिर त्वचा लाल होने की दिक्कत हो रही है।
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पिछले 10 दिनों में ये रहा एक्यूआई
दिनांक एक्यूआई
01 नवंबर 297
31 अक्तूबर 299
30 अक्तूबर 307
29 अक्तूबर 335
28 अक्तूबर 302
27 अक्तूबर 273
26 अक्तूबर 228
25 अक्तूबर 291
24 अक्तूबर 254
23 अक्तूबर 172
प्रदूषण का बढ़ता स्तर स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इसकी वजह से बुजुर्गों व बच्चों में बीमारियों का अधिक खतरा रहता है। ऐसे में शाम के समय घर से निकलने में परहेज करें। साथ ही अधिक धूल वाली जगहों पर न जाएं। जब भी बाहर से घर आए तो मुंह, हाथ व पांव अच्छे से धो लें।
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- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।