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Bhiwani News: बारिश के बाद ओवरफ्लो हुए करीब आठ गांवों के जोहड़, पानी की निकासी में छूटे पसीने

Sun, 18 Aug 2024 02:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 18 Aug 2024 02:28 AM IST
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After the rain, ponds of about eight villages overflowed, people lost their sweat in draining the water.
गांव कलिंगा का जोहड़।
भिवानी। बारिश के बाद कई गांवों के जोहड़ ओवरफ्लो हो चुके हैं, जिनका पानी अब आबादी की तरफ रुख कर गया है। इन गांवों में पानी निकासी में भी ग्राम पंचायतों के पसीने छूट रहे हैं। हालांकि सिंचाई विभाग अधिकारियों ने बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत ग्राम पंचायतों को पानी निकासी के लिए संसाधन मुहैया कराए हैं, मगर इनका संचालन ग्राम पंचायतों को ही सौंपा गया है।
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भिवानी जिले के खरक, कलिंगा, चांग और तोशाम क्षेत्र सहित आठ गांवों के जोहड़ ओवरफ्लो हो चुके हैं, जिनकी वजह से आसपास के लोगों के घरों में भी अब पानी जमा हो गया है। हालांकि शुरुआती मानसून सूखा ही रहा, लेकिन अब लौटता मानसून सक्रियता के साथ आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि गांवों में बरसाती पानी निकासी के प्रबंधों के बावजूद भी जोहड़ों का जलस्तर बढ़ गया है।
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सिंचाई विभाग की मेकेनिकल विंग की तरफ से जिला प्रशासन के अनुरोध पर बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत जलभराव संभावित गांवों में पंपिंग मोटर और जरूरी संसाधन मुहैया कराए जा चुके हैं। करीब 25 गांवों में ग्राम पंचायतों ने बारिश के पानी की निकासी के लिए बिजली निगम से भी अस्थायी कनेक्शन जारी कराए हैं। इनके जरिये जोहड़ या फिर जलभराव वाली जगह से पानी की निकासी दूर खेतों में या ड्रेन में कराई जा सके।
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ये हैं जिले में जलभराव संभावित गांव
भिवानी जिले में गांव मिताथल, घुसकानी, प्रेमनगर, तिगड़ाना, चांग, खरक, कलिंगा के अलावा मुंढाल क्षेत्र और तोशाम क्षेत्र के गांव शामिल हैं। इन गांवों में हर साल बरसाती जलभराव भी होता है, मगर इस बार कुछ गांवों में सिंचाई विभाग की परियोजनाओं पर काम पूरा हो चुका है। इसकी वजह से बरसाती जलभराव का असर ज्यादा नहीं है। बारिश के पानी की निकासी नजदीकी ड्रेन या नहर में कराए जाने के लिए स्थायी बंदोबस्त हो चुके हैं।

जलभराव संभावित गांवों में सिंचाई विभाग की तरफ से ग्राम पंचायतों को जरूरी संसाधन मुहैया कराए जा चुके हैं। गांव के जोहड़ों से बारिश के पानी की निकासी की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। जरूरत के हिसाब से ग्राम पंचायत बिजली निगम से भी अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी करा सकती हैं। जबकि खेतों में बारिश के पानी की निकासी सिंचाई विभाग की संबंधित विंग करा रही हैं।
- नवीन देशवाल, कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल विंग सिंचाई विभाग, भिवानी।
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