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Bhiwani News: मान्यता प्राप्त निजी स्कूल की धोखाधड़ी से साइट कब्जा फर्जी तरीके से अपने स्कूल में कर डाले बच्चों के दाखिले
Thu, 29 Aug 2024 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 29 Aug 2024 10:57 PM IST
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भिवानी। मान्यता प्राप्त निजी स्कूल की धोखाधड़ी से साइट कब्जाकर फर्जी तरीके से एसएलसी काटकर अपने स्कूल में दाखिले कराए जाने और शिक्षा विभाग में एमआईएस पोर्टल को बंद करा देने का मामला सामने आया है। फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो मान्यता प्राप्त स्कूल संचालन करने वाली समिति ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र को दी शिकायत में ग्रीन फील्ड जन चेतना समिति मुंढाल की ओर से बताया गया कि संस्था की ओर से मुंढाल गांव में महम-हांसी मार्ग पर 2008 से ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल के नाम से विद्यालय संचालन किया जा रहा है। ग्रीष्म अवकाश के बाद जुलाई 2024 में फिर से स्कूल खुले तो नए दाखिला करने के लिए शिक्षा विभाग का एमआईएस पोर्टल लॉगइन किया। लेकिन साइट नहीं खुली।
नौ जुलाई 2024 को साइट खुलवाई गई तो पता चला कि गैर मान्यता वाले एक निजी स्कूल और मुंढाल बस स्टैंड पर मेडिकल स्टोर संचालक रवींद्र सिंह उर्फ रवि ने शिक्षा विभाग से साइट खुलवाई है। इसमें उनके स्कूल के अधिकांश बच्चों की एसएलसी जारी कर दी गई और गैर मान्यता वाले स्कूल के बच्चों के दाखिले कर दिए। साइट पर संपर्क नंबर भी बदल दिया। जिस पर मुख्याध्यापक सुखबीर ने बात की तो आरोपी रवींद्र सिंह उर्फ रवि ने खुद को मुख्याध्यापक बताते हुए अभद्र व्यवहार किया।
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11 जुलाई को रवींद्र ने शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेज देकर फिर से उनकी साइट बंद करवा दी। 15 जुलाई को शिक्षा अधिकारी से मिले और लेकिन साइट नहीं खोली गई। मुख्याध्यापक सुखबीर सिंह ने 16 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शिकायत दी। जिस पर भी साइट नहीं खोली गई। 18 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी ने दोनों पक्षों को बुलाया। जिस पर उन्होंने विद्यालय संचालन और स्थायी मान्यता संबंधी मूल दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए, लेकिन आरोपी की तरफ से कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि जिन दस्तावेजों के सहारे साइट बंद कराई गई। उसका पता भी भिवानी का है। जबकि उनका स्कूल महम-हांसी मार्ग मुंढाल में है। वहीं आरोपी ने जिस गैर मान्यता वाले स्कूल भी इसी मार्ग पर है, इसका फायदा उठाते हुए गलत तरीके से विद्यालय के बाहर उनके स्कूल के नाम का बोर्ड भी लगा दिया है। जिससे विद्यालय को वित्तीय नुकसान हो रहा है। वहीं उनके विद्यालय के बच्चों के दाखिले भी गलत तरीके से एसएलसी काटकर किए गए हैं। सदर पुलिस ने इस मामले में आरोपी रवींद्र उर्फ रवि के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
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पुलिस अधीक्षक नरेंद्र को दी शिकायत में ग्रीन फील्ड जन चेतना समिति मुंढाल की ओर से बताया गया कि संस्था की ओर से मुंढाल गांव में महम-हांसी मार्ग पर 2008 से ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल के नाम से विद्यालय संचालन किया जा रहा है। ग्रीष्म अवकाश के बाद जुलाई 2024 में फिर से स्कूल खुले तो नए दाखिला करने के लिए शिक्षा विभाग का एमआईएस पोर्टल लॉगइन किया। लेकिन साइट नहीं खुली।
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नौ जुलाई 2024 को साइट खुलवाई गई तो पता चला कि गैर मान्यता वाले एक निजी स्कूल और मुंढाल बस स्टैंड पर मेडिकल स्टोर संचालक रवींद्र सिंह उर्फ रवि ने शिक्षा विभाग से साइट खुलवाई है। इसमें उनके स्कूल के अधिकांश बच्चों की एसएलसी जारी कर दी गई और गैर मान्यता वाले स्कूल के बच्चों के दाखिले कर दिए। साइट पर संपर्क नंबर भी बदल दिया। जिस पर मुख्याध्यापक सुखबीर ने बात की तो आरोपी रवींद्र सिंह उर्फ रवि ने खुद को मुख्याध्यापक बताते हुए अभद्र व्यवहार किया।
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11 जुलाई को रवींद्र ने शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेज देकर फिर से उनकी साइट बंद करवा दी। 15 जुलाई को शिक्षा अधिकारी से मिले और लेकिन साइट नहीं खोली गई। मुख्याध्यापक सुखबीर सिंह ने 16 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शिकायत दी। जिस पर भी साइट नहीं खोली गई। 18 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी ने दोनों पक्षों को बुलाया। जिस पर उन्होंने विद्यालय संचालन और स्थायी मान्यता संबंधी मूल दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए, लेकिन आरोपी की तरफ से कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि जिन दस्तावेजों के सहारे साइट बंद कराई गई। उसका पता भी भिवानी का है। जबकि उनका स्कूल महम-हांसी मार्ग मुंढाल में है। वहीं आरोपी ने जिस गैर मान्यता वाले स्कूल भी इसी मार्ग पर है, इसका फायदा उठाते हुए गलत तरीके से विद्यालय के बाहर उनके स्कूल के नाम का बोर्ड भी लगा दिया है। जिससे विद्यालय को वित्तीय नुकसान हो रहा है। वहीं उनके विद्यालय के बच्चों के दाखिले भी गलत तरीके से एसएलसी काटकर किए गए हैं। सदर पुलिस ने इस मामले में आरोपी रवींद्र उर्फ रवि के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।