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दो दिन के बाद फिर 600 पीएम पर पहुंचा प्रदूषण का स्तर
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:14 PM IST
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फिर बढ़ा प्रदूषण का स्तर, बजी खतरे की घंटी
दो दिन के बाद फिर 600 पीएम पर पहुंचा प्रदूषण का स्तर
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
दो दिन की राहत के बाद एक बार फिर प्रदूषण का स्तर 600 पीएम (पर्टिकुलर मैटर) तक पहुंच गया है। आसमान में फिर से स्मॉग छाई हुई है। काफी लोग आंखों में जलन के साथ-साथ सांस लेने में भी तकलीफ महसूस करते नजर आए।
शहर की आबोहवा स्मॉग के कारण बुरी तरह प्रदूषित नजर आ रही है। तीन दिन पहले प्रदूषण का स्तर 650 पीएम 2.5 दर्ज किया गया। दो दिन कुछ राहत मिली और प्रदूषण का स्तर शनिवार को गिरकर 480 पीएम दर्ज किया गया। मगर रविवार को फिर से स्मॉग हावी रही और प्रदूषण का स्तर 600 पीएम 2.5 दर्ज किया गया। प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने खतरे की घंटी बजा दी है। अगर यहीं हालात रहे तो जल्द ही सभी को मुंह पर मास्क पहनकर चलना होगा और उसके बावजूद भी स्वास्थ्य बचाना सभी के लिए चुनौती होगी। स्मॉग का सांस के मरीजों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा आंखों के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सरकारी अस्पताल के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ विनय गिल ने बताया कि प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है।
फैक्ट्रियों पर गिर सकती है गाज
बढ़ते प्रदूषण के चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कुछ ठोस कदम उठाने पर विचार कर रहा है। इनमें कुछ बड़ी फैक्ट्रियों को कुछ समय के लिए बंद करने, खनन कार्य बंद करने पर भी विचार किया जा रहा है।
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दो दिन के बाद फिर 600 पीएम पर पहुंचा प्रदूषण का स्तर
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
दो दिन की राहत के बाद एक बार फिर प्रदूषण का स्तर 600 पीएम (पर्टिकुलर मैटर) तक पहुंच गया है। आसमान में फिर से स्मॉग छाई हुई है। काफी लोग आंखों में जलन के साथ-साथ सांस लेने में भी तकलीफ महसूस करते नजर आए।
शहर की आबोहवा स्मॉग के कारण बुरी तरह प्रदूषित नजर आ रही है। तीन दिन पहले प्रदूषण का स्तर 650 पीएम 2.5 दर्ज किया गया। दो दिन कुछ राहत मिली और प्रदूषण का स्तर शनिवार को गिरकर 480 पीएम दर्ज किया गया। मगर रविवार को फिर से स्मॉग हावी रही और प्रदूषण का स्तर 600 पीएम 2.5 दर्ज किया गया। प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने खतरे की घंटी बजा दी है। अगर यहीं हालात रहे तो जल्द ही सभी को मुंह पर मास्क पहनकर चलना होगा और उसके बावजूद भी स्वास्थ्य बचाना सभी के लिए चुनौती होगी। स्मॉग का सांस के मरीजों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा आंखों के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सरकारी अस्पताल के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ विनय गिल ने बताया कि प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है।
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फैक्ट्रियों पर गिर सकती है गाज
बढ़ते प्रदूषण के चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कुछ ठोस कदम उठाने पर विचार कर रहा है। इनमें कुछ बड़ी फैक्ट्रियों को कुछ समय के लिए बंद करने, खनन कार्य बंद करने पर भी विचार किया जा रहा है।
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