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Bhiwani News: जिले के 73,000 बच्चों को आयरन गोलियां और 96,000 को ओआरएस जिंक का घोल दिया जाएगा
Wed, 18 Jun 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 18 Jun 2025 01:14 AM IST
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भिवानी। एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में स्वास्थ्य विभाग की एनीमिया और डायरिया मुक्त अभियान से संबंधित एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में एनीमिया और डायरिया के मामलों को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि 73,241 बच्चों को आयरन की गोलियां और 96,460 बच्चों को ओआरएस और जिंक का घोल दिया जाएगा।
एडीसी ने सभी संबंधित विभागों, जैसे स्वास्थ्य, महिला और बाल विकास, शिक्षा आदि, के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी तालमेल से जिले को एनीमिया और डायरिया मुक्त बनाने के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि वे अभिभावकों को जागरूक करें और स्कूलों में बच्चों को खाना खिलाकर भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। इसके अलावा, हर बुधवार को आयरन की गोलियां खिलाई जाएंगी। बैठक में सीएमओ डॉ. बलवान सिंह और डॉ. आशीष सांगवान ने एनीमिया के कारणों, लक्षण और इसके बच्चों पर प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
एनीमिया अभियान के तहत बच्चों को दिया जाएगा आयरन सिरप
स्वास्थ्य विभाग ने एनीमिया अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत 6 महीने से 59 महीने तक के बच्चों को आयरन सिरप, 5 से 9 वर्ष के बच्चों को गुलाबी रंग की टेबलेट, और 10 से 19 वर्ष के किशोरों और किशोरियों को नीली रंग की आयरन टेबलेट दी जाएगी। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, और प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को भी आयरन की गोलियां दी जाएंगी।
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31 जुलाई तक चलेगा डायरिया मुक्त अभियान
एडीसी ने डायरिया मुक्त अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह अभियान 16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस और जिंक का घोल दिया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिशु मृत्यु दर को शून्य तक लाना है। नोडल अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत घर-घर जाकर ओआरएस और जिंक का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के कर्मचारी झुग्गी-झोपड़ी और कमजोर समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करेंगे। साथ ही, स्कूलों, आंगनबाड़ियों और सामुदायिक बैठकों में बच्चों और उनके देखभालकर्ताओं को हाथों की सफाई और डायरिया से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी वैशाली, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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एडीसी ने सभी संबंधित विभागों, जैसे स्वास्थ्य, महिला और बाल विकास, शिक्षा आदि, के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी तालमेल से जिले को एनीमिया और डायरिया मुक्त बनाने के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि वे अभिभावकों को जागरूक करें और स्कूलों में बच्चों को खाना खिलाकर भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। इसके अलावा, हर बुधवार को आयरन की गोलियां खिलाई जाएंगी। बैठक में सीएमओ डॉ. बलवान सिंह और डॉ. आशीष सांगवान ने एनीमिया के कारणों, लक्षण और इसके बच्चों पर प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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एनीमिया अभियान के तहत बच्चों को दिया जाएगा आयरन सिरप
स्वास्थ्य विभाग ने एनीमिया अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत 6 महीने से 59 महीने तक के बच्चों को आयरन सिरप, 5 से 9 वर्ष के बच्चों को गुलाबी रंग की टेबलेट, और 10 से 19 वर्ष के किशोरों और किशोरियों को नीली रंग की आयरन टेबलेट दी जाएगी। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, और प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को भी आयरन की गोलियां दी जाएंगी।
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31 जुलाई तक चलेगा डायरिया मुक्त अभियान
एडीसी ने डायरिया मुक्त अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह अभियान 16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस और जिंक का घोल दिया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिशु मृत्यु दर को शून्य तक लाना है। नोडल अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत घर-घर जाकर ओआरएस और जिंक का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के कर्मचारी झुग्गी-झोपड़ी और कमजोर समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करेंगे। साथ ही, स्कूलों, आंगनबाड़ियों और सामुदायिक बैठकों में बच्चों और उनके देखभालकर्ताओं को हाथों की सफाई और डायरिया से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी वैशाली, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।