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सीएम विंडो पर भेजी गई की जांच कर रहे हैं जूनियर अधिकारी
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी
केंद्र-राज्य सरकार, हरियाणा शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई से मान्यता के बिना शहर में चल रहे एक प्राइवेट स्कूल के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई न करने वाले शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की जांच उनके मातहत अधिकारी को देने पर सवाल उठने लगे हैं। यह शिकायत सीएम विंडो पर भी की गई है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन और एक अभिभावक ने शहर में हाल ही में खुले निजी स्कूल और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी के खिलाफ सीएम विंडो पर भेजी गई शिकायत की जांच का जिम्मा एक जूनियर अधिकारी को सौंपा गया है। संगठन ने सवाल उठाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच पर सवालिया निशान लग रहा है कि एक मातहत अधिकारी कैसे अपने उच्च अधिकारी की निष्पक्ष जांच कर सकेगा। संगठन ने सीएम विंडो पर दोबारा से शिकायत भेजकर जांच अधिकारी बदलने की मांग की है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रधान बृजपाल परमार ने बताया कि संगठन और एक अभिभावक किशनलाल निवासी चरखान ढाणी ने बताया कि स्कूल संचालकों ने स्कूल के लिए न तो केंद्र सरकार और न ही हरियाणा सरकार, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या अन्य किसी बोर्ड से मान्यता ली है। अभिभावकों को गुमराह करके और धोखाधड़ी करके अभिभावकों से मोटी फीस वसूली जा रही है। जब विभाग के आला अधिकारी को शिकायत दी गई तो स्कूल संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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परमार ने बताया कि गत 29 मई को सीएम विंडो पर भेजी गई शिकायत में कहा कि गया था कि राज्य सरकार ने प्राइवेट स्कूल चलाने के लिए गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक न्यूनतम मानक क्रम संख्या 1 से 16 तक पूरे नहीं कर रहा है। जिसकी जांच की आवश्यकता की मांग करते हैं।
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भिवानी
केंद्र-राज्य सरकार, हरियाणा शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई से मान्यता के बिना शहर में चल रहे एक प्राइवेट स्कूल के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई न करने वाले शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की जांच उनके मातहत अधिकारी को देने पर सवाल उठने लगे हैं। यह शिकायत सीएम विंडो पर भी की गई है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन और एक अभिभावक ने शहर में हाल ही में खुले निजी स्कूल और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी के खिलाफ सीएम विंडो पर भेजी गई शिकायत की जांच का जिम्मा एक जूनियर अधिकारी को सौंपा गया है। संगठन ने सवाल उठाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच पर सवालिया निशान लग रहा है कि एक मातहत अधिकारी कैसे अपने उच्च अधिकारी की निष्पक्ष जांच कर सकेगा। संगठन ने सीएम विंडो पर दोबारा से शिकायत भेजकर जांच अधिकारी बदलने की मांग की है।
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स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रधान बृजपाल परमार ने बताया कि संगठन और एक अभिभावक किशनलाल निवासी चरखान ढाणी ने बताया कि स्कूल संचालकों ने स्कूल के लिए न तो केंद्र सरकार और न ही हरियाणा सरकार, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या अन्य किसी बोर्ड से मान्यता ली है। अभिभावकों को गुमराह करके और धोखाधड़ी करके अभिभावकों से मोटी फीस वसूली जा रही है। जब विभाग के आला अधिकारी को शिकायत दी गई तो स्कूल संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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परमार ने बताया कि गत 29 मई को सीएम विंडो पर भेजी गई शिकायत में कहा कि गया था कि राज्य सरकार ने प्राइवेट स्कूल चलाने के लिए गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक न्यूनतम मानक क्रम संख्या 1 से 16 तक पूरे नहीं कर रहा है। जिसकी जांच की आवश्यकता की मांग करते हैं।