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49460 विद्यार्थी पहुंचेंगे स्कूल, कोरोना के खतरे के बीच व्यवस्था बनाना बड़ी चुनौती
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राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। प्रदेश सरकार एक फरवरी से दसवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय ले चुकी है। जिसके बाद जिलेभर के स्कूल मुखिया भी अपने यहां व्यवस्था बनाने में जुटे है।
10वीं से 12वीं कक्षा तक के करीब 49460 विद्यार्थियों के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में स्कूल मुखियाओं के लिए व्यवस्था बनाना कड़ी चुनौती है। चुनौती इस लिए भी बढ़ गई है क्योंकि करीब 25 फीसदी किशोरों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। पिछली दफा 50 फीसदी विद्यार्थियों को बुलाने व अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई थी, मगर इस बार ऐसा कुछ नहीं है। इस कारण सुरक्षा को लेकर भी संशय है। हालांकि नौंवी तक की कक्षाएं नहीं लगने के कारण स्कूलों में काफी जगह है और कमरों में विद्यार्थियों को कम-कम संख्या में बैठाकर कक्षाएं लगाने पर सभी स्कूल मुखिया विचार कर रहे हैं।
इस बार न 50 फीसदी और न ही कोई अन्य व्यवस्था
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने जहां सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी स्टाफ को रोस्टर जारी किया हुआ है। शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार एक फरवरी से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोले जाएंगे। जिले में 10वीं से 12वीं कक्षा तक 49460 विद्यार्थी हैं और विभाग ने अनुसार इनमें से 75 फीसदी को टीकाकरण हो चुका है। पहले भी कोरोना की वजह से स्कूल बंद किए थे मगर उस दौरान जब स्कूल खोले गए थे तो सम-विषय और फिर पहले 50 फीसदी रोल नंबर वाले विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया था। इस बार विभाग ने इसको लेकर कोई व्यवस्था या निर्देश जारी नहीं किए हैं। ऐसे में जितने भी विद्यार्थी स्कूल आएंगे उन्हें प्रवेश मिलेगा और वे स्कूल में अपनी पढ़ाई कर सकेंगे।
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निदेशालय ने ये जारी किए है आदेश
- निदेशालय द्वारा जारी पत्र में आदेश दिए गए है कि ऐसे विद्यार्थी जिनके द्वारा वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली गई है, उन्हें स्कूल में आने की अनुमति होगी।
- विद्यार्थियों की ऑनलाइन यानी मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा जारी रखते हुए ही विद्यालय खोले जा रहे हैं।
- ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलाइन शिक्षा से जुड़कर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें इसकी पूरी अनुमति रहेगी।
- विद्यार्थी अपने माता-पिता की लिखित अनुमति मिलने पर ही विद्यालय में प्रवेश पा सकते हैं।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी और इसको लेकर विद्यार्थी पर कोई दबाव नहीं होगा।
- आगामी आदेशों तक पहली से नौवीं कक्षा तक के स्कूल बंद रहेंगे।
स्कूल में एक फरवरी से फिर से विद्यार्थी पढ़ने के लिए आ रहे है। इसके लिए स्कूल में सेनिटाइजर का छिड़काव करवाया दिया है और कोरोना सुरक्षा नियमों के पालन की व्यवस्था भी करवाई है। उचित सामुदायिक दूरी की पालन के लिए प्रत्येक विद्यार्थी में छह फुट का अंतर रख जाएगा। अधिक विद्यार्थी होने पर एक कक्षा को अधिक कमरों में बैठाया जाएगा। - किरण गिल, प्राचार्य, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भिवानी।
निदेशालय के आदेशानुसार एक फरवरी से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के स्कूल खोले जा रहे है। स्कूल में आने वाले सभी विद्यार्थी वैक्सीन की पहली डोज अवश्य लगवा ले। कक्षा में उचित सामुदायिक दूरी की व्यवस्था के लिए स्कूल मुखिया को निर्देश दिए है। स्कूल में कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन किया जाएगा।
अजीत सिंह श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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10वीं से 12वीं कक्षा तक के करीब 49460 विद्यार्थियों के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में स्कूल मुखियाओं के लिए व्यवस्था बनाना कड़ी चुनौती है। चुनौती इस लिए भी बढ़ गई है क्योंकि करीब 25 फीसदी किशोरों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। पिछली दफा 50 फीसदी विद्यार्थियों को बुलाने व अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई थी, मगर इस बार ऐसा कुछ नहीं है। इस कारण सुरक्षा को लेकर भी संशय है। हालांकि नौंवी तक की कक्षाएं नहीं लगने के कारण स्कूलों में काफी जगह है और कमरों में विद्यार्थियों को कम-कम संख्या में बैठाकर कक्षाएं लगाने पर सभी स्कूल मुखिया विचार कर रहे हैं।
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इस बार न 50 फीसदी और न ही कोई अन्य व्यवस्था
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने जहां सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी स्टाफ को रोस्टर जारी किया हुआ है। शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार एक फरवरी से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोले जाएंगे। जिले में 10वीं से 12वीं कक्षा तक 49460 विद्यार्थी हैं और विभाग ने अनुसार इनमें से 75 फीसदी को टीकाकरण हो चुका है। पहले भी कोरोना की वजह से स्कूल बंद किए थे मगर उस दौरान जब स्कूल खोले गए थे तो सम-विषय और फिर पहले 50 फीसदी रोल नंबर वाले विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया था। इस बार विभाग ने इसको लेकर कोई व्यवस्था या निर्देश जारी नहीं किए हैं। ऐसे में जितने भी विद्यार्थी स्कूल आएंगे उन्हें प्रवेश मिलेगा और वे स्कूल में अपनी पढ़ाई कर सकेंगे।
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निदेशालय ने ये जारी किए है आदेश
- निदेशालय द्वारा जारी पत्र में आदेश दिए गए है कि ऐसे विद्यार्थी जिनके द्वारा वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली गई है, उन्हें स्कूल में आने की अनुमति होगी।
- विद्यार्थियों की ऑनलाइन यानी मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा जारी रखते हुए ही विद्यालय खोले जा रहे हैं।
- ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलाइन शिक्षा से जुड़कर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें इसकी पूरी अनुमति रहेगी।
- विद्यार्थी अपने माता-पिता की लिखित अनुमति मिलने पर ही विद्यालय में प्रवेश पा सकते हैं।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी और इसको लेकर विद्यार्थी पर कोई दबाव नहीं होगा।
- आगामी आदेशों तक पहली से नौवीं कक्षा तक के स्कूल बंद रहेंगे।
स्कूल में एक फरवरी से फिर से विद्यार्थी पढ़ने के लिए आ रहे है। इसके लिए स्कूल में सेनिटाइजर का छिड़काव करवाया दिया है और कोरोना सुरक्षा नियमों के पालन की व्यवस्था भी करवाई है। उचित सामुदायिक दूरी की पालन के लिए प्रत्येक विद्यार्थी में छह फुट का अंतर रख जाएगा। अधिक विद्यार्थी होने पर एक कक्षा को अधिक कमरों में बैठाया जाएगा। - किरण गिल, प्राचार्य, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भिवानी।
निदेशालय के आदेशानुसार एक फरवरी से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के स्कूल खोले जा रहे है। स्कूल में आने वाले सभी विद्यार्थी वैक्सीन की पहली डोज अवश्य लगवा ले। कक्षा में उचित सामुदायिक दूरी की व्यवस्था के लिए स्कूल मुखिया को निर्देश दिए है। स्कूल में कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन किया जाएगा।
अजीत सिंह श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।