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टैंकर आते ही बच्चे किताबें छोड़कर बुझाने लग जाते हैं प्यास
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:43 AM IST
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टैंकर आते ही बच्चे किताबें छोड़कर बुझाने लग जाते हैं प्यास
भिवानी। गांव मित्ताथल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पिछले छह महीने से पानी की किल्लत बनी हुई है। स्कूल में पानी का टैंकर पहुंचता है, तभी बच्चों की प्यास बुझती है। स्कूल में जब पानी का टैंकर आता है, तब बच्चे किताब छोड़ प्यास बुझाने की जद्दोजहद में जुट जाते हैं।
दोनों स्कूलों और गांव में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इसके बारे में विभाग के जेई, एसडीएम व संबंधित अधिकारियों को भी कई बार सूचित किया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
भला हो ग्राम पंचायत का, जो बच्चों के लिए स्कूल में पानी का टैंकर भिजवाती है। समाजसेवी एवं सरपंच प्रतिनिधि भीष्म सिवाच ने बताया कि पीने के पानी के लिए जब वे गांव के जलघर में कार्यरत पंप ऑपरेटर से बातें करते हैं तो वे कभी कहतें हैं कि पंप ठीक नहीं है, कभी कहते हैं की फिल्टर व मशीन खराब है यह समस्या पिछले छह माह से बनी हुई है।
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उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र दोनों स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था करवाये जाने तथा जल घर से नियमित पानी की सप्लाई कराये जाने की मांग की। इस अवसर पर बीडीसी राजेंद्र, पंच सुरेंद्र, पंच कविता, पंच ओमबीर, सुरेंद्र समेत अनेक पंच व ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो : 16
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बामला में जलसंकट, महिलाओं ने लगाए नारे
भिवानी। बामला गांव में जल संकट से परेशान महिलाओं ने लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी की। महिलाओं ने डीसी ऑफिस जाकर अपनी समस्या बनाई और समाधान की गुजारिश की।
गांव बामला निवासी भतेरी, राजल, कमला, शीला, सुमन, दर्शन, मुन्नी, प्यारी, सावित्री आदि ने बताया कि एक महीने से गांव में पानी की दिक्कत है। पिछले एक सप्ताह से समस्या ज्यादा है। जलघर में पानी नहीं है। कुंओं का पानी अब पीने लायक नहीं बचा है। महिलाओं ने प्रशासन से शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की।
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भिवानी। गांव मित्ताथल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पिछले छह महीने से पानी की किल्लत बनी हुई है। स्कूल में पानी का टैंकर पहुंचता है, तभी बच्चों की प्यास बुझती है। स्कूल में जब पानी का टैंकर आता है, तब बच्चे किताब छोड़ प्यास बुझाने की जद्दोजहद में जुट जाते हैं।
दोनों स्कूलों और गांव में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इसके बारे में विभाग के जेई, एसडीएम व संबंधित अधिकारियों को भी कई बार सूचित किया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
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भला हो ग्राम पंचायत का, जो बच्चों के लिए स्कूल में पानी का टैंकर भिजवाती है। समाजसेवी एवं सरपंच प्रतिनिधि भीष्म सिवाच ने बताया कि पीने के पानी के लिए जब वे गांव के जलघर में कार्यरत पंप ऑपरेटर से बातें करते हैं तो वे कभी कहतें हैं कि पंप ठीक नहीं है, कभी कहते हैं की फिल्टर व मशीन खराब है यह समस्या पिछले छह माह से बनी हुई है।
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उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र दोनों स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था करवाये जाने तथा जल घर से नियमित पानी की सप्लाई कराये जाने की मांग की। इस अवसर पर बीडीसी राजेंद्र, पंच सुरेंद्र, पंच कविता, पंच ओमबीर, सुरेंद्र समेत अनेक पंच व ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो : 16
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बामला में जलसंकट, महिलाओं ने लगाए नारे
भिवानी। बामला गांव में जल संकट से परेशान महिलाओं ने लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी की। महिलाओं ने डीसी ऑफिस जाकर अपनी समस्या बनाई और समाधान की गुजारिश की।
गांव बामला निवासी भतेरी, राजल, कमला, शीला, सुमन, दर्शन, मुन्नी, प्यारी, सावित्री आदि ने बताया कि एक महीने से गांव में पानी की दिक्कत है। पिछले एक सप्ताह से समस्या ज्यादा है। जलघर में पानी नहीं है। कुंओं का पानी अब पीने लायक नहीं बचा है। महिलाओं ने प्रशासन से शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की।