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Bhiwani News: पांच साल में डेढ़ मीटर तक नीचे धंस गई 28 फुट गहरी मुख्य सीवर लाइन
Mon, 18 Sep 2023 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 18 Sep 2023 11:25 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। शहर के दिनोद गेट सरकुलर रोड पर पिछले पांच साल में डेढ़ मीटर नीचे तक 28 फुट गहरी मुख्य सीवर लाइन धंस गई। इसकी वजह से डिस्पोजल तक करीब आधे शहर का गंदा पानी नहीं जा रहा था। दिल्ली की कंपनी के कर्मचारियों ने 27 मीटर हिस्से के पुराने पाइप को हटाकर उसकी जगह छह नए पाइप डाले हैं। इसी के साथ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी अब लीकेज का पता लगाने में जुटे हैं ताकि समस्या का स्थायी समाधान कराया जा सके।
मुख्य लाइन के पुराने पाइप को काटकर हटाया और कैमरे से अंदर लाइन की जांच की गई तो पता चला कि एक मैनहोल से दूसरे मैनहोल की 220 फुट लंबी लाइन में रुकावट दिखाई दी। जांच के बाद लाइन को तो ठीक कर दिया गया है, मगर अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को लीकेज की वजह नहीं मिली है। इसकी वजह से मुख्य सीवर लाइन में इतना बड़ा नुकसान हो गया है।
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30 लाख की लागत से होगा दिनोद गेट की सीवर लाइन का समाधान
पिछले चार माह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी भूमिगत जलस्तर को नीचे गिराने में लगे हैं। जबकि लाइन के गंदे पानी को भी डीजल सेट लगाकर डायवर्ट किया हुआ है। पाइप लाइन डाले जाने के बाद दो सीवर मैनहोल की सीआईपीपी का कार्य भी कराया जाएगा। इस पर करीब 30 लाख रुपये तक का बजट खर्च आएगा। दिनोद गेट के समाधान कार्य में एक पखवाड़ा और लग जाएगा।
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टेलीफोन की फाइबर केबलों में भी हो रहा है पानी का रिसाव
दिनोद गेट पर जहां मुख्य सीवर लाइन का काम चल रहा है। उसके आसपास टेलीफोन की फाइबर केबलें भी डाली गई हैं, जिनके अंदर से भी लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। ये पानी आखिर कहां से आ रहा है, इसकी जानकारी अभी नहीं लगी है। इसी पानी के रिसाव की वजह से मुख्य सीवर लाइन के आसपास की मिट्टी खिसक गई और एक बड़ी जगह से मुख्य सीवर लाइन डेढ़ मीटर तक नीचे धंस गई।
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लीकेज तलाशने के लिए की जा सकती है आसपास के इलाके में भी खोदाई
विभागीय अधिकारी आसपास के क्षेत्र में भी लीकेज तलाशने के लिए खोदाई करा सकते हैं। पेयजल लाइनों की भी जांच कराई जाएगी। अगर कोई पेयजल लाइन लीकेज है तो उसे ठीक कराया जाएगा। ताकि लीकेज से विभाग को फिर से इतना बड़ा नुकसान न झेलना पड़े।
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दिनोद गेट पर करीब डेढ़ मीटर नीचे तक मुख्य लाइन धंस गई है, जिसकी वजह से ही डिस्पोज तक गंदे पानी में रुकावट बनी है। पुरानी पाइप को हटाकर नई पाइप डाली गई है। एक जगह प्रारंभिक लीकेज भी बंद कर दी है, मगर आसपास के इलाके में और लीकेज भी तलाशी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह का नुकसान न हो सके। फिलहाल यहां पर 12 से 15 दिन काम और चलेगा।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
भिवानी। शहर के दिनोद गेट सरकुलर रोड पर पिछले पांच साल में डेढ़ मीटर नीचे तक 28 फुट गहरी मुख्य सीवर लाइन धंस गई। इसकी वजह से डिस्पोजल तक करीब आधे शहर का गंदा पानी नहीं जा रहा था। दिल्ली की कंपनी के कर्मचारियों ने 27 मीटर हिस्से के पुराने पाइप को हटाकर उसकी जगह छह नए पाइप डाले हैं। इसी के साथ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी अब लीकेज का पता लगाने में जुटे हैं ताकि समस्या का स्थायी समाधान कराया जा सके।
मुख्य लाइन के पुराने पाइप को काटकर हटाया और कैमरे से अंदर लाइन की जांच की गई तो पता चला कि एक मैनहोल से दूसरे मैनहोल की 220 फुट लंबी लाइन में रुकावट दिखाई दी। जांच के बाद लाइन को तो ठीक कर दिया गया है, मगर अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को लीकेज की वजह नहीं मिली है। इसकी वजह से मुख्य सीवर लाइन में इतना बड़ा नुकसान हो गया है।
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30 लाख की लागत से होगा दिनोद गेट की सीवर लाइन का समाधान
पिछले चार माह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी भूमिगत जलस्तर को नीचे गिराने में लगे हैं। जबकि लाइन के गंदे पानी को भी डीजल सेट लगाकर डायवर्ट किया हुआ है। पाइप लाइन डाले जाने के बाद दो सीवर मैनहोल की सीआईपीपी का कार्य भी कराया जाएगा। इस पर करीब 30 लाख रुपये तक का बजट खर्च आएगा। दिनोद गेट के समाधान कार्य में एक पखवाड़ा और लग जाएगा।
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टेलीफोन की फाइबर केबलों में भी हो रहा है पानी का रिसाव
दिनोद गेट पर जहां मुख्य सीवर लाइन का काम चल रहा है। उसके आसपास टेलीफोन की फाइबर केबलें भी डाली गई हैं, जिनके अंदर से भी लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। ये पानी आखिर कहां से आ रहा है, इसकी जानकारी अभी नहीं लगी है। इसी पानी के रिसाव की वजह से मुख्य सीवर लाइन के आसपास की मिट्टी खिसक गई और एक बड़ी जगह से मुख्य सीवर लाइन डेढ़ मीटर तक नीचे धंस गई।
लीकेज तलाशने के लिए की जा सकती है आसपास के इलाके में भी खोदाई
विभागीय अधिकारी आसपास के क्षेत्र में भी लीकेज तलाशने के लिए खोदाई करा सकते हैं। पेयजल लाइनों की भी जांच कराई जाएगी। अगर कोई पेयजल लाइन लीकेज है तो उसे ठीक कराया जाएगा। ताकि लीकेज से विभाग को फिर से इतना बड़ा नुकसान न झेलना पड़े।
दिनोद गेट पर करीब डेढ़ मीटर नीचे तक मुख्य लाइन धंस गई है, जिसकी वजह से ही डिस्पोज तक गंदे पानी में रुकावट बनी है। पुरानी पाइप को हटाकर नई पाइप डाली गई है। एक जगह प्रारंभिक लीकेज भी बंद कर दी है, मगर आसपास के इलाके में और लीकेज भी तलाशी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह का नुकसान न हो सके। फिलहाल यहां पर 12 से 15 दिन काम और चलेगा।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।