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रोडवेज कर्मचारी हड़ताल :::: डीएसपी को धकेलते हुए कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:25 AM IST
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भिवानी। रोडवेज कर्मचारियों और पुलिस में गिरफ्तारी को लेकर वीरवार अलसुबह लुका-छिपी का खेल चला। पुलिस हड़ताल को फेल करने के लिए कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लेने का प्रयास कर रही थी तो पुलिस से बचने के लिए कर्मचारी गलियों घुसकर बचने का प्रयास कर रह थे । देर रात और अल सुबह पुलिस ने चार कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किया। वहीं रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान डीएसपी से धक्का मुक्की भी हुई। वीरवार को रोडवेज के बसों के बेड़े से सिर्फ 46 बसें ही सड़क पर उतर सकीं। रोडवेज के अधिकारियों की माने तो तीन दिन में रोडवेज को करीब 27 लाख का घाटा हुआ है।
पुलिस ने हड़ताल फेल करने के लिए रात को कर्मचारी नेताओ की गिरफ्तारी का प्लान बनाया। देर रात पुलिस ने तिगड़ाना मोड़ पर नाका लगाकर दो कर्मचारी नेताओं नरेंद्र दिनोद और ओमप्रकाश ग्रेवाल को गिरफ्तार किया। अल सुबह करीब सवा चार बजे इंडस्ट्रीज एरिया से ओमप्रकाश और रामफल देशवाल को गिरफ्तार किया। जिसके बाद पुलिस और कर्मचारियों में लुका-छिपी का खेल चला। पुलिस इंडस्ट्रीज एरिया में कर्मचारी नेताओं को खोजती रही और रोडवेज समेत विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने एमसी कॉलोनी पार्क में बैठक की और प्रदर्शन का निर्णय लिया।
डीएसपी को धकेलते हुए शहर में किया प्रदर्शन
हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी भी आए और सुबह करीब नौ बजे महम रोड पर एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए शहर के मुख्य मार्गों पर पहुंचे। महम गेट के पास डीएसपी जगत सिंह मोर ने सडक़ के बीच गाड़ी खड़ी कर कर्मचारियों को रोकने का प्रयास किया मगर कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के कारण वे धकेलते हुए आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारी महम गेट, पुराना बस स्टैंड, हांसी गेट, घंटाघर चौक होते हुए नेहरू पार्क पहुंचे। पुलिस टीम ने कर्मचारियों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए फोर्स बुलाई मगर वह जाम में फंसकर रह गई। जब तक पुलिस फोर्स पहुंची, कर्मचारी नेहरू पार्क में जा चुके थे। जहां सभा की।
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45 बसें चली, 27 लाख का नुकसान
तीसरे दिन भी बसों की संख्या कम ही रही। करीब 45 बसें चली जबकि नियमित रूप से 117 बसें चलती है। तीन दिन की हड़ताल से रोडवेज को करीब 27 लाख का नुकसान हुआ। लगातार तीसरे दिन विभाग के क्लर्क, मैकेनिक और सब इंस्पेक्टर को कंडक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई। विभाग में करीब 12 कर्मचारी अनुबंध आधार पर 2016 से लगे है। जिनमें से करीब आठ कर्मचारी हड़ताल में शामिल है। इन्हें टर्मिनेट करने की बात कही जा रही है।
ओपन भर्ती के लिए पहुंचे युवा
विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की जगह ओपन भर्ती होने की सूचना पर खासी संख्या में युवा रात नौ बजे ही वर्कशॉप और बस स्टैंड पर पहुंचने लगे। करीब 30-40 युवा सुबह चार बजे वर्कशॉप पर मौजूद थे। जब रोडवेज बसें चली तो उनकी उम्मीद भी टूटने लगी। सुबह नौ बजे बस स्टैंड परिसर में भर्ती के लिए पहुंचे युवाओं ने हंगामा किया। कर्मचारियों ने जब कहा कि ओपन भर्ती के लिए निर्देश नहीं आए है तो युवा आरोप लगाने लगे कि अपने चहेतों को लगाने के लिए सारा ड्रामा किया जा रहा है। इस बात पर हंगामा हुआ और बाद में पुलिस ने सभी को बाहर निकाला।
चार कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है। पुलिस किसी भी अप्रिय घटना रोकने के लिए बस स्टैंड और वर्कशॉप पर तैनात है।
अजीत सिंह, एसएचओ
सिविल लाइन थाना
पुलिस ने हड़ताल फेल करने के लिए रात को कर्मचारी नेताओ की गिरफ्तारी का प्लान बनाया। देर रात पुलिस ने तिगड़ाना मोड़ पर नाका लगाकर दो कर्मचारी नेताओं नरेंद्र दिनोद और ओमप्रकाश ग्रेवाल को गिरफ्तार किया। अल सुबह करीब सवा चार बजे इंडस्ट्रीज एरिया से ओमप्रकाश और रामफल देशवाल को गिरफ्तार किया। जिसके बाद पुलिस और कर्मचारियों में लुका-छिपी का खेल चला। पुलिस इंडस्ट्रीज एरिया में कर्मचारी नेताओं को खोजती रही और रोडवेज समेत विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने एमसी कॉलोनी पार्क में बैठक की और प्रदर्शन का निर्णय लिया।
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डीएसपी को धकेलते हुए शहर में किया प्रदर्शन
हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी भी आए और सुबह करीब नौ बजे महम रोड पर एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए शहर के मुख्य मार्गों पर पहुंचे। महम गेट के पास डीएसपी जगत सिंह मोर ने सडक़ के बीच गाड़ी खड़ी कर कर्मचारियों को रोकने का प्रयास किया मगर कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के कारण वे धकेलते हुए आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारी महम गेट, पुराना बस स्टैंड, हांसी गेट, घंटाघर चौक होते हुए नेहरू पार्क पहुंचे। पुलिस टीम ने कर्मचारियों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए फोर्स बुलाई मगर वह जाम में फंसकर रह गई। जब तक पुलिस फोर्स पहुंची, कर्मचारी नेहरू पार्क में जा चुके थे। जहां सभा की।
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45 बसें चली, 27 लाख का नुकसान
तीसरे दिन भी बसों की संख्या कम ही रही। करीब 45 बसें चली जबकि नियमित रूप से 117 बसें चलती है। तीन दिन की हड़ताल से रोडवेज को करीब 27 लाख का नुकसान हुआ। लगातार तीसरे दिन विभाग के क्लर्क, मैकेनिक और सब इंस्पेक्टर को कंडक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई। विभाग में करीब 12 कर्मचारी अनुबंध आधार पर 2016 से लगे है। जिनमें से करीब आठ कर्मचारी हड़ताल में शामिल है। इन्हें टर्मिनेट करने की बात कही जा रही है।
ओपन भर्ती के लिए पहुंचे युवा
विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की जगह ओपन भर्ती होने की सूचना पर खासी संख्या में युवा रात नौ बजे ही वर्कशॉप और बस स्टैंड पर पहुंचने लगे। करीब 30-40 युवा सुबह चार बजे वर्कशॉप पर मौजूद थे। जब रोडवेज बसें चली तो उनकी उम्मीद भी टूटने लगी। सुबह नौ बजे बस स्टैंड परिसर में भर्ती के लिए पहुंचे युवाओं ने हंगामा किया। कर्मचारियों ने जब कहा कि ओपन भर्ती के लिए निर्देश नहीं आए है तो युवा आरोप लगाने लगे कि अपने चहेतों को लगाने के लिए सारा ड्रामा किया जा रहा है। इस बात पर हंगामा हुआ और बाद में पुलिस ने सभी को बाहर निकाला।
चार कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है। पुलिस किसी भी अप्रिय घटना रोकने के लिए बस स्टैंड और वर्कशॉप पर तैनात है।
अजीत सिंह, एसएचओ
सिविल लाइन थाना