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हर साल 200 गोवंश की मौत, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

Mon, 08 Oct 2018 12:42 AM IST
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:42 AM IST
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हर साल 200 गोवंश की मौत, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

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रवींद्र श्योराण/राकेश भट्ठी। गोशाला में गोवंश की सेवा के चाहे जितने भी दावे किए जा रहे हो मगर मरने पर शवों तक को नहीं दफनाया जा रहा। महम रोड स्थित श्री गोशाला में मरने वाले सभी गोवंश के शवों को गोशाला की ही खाली जमीन में खुले में फेंका जा रहा है जिन्हें दिनभर कुत्ते नोंचते रहते हैं। खुले में गोवंश के शवों की दुर्गंध से साथ लगती सेशन कॉलोनी के बाशिंदे खासे परेशान हैं। इस परेशानी को लेकर लोगों ने नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही कहा कि श्रीगोशाला में गोवंश की सेवा के नाम पर सिर्फ दिखावा है। खुले में गोवंश के शव फेंकने को लेकर प्रशासन और गोशाला ट्रस्ट को कई बार शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन, उसका कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
जिले में लावारिस घुमने वाले गोवंश को रखने के लिए महम रोड पर श्री गोशाला बनाई हुई है जिसकी श्रीगोशाला के नाम से ट्रस्ट चल रही है। ट्रस्ट की दो गोशाला शहर में और दो ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है। महम रोड स्थित श्री गोशाला में फिलहाल 1700 गोवंश रखे जा रहे हैं। जहां हर महीने गोवंश की सेवा के नाम पर लाखों रुपये का चंदा आता है। यही नहीं श्रीगोशाला के नाम पर 320 एकड़ जमीन भी गोचरण के लिए है। सरकार की ओर से 150 रुपये प्रति पशु चारे के ट्रस्ट को दिए जाते हैं।
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दो एकड़ में कर दी नहरनुमा खुदाई, उसी में डाले जा रहे शव, दफनाना भूले कर्मी
गोशाला में हर महीने 15 से 20 गोवंश की मौत होती है। इनमें ज्यादातर सड़क हादसों में घायल होते हैं जो बाद में दम तोड़ देते हैं। शव दफनाने के लिए गोशाला की ही करीब दो एकड़ जमीन में जेसीबी से खालनुमा (बड़े नाले जैसे) खुदाई की हुई। करीब 10 इसी तरह के खाल बनाए गए हैं। गोवंश को मरने के बाद इनमें डाल दिया जाता है जिन्हें दिनभर कुत्ते नोंचते रहते हैं।
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सेशन कॉलोनी के लोग हो रहे बीमार
सेशन कॉलोनी निवासी ठाकुर नारायण सिंह नंबरदार, राजेश चोटीवाला, संजय शर्मा, गौरव आदि ने बताया कि श्रीगोशाला के जमीन सेशन कॉलोनी है। कॉलोनी से कुछ ही दूरी पर गोशाला कर्मचारी गोवंश की मौत होने पर शव को वहां पर खुले में फेंक देते हैं। इसके बाद वहां पर कुत्ते गोवंश के शवों को नोंचते रहते हैं तो खुले में पड़े रहने से दुर्गंध फैल रही है। दिनभर कॉलोनी में इसकी दुर्गंध फैली रहती है। इसी कारण उनके बच्चे अक्सर बीमार रहते हैं। उन्होंने इसके लिए कई बार प्रशासन और गोशाला ट्रस्ट के कर्मचारियों को भी शिकायत दी। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते रविवार को भी कॉलोनी के लोगों ने इकट्ठा होकर नारेबाजी की है। इस मौके पर रवि, सोहन, शारदा, सुरेंद्र सिंह, संदीप, सुरेंद्र गहलावत, संदीप, दिल्लीराम तिवारी, उदयराज, धर्मसिंह, सुरेंद्र सांगवान, लोमाकांत, महेश, दर्शन, मंगलपांडे, संजीत, रमेश, टिटू, राजसिंह, सुभाष, रामछेल, सतीश नागर, दिनेश और ललन सहित अन्य कॉलोनीवासी मौजूद रहे।
वर्जन::::
गोवंश के शवों को दफनाने के लिए करीब दो-तीन एकड़ में खुदाई करवाई हुई है। जहां गोवंश को मृत्यु के बाद नमक डालकर दफनाया जाता है। मगर बारिश के कारण खुदाई वाली जगह में पानी भरने से समस्या बन जाती है। कुछ यहां कुत्ते बहुत ज्यादा हैं और वे जमीन से शवों को खींच लाते हैं। फिर भी कोई कमी है तो वह स्वयं निरीक्षण करेंगे और व्यवस्था को दुरुस्त करवाएंगे।

-मोहनलाल अग्रवाल, प्रधान श्रीगोशाला ट्रस्ट

ये बहुत गलत है, बात भी करेंगे और कार्रवाई भी
गोवंश के शवों को अगर खुले में डाला जा रहा है तो यह बहुत गलत है। इस बारे में गोशाला संचालकों से बात करेंगे। उनके संज्ञान में अब तक यह मामला नहीं था। इस बारे में कार्रवाई भी की जाएगी।
-भानीराम मंगला, चेयरमैन गोसेवा आयोग
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