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धनाना की बेटियों ने युवा विश्व मुक्केबाजी में मचाया तहलका
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:14 AM IST
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धनाना की बेटियों ने युवा विश्व मुक्केबाजी में जीता स्वर्ण पदक
भिवानी। गुवाहटी में चल रही महिला युवा विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जिले की दो बेटियों ने इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक जीता है। दोनों ही लड़कियां धनाना गांव की हैं। 48 किलोग्राम में नीतू और 54 किलोग्राम भार वर्ग में साक्षी ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद धनाना गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत का निर्णय लिया है।
गुवाहटी (आसाम) से रविवार शाम एक के बाद एक दो खुशी भरी खबर आई। पहले नीतू ने कजाकिस्तान की अपनी प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को 5-0 से जीत हासिल कर स्वर्णिम खुशी दी और इसके घंटेभर बाद साक्षी ने जीत के साथ दोहरी खुशी दी। साक्षी को जीत के लिए इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्वी से जूझना पड़ा। साक्षी ने 3-2 से जीत हासिल की।
एक साथ दो-दो स्वर्ण पदक की खुशी पाकर धनाना गांव के लोगों के अलावा भिवानी बॉक्सिंग क्लब के खिलाड़ी झूम उठे। नीतू के पिता जयभगवान हरियाणा विधानसभा में क्लेरिकल स्टाफ में हैं तो साक्षी के पिता मनोज ठेकेदार हैं। दोनों मुक्केबाजों के परिजन गुवहाटी गए हुए हैं। द्रोणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश ने अपनी दोनों शिष्याओं की जीत पर प्रसन्नता जताई और कहा कि भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।
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पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में छा गई नीतू
नीतू ने कोई राष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेला। वह सीधे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में उतरीं और एक के बाद एक धमाकेदार जीत हासिल कीं। उसके आत्मविश्वास का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने फाइनल मैच में 5-0 से जीत हासिल की।
अमर उजाला से बात करते हुए कोच जगदीश बताते हैं कि नीतू केवल स्कूल नेशनल खेली है। ओपन में उसने कोई मैच नहीं खेला। उसकी योग्यता को देखते हुए उन्होंने फेडरेशन से बात की और नीतू को मौका दिए जाने का अनुरोध किया। फेडेरशन ने उन पर भरोसा करते हुए पिछले महीने नीतू को इंडिया कैंप में जगह दी और इनविटेशनल गेम के लिए बल्गारिया भेजा। जगदीश ने इस बात पर खुशी जताई कि नीतू ने गोल्ड लेकर उनके फैसले को सही साबित कर दिया।
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साक्षी की प्रतिद्वंद्वी ने भी लिये थे जगदीश से टिप्स
साक्षी की फाइनल में प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड की बॉक्सर ने गुवहाटी जाने से पहले रोहतक में जगदीश से मुक्केबाजी के टिप्स लिये थे। यह खुलासा खुद कोच जगदीश ने किया। उन्होंने बताया कि चार दिन इंग्लैंड बॉक्सर ने उनके पास ट्रेनिंग ली। वह इंग्लैंड की अच्छी बॉक्सर है। फाइनल में वह साक्षी से हार गई, लेकिन अच्छा खेली। साक्षी ने दिमाग और अच्छे फुटवर्क के दम पर जीत हासिल की। साक्षी लांग डिस्टेंस से खेलीं और अच्छे फुटवर्क की बदौलत प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दी।
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भिवानी। गुवाहटी में चल रही महिला युवा विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जिले की दो बेटियों ने इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक जीता है। दोनों ही लड़कियां धनाना गांव की हैं। 48 किलोग्राम में नीतू और 54 किलोग्राम भार वर्ग में साक्षी ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद धनाना गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत का निर्णय लिया है।
गुवाहटी (आसाम) से रविवार शाम एक के बाद एक दो खुशी भरी खबर आई। पहले नीतू ने कजाकिस्तान की अपनी प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को 5-0 से जीत हासिल कर स्वर्णिम खुशी दी और इसके घंटेभर बाद साक्षी ने जीत के साथ दोहरी खुशी दी। साक्षी को जीत के लिए इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्वी से जूझना पड़ा। साक्षी ने 3-2 से जीत हासिल की।
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एक साथ दो-दो स्वर्ण पदक की खुशी पाकर धनाना गांव के लोगों के अलावा भिवानी बॉक्सिंग क्लब के खिलाड़ी झूम उठे। नीतू के पिता जयभगवान हरियाणा विधानसभा में क्लेरिकल स्टाफ में हैं तो साक्षी के पिता मनोज ठेकेदार हैं। दोनों मुक्केबाजों के परिजन गुवहाटी गए हुए हैं। द्रोणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश ने अपनी दोनों शिष्याओं की जीत पर प्रसन्नता जताई और कहा कि भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।
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पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में छा गई नीतू
नीतू ने कोई राष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेला। वह सीधे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में उतरीं और एक के बाद एक धमाकेदार जीत हासिल कीं। उसके आत्मविश्वास का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने फाइनल मैच में 5-0 से जीत हासिल की।
अमर उजाला से बात करते हुए कोच जगदीश बताते हैं कि नीतू केवल स्कूल नेशनल खेली है। ओपन में उसने कोई मैच नहीं खेला। उसकी योग्यता को देखते हुए उन्होंने फेडरेशन से बात की और नीतू को मौका दिए जाने का अनुरोध किया। फेडेरशन ने उन पर भरोसा करते हुए पिछले महीने नीतू को इंडिया कैंप में जगह दी और इनविटेशनल गेम के लिए बल्गारिया भेजा। जगदीश ने इस बात पर खुशी जताई कि नीतू ने गोल्ड लेकर उनके फैसले को सही साबित कर दिया।
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साक्षी की प्रतिद्वंद्वी ने भी लिये थे जगदीश से टिप्स
साक्षी की फाइनल में प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड की बॉक्सर ने गुवहाटी जाने से पहले रोहतक में जगदीश से मुक्केबाजी के टिप्स लिये थे। यह खुलासा खुद कोच जगदीश ने किया। उन्होंने बताया कि चार दिन इंग्लैंड बॉक्सर ने उनके पास ट्रेनिंग ली। वह इंग्लैंड की अच्छी बॉक्सर है। फाइनल में वह साक्षी से हार गई, लेकिन अच्छा खेली। साक्षी ने दिमाग और अच्छे फुटवर्क के दम पर जीत हासिल की। साक्षी लांग डिस्टेंस से खेलीं और अच्छे फुटवर्क की बदौलत प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दी।