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पेंशन के लिए दस्तावेज जमा कराने पहुंचे बुजुर्ग, आचार संहिता का हवाला दिया तो बुजुर्गों ने किया हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पात्र बुजुर्ग, विधवा महिलाएं, दिव्यांग और लाडली पेंशन के पात्र नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे तो आचार संहिता का हवाला देकर दस्तावेज जमा करने से मना कर दिया गया। इससे खफा बुजुर्गों ने नगर परिषद कार्यालय में हंगामा किया। बुजुर्गों ने कहा कि यह प्रक्रिया तो पिछले माह से चल रही है, ऐसे में अब क्या परेशानी है। हंगामे के बावजूद पेंशन पात्रों को निराश ही लौटना पड़ा।
पेंशन के लिए बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांग, लाड़ली पेंशन स्कीम के तहत फरवरी माह में ऑन लाइन आवेदन किया। ऑन लाइन आवेदन के बाद मंगलवार को सभी पात्रों को मूल दस्तावेजों की जांच और कागजात जमा कराने के लिए बुलाया गया था। जब नगर परिषद में बुजुर्ग और अन्य पात्र पहुंचे तो कर्मचारियों ने बताया कि अब दस्तावेज जमा नहीं होंगे। आचार संहिता लग गई है और तीन महीने बाद ही दस्तावेज जमा होंगे। इस पर बुजुर्ग बिफर गए और हंगामा किया। बुजुर्गों ने कहा कि पिछले तीन महीने से चक्कर कटवाए जा रहे है। अब सारी प्रक्रिया पूरी हो गई तो कहा जा रहा है कि आचार संहिता लागू हो गई है। जो काम पहले से चल रहा है वो तो पूरे किए जाने चाहिए। पात्र और बुजुर्गों के साथ वार्ड पार्षदों ने भी पेंशन प्रक्रिया बीच में रोकने पर नाराजगी जताई और फोन पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। मगर अधिकारियों ने आचार संहिता के दौरान किसी भी आवेदक को कोई लाभ नहीं दिए जाने का हवाला दिया। अब पेंशन पाने की टेंशन बुजुर्गों को तीन माह और सताएगी, क्योंकि इन्हें तीन माह तक पेंशन के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
हजारों ने किया है आवेदन
शहर के सभी 31 वार्डों सहित ब्लॉक स्तर पर जिलेभर के हजारों बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगों और अन्य पात्रों ने पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हुआ है। इससे पहले भी उम्र के विवाद में फंसे सैकड़ों बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग ने मेडिकल कराने के लिए जिला सामान्य अस्पताल भेज दिया था। जिसके चलते भी जिले भर के बुजुर्गों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा था।
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यूं छलका बुजुर्गों की जुबां पर दर्द
बुजुर्ग पेंशन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं, जबकि विभाग ने उन्हें पेंशन का हकदार भी माना है। मंगलवार केवल दस्तावेज जमा कराने के लिए बुलाया था, मगर उन्हें आचार संहिता के बाद आने के लिए कहा गया है।
रामकिशन वर्मा, सेवानगर कॉलोनी
मैंने और मेरे पति ने पेंशन के लिए आवेदन किया था। उसके सभी दस्तावेज जमा हो चुके हैं। आज मूल दस्तावेजों के साथ उसे बुलाया था, मगर यहां कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा। वे पेंशन के लिए पिछले चार महीनों से भटक रहे हैं।
सरबती देवी, लोहारू रोड
सरकार के दोहरे नियम: पार्षद मान
फरवरी में ऑनलाइन आवेदन कर चुके पेंशन पात्रों की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐन वक्त पर पेंशन का लाभ नहीं दिया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार दोहरे नियम अपना रही है। जींद उपचुनाव के दौरान मतदान से दो दिन पहले डी ग्रुप की लिस्ट जारी कर दी गई, अब आचार संहिता से पहले पेंशन पात्रों की चल रही प्रक्रिया को भी बीच में ही रोक दिया गया है।
ईश्वर मान, पार्षद
समाज कल्याण विभाग की पूरी प्रक्रिया ही ऑनलाइन है। जिन पात्रों ने पेंशन के लिए आवेदन किया है, अब उन्हें आचार संहिता के दौरान लाभ नहीं मिलेगा। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत ही इन आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर काम फिर से शुरू किया जाएगा।
-अमित शर्मा, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी भिवानी।
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भिवानी। पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पात्र बुजुर्ग, विधवा महिलाएं, दिव्यांग और लाडली पेंशन के पात्र नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे तो आचार संहिता का हवाला देकर दस्तावेज जमा करने से मना कर दिया गया। इससे खफा बुजुर्गों ने नगर परिषद कार्यालय में हंगामा किया। बुजुर्गों ने कहा कि यह प्रक्रिया तो पिछले माह से चल रही है, ऐसे में अब क्या परेशानी है। हंगामे के बावजूद पेंशन पात्रों को निराश ही लौटना पड़ा।
पेंशन के लिए बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांग, लाड़ली पेंशन स्कीम के तहत फरवरी माह में ऑन लाइन आवेदन किया। ऑन लाइन आवेदन के बाद मंगलवार को सभी पात्रों को मूल दस्तावेजों की जांच और कागजात जमा कराने के लिए बुलाया गया था। जब नगर परिषद में बुजुर्ग और अन्य पात्र पहुंचे तो कर्मचारियों ने बताया कि अब दस्तावेज जमा नहीं होंगे। आचार संहिता लग गई है और तीन महीने बाद ही दस्तावेज जमा होंगे। इस पर बुजुर्ग बिफर गए और हंगामा किया। बुजुर्गों ने कहा कि पिछले तीन महीने से चक्कर कटवाए जा रहे है। अब सारी प्रक्रिया पूरी हो गई तो कहा जा रहा है कि आचार संहिता लागू हो गई है। जो काम पहले से चल रहा है वो तो पूरे किए जाने चाहिए। पात्र और बुजुर्गों के साथ वार्ड पार्षदों ने भी पेंशन प्रक्रिया बीच में रोकने पर नाराजगी जताई और फोन पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। मगर अधिकारियों ने आचार संहिता के दौरान किसी भी आवेदक को कोई लाभ नहीं दिए जाने का हवाला दिया। अब पेंशन पाने की टेंशन बुजुर्गों को तीन माह और सताएगी, क्योंकि इन्हें तीन माह तक पेंशन के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
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हजारों ने किया है आवेदन
शहर के सभी 31 वार्डों सहित ब्लॉक स्तर पर जिलेभर के हजारों बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगों और अन्य पात्रों ने पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हुआ है। इससे पहले भी उम्र के विवाद में फंसे सैकड़ों बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग ने मेडिकल कराने के लिए जिला सामान्य अस्पताल भेज दिया था। जिसके चलते भी जिले भर के बुजुर्गों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा था।
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यूं छलका बुजुर्गों की जुबां पर दर्द
बुजुर्ग पेंशन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं, जबकि विभाग ने उन्हें पेंशन का हकदार भी माना है। मंगलवार केवल दस्तावेज जमा कराने के लिए बुलाया था, मगर उन्हें आचार संहिता के बाद आने के लिए कहा गया है।
रामकिशन वर्मा, सेवानगर कॉलोनी
मैंने और मेरे पति ने पेंशन के लिए आवेदन किया था। उसके सभी दस्तावेज जमा हो चुके हैं। आज मूल दस्तावेजों के साथ उसे बुलाया था, मगर यहां कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा। वे पेंशन के लिए पिछले चार महीनों से भटक रहे हैं।
सरबती देवी, लोहारू रोड
सरकार के दोहरे नियम: पार्षद मान
फरवरी में ऑनलाइन आवेदन कर चुके पेंशन पात्रों की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐन वक्त पर पेंशन का लाभ नहीं दिया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार दोहरे नियम अपना रही है। जींद उपचुनाव के दौरान मतदान से दो दिन पहले डी ग्रुप की लिस्ट जारी कर दी गई, अब आचार संहिता से पहले पेंशन पात्रों की चल रही प्रक्रिया को भी बीच में ही रोक दिया गया है।
ईश्वर मान, पार्षद
समाज कल्याण विभाग की पूरी प्रक्रिया ही ऑनलाइन है। जिन पात्रों ने पेंशन के लिए आवेदन किया है, अब उन्हें आचार संहिता के दौरान लाभ नहीं मिलेगा। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत ही इन आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर काम फिर से शुरू किया जाएगा।
-अमित शर्मा, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी भिवानी।