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Bhiwani News: तीन दिन बाद शहर से उठा 180 टन कूड़ा, गली मोहल्लों में नहीं हुई सफाई
Tue, 14 Nov 2023 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 14 Nov 2023 11:06 PM IST
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भिवानी।
तीन दिन बाद शहर से 180 टन कूड़ा उठान किया गया। जबकि त्योहारों के दौरान शहर से औसतन रोजाना 145 टन कचरा निकल रहा है। वहीं सामान्य दिनों में 126 टन कचरे का ही उठान हो रहा है। बावजूद इसके शहर की गली मोहल्लों में न तो कूड़ा उठान हो रहा है न ही साफ सफाई। वहीं हवा में फिर से प्रदूषण की धुंध छा गई है।
मंगलवार को एक्यूआई 262 दर्ज किया गया, जो येलो से ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। दिवाली से पहले ये रेड जोन में था। शहरभर से निकलने वाले कचरे का रोजाना निस्तारण भी नहीं हो रहा है, क्योंकि ठोस कचरा निस्तारण यूनिट का प्लांट लगने की प्रक्रिया अभी चल रही है। ऐसे में दादरी डंपिंग यार्ड पर पहले से पड़े हजारों टन कचरे में से रोजाना करीब 800 टन कचरे का निस्तारण किया जा रहा है। रोजाना उठान हो रहे कचरे में से मुश्किल से 80 से 100 टन कचरा ही निस्तारण के दायरे में आता है। जबकि शहर से आने वाले कचरे के डंपिंग यार्ड में ढेर लग रहे हैं।
भिवानी शहर में कचरा निस्तारण की व्यवस्था अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है, क्योंकि ठोस कचरा निस्तारण प्लांट लगने की प्रक्रिया चल रही है। सालभर तक का समय प्लांट पूरी तरह से चालू होने लग जाएगा। मगर दिन प्रतिदिन शहर में कूड़ा बढ़ रहा है। इसकी एक वजह त्योहार के दौरान घरों में ज्यादा चीजों का इस्तेमाल माना जा रहा है। जबकि प्रतिबंध के बावजूद पॉलिथीन का इस्तेमाल भी बंद नहीं हो रहा है।
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यही वजह है कि रोजाना ही शहर से औसतन 126 टन कचरा निकल रहा है। जबकि त्योहार के दौरान एक सप्ताहभर से ये कचरा 145 टन तक पहुंच गया है। कचरा निस्तारण करने वाले श्रीश्याम वेस्ट मैनेजमेंट के पास भी फिलहाल शहर से घर-घर कूड़ा उठान और ट्रांसपोर्टेशन का ही काम चल रहा है। जबकि डंपिंग यार्ड पर पहले से पड़े पुराने कचरे के निस्तारण का ही काम चल रहा है। इसके लिए दो छोटी यूनिट काम कर रही हैं।
प्लांट को अभी पर्यावरण विभाग से भी एनओसी नहीं मिली है। इस एनओसी के बाद ही प्लांट की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। कुछ अर्से पहले डंपिंग यार्ड पर जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी हवा की जांच की थी, जिसका सैंपल फेल आया था। इसके बाद नगर परिषद को ठोस कचरा निस्तारण व्यवस्था सुधार का नोटिस भी थमाया गया, मगर इसके बावजूद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।
शहर में फिर जला कूड़ा, हवा में फैल रहा प्रदूषण का धुआं
शहर में त्योहारों के बाद गली मोहल्लों और शहर के बाजारों में लोगों द्वारा कूड़े के ढेर को जलाने का सिलसिला जारी रहा। इन लोगों को न तो नगर परिषद के चालान की कोई परवाह है, न ही अधिकारी जले हुए कूड़े पर कोई संज्ञान ले रहे हैं। ऐसे में जिलाधीश की धारा 144 भी केवल घोषणा बनकर ही रह गई है। नगर परिषद ने दिखावे के लिए एक या दो दिन कुछ जगहों का निरीक्षण कर इक्का दुक्का चालान किए। इसके बाद चालान बुक को ही रख दिया। शहर में रोजाना ही सुबह-सुबह लोग सड़कों किनारे कूड़े को एकत्रित कर आग लगा रहे हैं। वहीं कूड़ा जलाने में नगर परिषद के कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं।
मंगलवार को करीब 180 टन कचरा शहर से निकला है। त्योहार के दौरान 145 टन कचरा रोजाना निकल रहा है। जबकि सामान्य दिनों में ये औसतन 126 टन कचरा ही शहर से निकलता है। प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें कुछ यूनिटों से कचरा निस्तारण का काम भी साथ-साथ किया जा रहा है।
-विनित कुमार, मैनेजर, श्रीश्याम वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी डंपिंग यार्ड भिवानी।
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तीन दिन बाद शहर से 180 टन कूड़ा उठान किया गया। जबकि त्योहारों के दौरान शहर से औसतन रोजाना 145 टन कचरा निकल रहा है। वहीं सामान्य दिनों में 126 टन कचरे का ही उठान हो रहा है। बावजूद इसके शहर की गली मोहल्लों में न तो कूड़ा उठान हो रहा है न ही साफ सफाई। वहीं हवा में फिर से प्रदूषण की धुंध छा गई है।
मंगलवार को एक्यूआई 262 दर्ज किया गया, जो येलो से ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। दिवाली से पहले ये रेड जोन में था। शहरभर से निकलने वाले कचरे का रोजाना निस्तारण भी नहीं हो रहा है, क्योंकि ठोस कचरा निस्तारण यूनिट का प्लांट लगने की प्रक्रिया अभी चल रही है। ऐसे में दादरी डंपिंग यार्ड पर पहले से पड़े हजारों टन कचरे में से रोजाना करीब 800 टन कचरे का निस्तारण किया जा रहा है। रोजाना उठान हो रहे कचरे में से मुश्किल से 80 से 100 टन कचरा ही निस्तारण के दायरे में आता है। जबकि शहर से आने वाले कचरे के डंपिंग यार्ड में ढेर लग रहे हैं।
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भिवानी शहर में कचरा निस्तारण की व्यवस्था अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है, क्योंकि ठोस कचरा निस्तारण प्लांट लगने की प्रक्रिया चल रही है। सालभर तक का समय प्लांट पूरी तरह से चालू होने लग जाएगा। मगर दिन प्रतिदिन शहर में कूड़ा बढ़ रहा है। इसकी एक वजह त्योहार के दौरान घरों में ज्यादा चीजों का इस्तेमाल माना जा रहा है। जबकि प्रतिबंध के बावजूद पॉलिथीन का इस्तेमाल भी बंद नहीं हो रहा है।
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यही वजह है कि रोजाना ही शहर से औसतन 126 टन कचरा निकल रहा है। जबकि त्योहार के दौरान एक सप्ताहभर से ये कचरा 145 टन तक पहुंच गया है। कचरा निस्तारण करने वाले श्रीश्याम वेस्ट मैनेजमेंट के पास भी फिलहाल शहर से घर-घर कूड़ा उठान और ट्रांसपोर्टेशन का ही काम चल रहा है। जबकि डंपिंग यार्ड पर पहले से पड़े पुराने कचरे के निस्तारण का ही काम चल रहा है। इसके लिए दो छोटी यूनिट काम कर रही हैं।
प्लांट को अभी पर्यावरण विभाग से भी एनओसी नहीं मिली है। इस एनओसी के बाद ही प्लांट की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। कुछ अर्से पहले डंपिंग यार्ड पर जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी हवा की जांच की थी, जिसका सैंपल फेल आया था। इसके बाद नगर परिषद को ठोस कचरा निस्तारण व्यवस्था सुधार का नोटिस भी थमाया गया, मगर इसके बावजूद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।
शहर में फिर जला कूड़ा, हवा में फैल रहा प्रदूषण का धुआं
शहर में त्योहारों के बाद गली मोहल्लों और शहर के बाजारों में लोगों द्वारा कूड़े के ढेर को जलाने का सिलसिला जारी रहा। इन लोगों को न तो नगर परिषद के चालान की कोई परवाह है, न ही अधिकारी जले हुए कूड़े पर कोई संज्ञान ले रहे हैं। ऐसे में जिलाधीश की धारा 144 भी केवल घोषणा बनकर ही रह गई है। नगर परिषद ने दिखावे के लिए एक या दो दिन कुछ जगहों का निरीक्षण कर इक्का दुक्का चालान किए। इसके बाद चालान बुक को ही रख दिया। शहर में रोजाना ही सुबह-सुबह लोग सड़कों किनारे कूड़े को एकत्रित कर आग लगा रहे हैं। वहीं कूड़ा जलाने में नगर परिषद के कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं।
मंगलवार को करीब 180 टन कचरा शहर से निकला है। त्योहार के दौरान 145 टन कचरा रोजाना निकल रहा है। जबकि सामान्य दिनों में ये औसतन 126 टन कचरा ही शहर से निकलता है। प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें कुछ यूनिटों से कचरा निस्तारण का काम भी साथ-साथ किया जा रहा है।
-विनित कुमार, मैनेजर, श्रीश्याम वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी डंपिंग यार्ड भिवानी।