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पंजाब के बटाला में बैठ कर पिता-पुत्र बनाते थे फर्जी पासपोर्ट
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने पंजाब के बटाला में फर्जी पासपोर्ट बनाए जा रहे थे। इन फर्जी पासपोर्ट के सहारे बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ठगे जाते थे। भिवानी में एक युवक से विदेश में नौकरी के नाम पर 21 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई। जांच में सामने आया कि बटाला के पिता-पुत्र फर्जी पासपोर्ट का रैकेट चला रहे थे। इस खेल में भिवानी की एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
19 अप्रैल 2017 में पुलिस को दी शिकायत में न्यू भारत नगर निवासी अनूप कुमार ने पंजाब के गुरदासपुर जिले की तहसील बटाला के गांव सुगत पुरा वासी जितेंद्र पर उसे जर्मनी में अपने होटल में कुक लगाने के नाम पर 21 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले नीरजा पावारिया नामक युवती ने उसे बताया था कि उसके दोस्त की जर्मनी में शादी हुई है। जर्मनी में उसके तीन-चार रेस्टोरेंट हैं और उन्हें इंडियन कुक की जरूरत है। उसी ने उसे बटाला निवासी जितेंद्र सिंह से मिलवाया। उपरोक्त जितेंद्र ने उसे अपना नाम जसमीत बताया था, जबकि उसके दस्तावेजों व रिकॉर्ड में उसका नाम जितेन्द्र देखा था। उसने बताया कि हमें अपने होटल के लिए कुक की जरूरत है और हम आपको वर्क परमिट के साथ यहां से लेकर जाएंगे। इस कार्य में करी तीन महीने लगेंगे और करीब 11 लाख रुपये का खर्च आएगा। वहां पर जाने के बाद तकरीबन ढाई से तीन लाख रुपये प्रति माह सैलरी होगी। उसने बताया कि ये सारा काम खुद उसकी पत्नी और उसके पिता करवाएंगे। कुछ होटल के मीनू भी दिखाएंगे। बाद में उसने कहा कि 11 नहीं 17 लाख रुपये पार्ट पेमेंट का खर्च होगा। कुछ दिन बाद उसे जालंधर बुलाया और कहा कि एंबैसी में इंटरव्यू है। वहां जाने पर बताया कि पासपोर्ट हैदराबाद कोरियर कर दिया है। वहां से काम होगा। वहां वह अलविन पटेल नामक एजेंट से मिला। बाद में उसने अकाउंट नंबर भेजे और हमसे 21 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। रुपये लेने के बाद हमसे बात करनी ही बंद कर दी। पांच-छह महीने तक कोई बात नहीं की। लंबे समय तक काम नहीं किया और बात नहीं बनी तो हमने उससे रुपये वापस मांगे। पहले वह टाल-मटोल करता और बाद में रुपये देने से इंकार कर दिया।
पिता गिरफ्तार, बेटों और महिला की तलाश
इस मामले में पुलिस विभाग की इकोनोमिक सेल जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी सुखविंद्र को बटाला से गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका बेटे जितेंद्र व एक अन्य, दो अन्य साथियों और भिवानी से आरोपी महिला की तलाश की जा रही है।
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पंजाब के बटाला वासी पिता-पुत्र फर्जी पासपोर्ट के बहाने बेरोजगारों से रुपये ठगते थे। इस मामले में सुखविंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। उसके बेटों की तलाश की जा रही है।
-राजबीर सिवाच, इंचार्ज इकोनोमिक सेल, पुलिस विभाग
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भिवानी। बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने पंजाब के बटाला में फर्जी पासपोर्ट बनाए जा रहे थे। इन फर्जी पासपोर्ट के सहारे बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ठगे जाते थे। भिवानी में एक युवक से विदेश में नौकरी के नाम पर 21 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई। जांच में सामने आया कि बटाला के पिता-पुत्र फर्जी पासपोर्ट का रैकेट चला रहे थे। इस खेल में भिवानी की एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
19 अप्रैल 2017 में पुलिस को दी शिकायत में न्यू भारत नगर निवासी अनूप कुमार ने पंजाब के गुरदासपुर जिले की तहसील बटाला के गांव सुगत पुरा वासी जितेंद्र पर उसे जर्मनी में अपने होटल में कुक लगाने के नाम पर 21 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले नीरजा पावारिया नामक युवती ने उसे बताया था कि उसके दोस्त की जर्मनी में शादी हुई है। जर्मनी में उसके तीन-चार रेस्टोरेंट हैं और उन्हें इंडियन कुक की जरूरत है। उसी ने उसे बटाला निवासी जितेंद्र सिंह से मिलवाया। उपरोक्त जितेंद्र ने उसे अपना नाम जसमीत बताया था, जबकि उसके दस्तावेजों व रिकॉर्ड में उसका नाम जितेन्द्र देखा था। उसने बताया कि हमें अपने होटल के लिए कुक की जरूरत है और हम आपको वर्क परमिट के साथ यहां से लेकर जाएंगे। इस कार्य में करी तीन महीने लगेंगे और करीब 11 लाख रुपये का खर्च आएगा। वहां पर जाने के बाद तकरीबन ढाई से तीन लाख रुपये प्रति माह सैलरी होगी। उसने बताया कि ये सारा काम खुद उसकी पत्नी और उसके पिता करवाएंगे। कुछ होटल के मीनू भी दिखाएंगे। बाद में उसने कहा कि 11 नहीं 17 लाख रुपये पार्ट पेमेंट का खर्च होगा। कुछ दिन बाद उसे जालंधर बुलाया और कहा कि एंबैसी में इंटरव्यू है। वहां जाने पर बताया कि पासपोर्ट हैदराबाद कोरियर कर दिया है। वहां से काम होगा। वहां वह अलविन पटेल नामक एजेंट से मिला। बाद में उसने अकाउंट नंबर भेजे और हमसे 21 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। रुपये लेने के बाद हमसे बात करनी ही बंद कर दी। पांच-छह महीने तक कोई बात नहीं की। लंबे समय तक काम नहीं किया और बात नहीं बनी तो हमने उससे रुपये वापस मांगे। पहले वह टाल-मटोल करता और बाद में रुपये देने से इंकार कर दिया।
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पिता गिरफ्तार, बेटों और महिला की तलाश
इस मामले में पुलिस विभाग की इकोनोमिक सेल जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी सुखविंद्र को बटाला से गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका बेटे जितेंद्र व एक अन्य, दो अन्य साथियों और भिवानी से आरोपी महिला की तलाश की जा रही है।
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पंजाब के बटाला वासी पिता-पुत्र फर्जी पासपोर्ट के बहाने बेरोजगारों से रुपये ठगते थे। इस मामले में सुखविंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। उसके बेटों की तलाश की जा रही है।
-राजबीर सिवाच, इंचार्ज इकोनोमिक सेल, पुलिस विभाग