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उच्चतर शिक्षा विभाग ने पहली बार बनाई ट्रांसफर पॉलिसी
Updated Sun, 22 Jul 2018 06:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। विवादित ट्रांसफर लिस्ट रद्द होने के बाद अब उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेज असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई है। पॉलिसी के तहत पांच साल से एक कॉलेज में नौकरी कर रहे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर का तबादला होगा। पहली बार बनी पॉलिसी में 78 अंकों के आधार पर ट्रांसफर किया जाएगा। इसमें महिलाओं, अशक्तों, ज्यादा उम्र वाले प्रोफेसरों, बेहतर परिणाम देने वाले को प्राथमिकता दी जाएगी।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के ट्रांसफर किए थे। सेवानिवृत्त, प्रिंसिपल को भी प्रोफेसर मानकर ट्रांसफर करने, जहां विषय ही नहीं उन विषयों के प्रोफेसरों के वहां ट्रांसफर करने आदि को लेकर ट्रांसफर लिस्ट विवादों में रही। अमर उजाला ने 24 जून के अंक में इस प्राथमिकता से प्रकाशित किया जिसके बाद विवादित ट्रांसफर लिस्ट को रद्द कर दिया गया। हायर एजुकेशन में इस पॉलिसी को अपने पोर्टल पर अपलोड कर दिया हैं।
अब किसी तरह के विवादों से बचने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी बनाई है जिसके बाद एसोसिट और असिस्टेंट प्रोफेसर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राथमिकता के आधार पर 10 कॉलेजों के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रति वर्ष एक से 15 मई तक असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और जून में ट्रांसफर होगा। साल में एक ही बार ट्रांसफर होगी और प्रति वर्ष ट्रांसफर होगी।
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ट्रांसफर पॉलिसी की सबसे खास बात यह है कि एक ही कॉलेज में पांच या इससे ज्यादा वर्षों से कार्यरत सभी असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के ट्रांसफर किए जाने की तैयारी है। प्रशासनिक आवश्यकताओं को छोड़कर अन्य किसी सूरत में किसी भी असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को डेपुटेशन नहीं मिलेगी। एंथ्रोपोलॉजी, बायोटेक, इलेक्ट्रोनिक्स, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, फाइन आर्ट जूलोजी, माइक्रोबायोलॉजी, फिलोस्पी, टूरिज्म के असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को इस पॉलिसी से बाहर रखा गया है।
78 अंकों के आधार पर होंगे ट्रांसफर
ट्रांसफर पॉलिसी में 78 अंकों को आधार बनाया गया है। इसमें महिला असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को सीधे 10 अंक मिलेंगे। इसके अलावा विशेष कैटेगिरी विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित महिला असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को 10 अंक मिलेंगे। पुरुषों की विशेष कैटेगिरी में ऐसे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर जिनकी पत्नी नहीं है और बच्चों की जिम्मेवारी भी उन पर है तो उन्हें पांच अंक की अतिरिक्त वैटेज दी जाएगी। अशक्त असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को 20 अंक की वैटेज होगी। स्वयं के या परिवार के किसी सदस्य बीमारी के ग्रस्त होने पर 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। पति-पत्नी नौकरी कर रहे हैं तो उन्हें पांच अंक की वैटेज है।
बेहतर परिणाम पर मिलेंगे पांच अंक
जो असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर बेहतर परिणाम देते हैं, उन्हें ट्रांसफर पॉलिसी में पांच अंकों की वैटेज मिलेगी। परिणाम का भी मापदंड तय किया गया है। इसमें 75 से 80 फीसदी परिणाम वालों को एक अंक, 80 से 85 फीसदी परिणाम पर दो अंक, 85 से 90 फीसदी परिणाम पर तीन अंक, 90 से 95 फीसदी परिणाम पर चार अंक और 95 से 100 फीसदी परिणाम पर पांच अंक मिलेंगे। स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों कक्षाओं को पढ़ाने वालों को दो अंक अतिरिक्त मिलेंगे।
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भिवानी। विवादित ट्रांसफर लिस्ट रद्द होने के बाद अब उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेज असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई है। पॉलिसी के तहत पांच साल से एक कॉलेज में नौकरी कर रहे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर का तबादला होगा। पहली बार बनी पॉलिसी में 78 अंकों के आधार पर ट्रांसफर किया जाएगा। इसमें महिलाओं, अशक्तों, ज्यादा उम्र वाले प्रोफेसरों, बेहतर परिणाम देने वाले को प्राथमिकता दी जाएगी।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के ट्रांसफर किए थे। सेवानिवृत्त, प्रिंसिपल को भी प्रोफेसर मानकर ट्रांसफर करने, जहां विषय ही नहीं उन विषयों के प्रोफेसरों के वहां ट्रांसफर करने आदि को लेकर ट्रांसफर लिस्ट विवादों में रही। अमर उजाला ने 24 जून के अंक में इस प्राथमिकता से प्रकाशित किया जिसके बाद विवादित ट्रांसफर लिस्ट को रद्द कर दिया गया। हायर एजुकेशन में इस पॉलिसी को अपने पोर्टल पर अपलोड कर दिया हैं।
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अब किसी तरह के विवादों से बचने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी बनाई है जिसके बाद एसोसिट और असिस्टेंट प्रोफेसर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राथमिकता के आधार पर 10 कॉलेजों के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रति वर्ष एक से 15 मई तक असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और जून में ट्रांसफर होगा। साल में एक ही बार ट्रांसफर होगी और प्रति वर्ष ट्रांसफर होगी।
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ट्रांसफर पॉलिसी की सबसे खास बात यह है कि एक ही कॉलेज में पांच या इससे ज्यादा वर्षों से कार्यरत सभी असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के ट्रांसफर किए जाने की तैयारी है। प्रशासनिक आवश्यकताओं को छोड़कर अन्य किसी सूरत में किसी भी असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को डेपुटेशन नहीं मिलेगी। एंथ्रोपोलॉजी, बायोटेक, इलेक्ट्रोनिक्स, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, फाइन आर्ट जूलोजी, माइक्रोबायोलॉजी, फिलोस्पी, टूरिज्म के असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को इस पॉलिसी से बाहर रखा गया है।
78 अंकों के आधार पर होंगे ट्रांसफर
ट्रांसफर पॉलिसी में 78 अंकों को आधार बनाया गया है। इसमें महिला असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को सीधे 10 अंक मिलेंगे। इसके अलावा विशेष कैटेगिरी विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित महिला असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को 10 अंक मिलेंगे। पुरुषों की विशेष कैटेगिरी में ऐसे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर जिनकी पत्नी नहीं है और बच्चों की जिम्मेवारी भी उन पर है तो उन्हें पांच अंक की अतिरिक्त वैटेज दी जाएगी। अशक्त असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को 20 अंक की वैटेज होगी। स्वयं के या परिवार के किसी सदस्य बीमारी के ग्रस्त होने पर 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। पति-पत्नी नौकरी कर रहे हैं तो उन्हें पांच अंक की वैटेज है।
बेहतर परिणाम पर मिलेंगे पांच अंक
जो असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर बेहतर परिणाम देते हैं, उन्हें ट्रांसफर पॉलिसी में पांच अंकों की वैटेज मिलेगी। परिणाम का भी मापदंड तय किया गया है। इसमें 75 से 80 फीसदी परिणाम वालों को एक अंक, 80 से 85 फीसदी परिणाम पर दो अंक, 85 से 90 फीसदी परिणाम पर तीन अंक, 90 से 95 फीसदी परिणाम पर चार अंक और 95 से 100 फीसदी परिणाम पर पांच अंक मिलेंगे। स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों कक्षाओं को पढ़ाने वालों को दो अंक अतिरिक्त मिलेंगे।