{"_id":"59b6e80b4f1c1bfa7f8b6463","slug":"171505159179-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैंगों मिली बग कीट सूखा रहा है पीपल के पेड़ों को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैंगों मिली बग कीट सूखा रहा है पीपल के पेड़ों को
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीपल के पेड़ों को सुखा रहा है ‘मैंगों मिली बग कीट’
बहल। अज्ञात बीमारी से जूझ रहे पीपल के पेड़ों में वही कीट लगा है जो कुछ साल पहले कपास की फसल की बर्बादी का कारण बना था। कृषि विभाग से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो मैंगों मीली बग नामक यह कीट जिस भी पेड़ पर लगता है वह सूख जाता है। कस्बे के युवाओं ने जब सूख रहे पेड़ों की कटिंग भेज कर जांच करवाई तो यह बात सामने आई है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर युवाओं में पीपल के सूख रहे पेड़ों को लेकर चिंता जताई जा रही थी। युवाओं का कहना था कि स्वास्थ्य, आध्यात्म और अन्य कारणों से धर्म में पीपल के पेड़ की है। लोगों की अपनी आस्था और विश्वास के कारण कस्बे के लगभग हर हिस्से में पीपल के पेड़ों की भरमार है। लेकिन, पिछले कुछ समय से पीपल के पेड़ लगातार सूखते जा रहे हैं। शुरूआत में लोग इसे पतझड़ से जोड़कर देखते हुए ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे थे लेकिन अब जब हरे भरे पेड़ों की जगह केवल डंठल नजर आने लगी तब लोगों ने इसका कारण ढूंढना शुरू किया तब यह नतीजा मिला।
एनेसियस कीट ही है इसका उपचार
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो पीपल में लगी इस बीमारी के उपचार के लिए कोई दवाई कारगर नहीं है। इसका उपचार भी इसके एक दुश्मन कीट से ही होगा। एनेसियस नामक काले रंग का कीट इस मिली बग कीट को खाकर नष्ट करता है। यह एक कीट फूड चैन है जिसके तहत कहीं से उड़कर आया एनेसियस किसी दूसरे कीट के घर में अंडे देता है तथा उसकी अगली जनरेशन मिली बग को खाकर खत्म करती है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी डॉ. रामकुमार खरब ने बताया कि बहल में ही नहीं अन्य जगहों पर भी पीपल के पेड़ में यह बीमारी देखी जा रही है।
विज्ञापन
चिंतित युवा लिखेंगे सीएम एवं जिला के अधिकारियों को
बहल के युवा सूख रहे पीपल के पेड़ों को बचाने के लिए चिंतित हैं। हर युवा अपने हिसाब से पेड़ों को बचाने के लिए तौर तरीके बता रहा है। चेयरमैन सुशील केडिया, रवि आजाद, वार्ड नंबर छह के पंच कामेश शर्मा, शिवकुमार, आदित्य शर्मा, विकास शर्मा, गौतम शर्मा ने इन पेड़ों को बचाने के लिए प्रयासरत हैं। युवाओं ने इस मामले को सीएम विंडो के माध्यम से प्रदेश के सीएम तथा जिला प्रशासन को अवगत कराने का फैसला किया है।
फोटो : 07
कैप्शन : अज्ञात बीमारी से सूख रहे है पीपल के पेड़।
विज्ञापन
बहल। अज्ञात बीमारी से जूझ रहे पीपल के पेड़ों में वही कीट लगा है जो कुछ साल पहले कपास की फसल की बर्बादी का कारण बना था। कृषि विभाग से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो मैंगों मीली बग नामक यह कीट जिस भी पेड़ पर लगता है वह सूख जाता है। कस्बे के युवाओं ने जब सूख रहे पेड़ों की कटिंग भेज कर जांच करवाई तो यह बात सामने आई है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर युवाओं में पीपल के सूख रहे पेड़ों को लेकर चिंता जताई जा रही थी। युवाओं का कहना था कि स्वास्थ्य, आध्यात्म और अन्य कारणों से धर्म में पीपल के पेड़ की है। लोगों की अपनी आस्था और विश्वास के कारण कस्बे के लगभग हर हिस्से में पीपल के पेड़ों की भरमार है। लेकिन, पिछले कुछ समय से पीपल के पेड़ लगातार सूखते जा रहे हैं। शुरूआत में लोग इसे पतझड़ से जोड़कर देखते हुए ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे थे लेकिन अब जब हरे भरे पेड़ों की जगह केवल डंठल नजर आने लगी तब लोगों ने इसका कारण ढूंढना शुरू किया तब यह नतीजा मिला।
विज्ञापन
एनेसियस कीट ही है इसका उपचार
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो पीपल में लगी इस बीमारी के उपचार के लिए कोई दवाई कारगर नहीं है। इसका उपचार भी इसके एक दुश्मन कीट से ही होगा। एनेसियस नामक काले रंग का कीट इस मिली बग कीट को खाकर नष्ट करता है। यह एक कीट फूड चैन है जिसके तहत कहीं से उड़कर आया एनेसियस किसी दूसरे कीट के घर में अंडे देता है तथा उसकी अगली जनरेशन मिली बग को खाकर खत्म करती है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी डॉ. रामकुमार खरब ने बताया कि बहल में ही नहीं अन्य जगहों पर भी पीपल के पेड़ में यह बीमारी देखी जा रही है।
विज्ञापन
चिंतित युवा लिखेंगे सीएम एवं जिला के अधिकारियों को
बहल के युवा सूख रहे पीपल के पेड़ों को बचाने के लिए चिंतित हैं। हर युवा अपने हिसाब से पेड़ों को बचाने के लिए तौर तरीके बता रहा है। चेयरमैन सुशील केडिया, रवि आजाद, वार्ड नंबर छह के पंच कामेश शर्मा, शिवकुमार, आदित्य शर्मा, विकास शर्मा, गौतम शर्मा ने इन पेड़ों को बचाने के लिए प्रयासरत हैं। युवाओं ने इस मामले को सीएम विंडो के माध्यम से प्रदेश के सीएम तथा जिला प्रशासन को अवगत कराने का फैसला किया है।
फोटो : 07
कैप्शन : अज्ञात बीमारी से सूख रहे है पीपल के पेड़।