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सम्मान करोगे तो सम्मान पाओगे: संत कंवर
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:56 AM IST
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सम्मान करोगे तो सम्मान पाओगे: संत कंवर
भिवानी।
राधा स्वामी दिनोद के परम संत हुजूर कंवर साहब ने कहा कि इंसान परमात्मा का ही अंश है। इंसान को कभी भी एक दूसरे से बैरभाव नहीं रखना चाहिए। हमें एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए तभी हम सम्मान पाते हैं। हमें एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए। जब हम किसी की सहायता करते हैं तो भगवान हमारी सहायता करता है। वे रविवार को दिनोद आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
कंवर महाराज ने कहा कि माता पिता की सेवा से बड़ी सेवा कोई नहीं है। माता पिता की सेवा से अच्छे कर्मों की शुरूआत होती है। भक्ति से जोड़कर माया से मुक्ति दिलाना ही रक्षाबंधन कहलाता है। परमात्मा हमेशा सभी जीवों की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि गुरु की भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने से ही मन को आत्म संतुष्टि मिलती है। जो गुरु की आज्ञा का पालन करते हैं वे इस भव सागर से तर जाते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए। समाज में बुराई मिटाने के लिए सब मिलजुल कर काम करें। कन्या भ्रूण हत्या, नशा खोरी आदि से जो समाज बचा रहता है वह प्रगति के मार्ग पर तेजी से बढ़ता है। इसको बचाना हमारा ही फर्ज बनाता है। उन्होंने कहा कि समाज में युवा नशे की लत में पड़ चुके हैं जिसके कारण उनकी जिंदगी बर्बादी की तरफ बढ़ रही है। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए संपूर्ण समाज को एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा तभी इस सामाजिक बुराई को दूर किया जा सकता है।
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भिवानी।
राधा स्वामी दिनोद के परम संत हुजूर कंवर साहब ने कहा कि इंसान परमात्मा का ही अंश है। इंसान को कभी भी एक दूसरे से बैरभाव नहीं रखना चाहिए। हमें एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए तभी हम सम्मान पाते हैं। हमें एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए। जब हम किसी की सहायता करते हैं तो भगवान हमारी सहायता करता है। वे रविवार को दिनोद आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
कंवर महाराज ने कहा कि माता पिता की सेवा से बड़ी सेवा कोई नहीं है। माता पिता की सेवा से अच्छे कर्मों की शुरूआत होती है। भक्ति से जोड़कर माया से मुक्ति दिलाना ही रक्षाबंधन कहलाता है। परमात्मा हमेशा सभी जीवों की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि गुरु की भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने से ही मन को आत्म संतुष्टि मिलती है। जो गुरु की आज्ञा का पालन करते हैं वे इस भव सागर से तर जाते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए। समाज में बुराई मिटाने के लिए सब मिलजुल कर काम करें। कन्या भ्रूण हत्या, नशा खोरी आदि से जो समाज बचा रहता है वह प्रगति के मार्ग पर तेजी से बढ़ता है। इसको बचाना हमारा ही फर्ज बनाता है। उन्होंने कहा कि समाज में युवा नशे की लत में पड़ चुके हैं जिसके कारण उनकी जिंदगी बर्बादी की तरफ बढ़ रही है। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए संपूर्ण समाज को एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा तभी इस सामाजिक बुराई को दूर किया जा सकता है।
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