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स्लाटर हाउस पर लटके रहते है ताले, कहां हो पशुओं की जांच

Mon, 15 Jan 2018 12:50 AM IST
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:50 AM IST
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स्लाटर हाउस पर लटके रहते है ताले, कहां हो पशुओं की जांच
स्लाटर हाउस में जांच के नाम पर हो रही खाना पूर्ति
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भिवानी। कहने को तो भिवानी में करीब 25 लाख रुपये खर्च कर नगर परिषद ने स्लाटर हाउस बनाया हुआ है, लेकिन यहां मीट विक्रेताओं की सुविधा के नाम पर शून्य प्रबंध है। पूरे दिन स्लाटर हाउस पर ताले लटके रहते हैं। बिना डॉक्टर के ही सुबह केवल एक समय ही जांच के नाम पर पशुओं को पर्ची काटकर मुहर लगाई जा रही है। बिना जांच के ही पशुओं को हलाल कर शहर में मीट की बिक्री होने से लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
भिवानी के हालुवास गेट मुक्तिधाम मत्स्य पालन फार्म हाउस के अंदर शहर से बाहर नगर परिषद ने करीब पच्चीस लाख रुपये खर्च कर स्लाटर हाउस भवन बनाया है। नियमों के हिसाब से मीट के लिए हलाल होने वाले पशुओं की जांच पशु चिकित्सक से करवानी जरूरी है, ताकि बीमार पशु का मांस खाने से कोई बीमारी ना फैले। अब नगर परिषद ने स्लाटर हाउस में पशुओं की जांच के लिए शहर मीट विक्रेताओं को नोटिस भेजकर बाध्य किया है। स्लाटर हाउस में जांच के लिए जाने वाले मीट विक्रेताओं का कहना है कि यहां जांच के नाम पर केवल नप के कर्मचारी मुहर लगा रहे है। ऐेसे में बिना जांच के ही लोगों को मीट खाना पड़ रहा है, जो कि सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
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एक पशु की जांच की लगती है 7 रुपये फीस
स्लाटर हाउस में जांच के लिए पहुंचने वाले बकरा, सुअर की जांच की सात रुपये फीस लगती है। यह फीस लेकर मीट विक्रेताओं के हाथ में पर्ची थमा दी जाती है, जबकि जांच करने वाला वहां कोई नहीं होता है।
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रोजाना होता है लाखों का कारोबार
शहर में करीब 150 से अधिक मीट विक्रेता है। जिनकी दुकानों पर रोजाना करीब 50 क्विंटल से अधिक मीट की बिक्री शहर में होती है।

मीट मार्केट के अंदर ही हो स्लाटर हाउस
मीट विक्रेता भी नहीं चाहते कि शहर की सड़कों के किनारे दुकानों में मीट की खुलेआम बिक्री हो। प्रशासन शहर में कहीं भी अलग से मीट मार्केट बनाकर दे और उसके अंदर ही स्लाटर हाउस और नियम से पशुओं की मेडिकल जांच की जाए। जब तक मीट मार्केट नहीं बनाई जाती है, तब तक उन्हें परेशान न किया जाए। स्लाटर हाउस में जाते है तो वहां अकसर ताला लटका होता है। सुबह के समय केवल एक कर्मचारी होता है, जो पर्ची काटकर उन्हें थमा देता है।

-धर्मराज, संजय कुमार, बृजलाल, राकेश मीट विक्रेता

स्लाटर हाउस में पानी और डॉक्टर सहित सभी सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। पशु पालन विभाग से रोजाना एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। मीट विक्रेताओं की मांग पर मीट मार्केट बनाने के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- आरके महता, सचिव नगर परिषद
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