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निजी स्कूल में अभिभावकों ने किया हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:18 AM IST
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निजी स्कूल में अभिभावकों ने किया हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस
भिवानी। महम रोड स्थित एक निजी स्कूल में मंगलवार को अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल ने गुमराह कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। मामला ज्यादा बिगड़ने पर स्कूल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी।
मंगलवार को आठ-10 बच्चों के अभिभावक प्रिंसिपल से मिलने पहुंचे। बताया गया कि प्राचार्या नहीं हैं। इसके बाद अभिभावकों ने हंगामा करना आरंभ कर दिया। अभिभावक जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उसके बेटे ने पिछले साल दसवीं कक्षा की परीक्षा दी थी। एक विषय में रिअपीयर आ गया था। इस साल इसी स्कूल में 11 वीं में एडमिशन ले लिया और रिअपीयर की परीक्षा भी दी। पहले प्राचार्या ने बताया कि उसका बच्चा पास हो गया, लेकिन मार्कशीट नहीं दी। अब गत 12 तारीख को अचानक बताया गया कि बच्चा फेल है। इस बारे में उन्होंने सीएम विंडो और कोर्ट में याचिका भी दायर की है। जोगेंद्र ने बताया कि ऐसे 18-19 बच्चे हैं।
इस स्कूल से 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की बहन प्रियंका ने आरोप लगाया कि रिअपीयर के बाद किसी दूसरे स्कूल में उसकी बहन का दाखिला कराया। अब दबाव डाला जा रहा है कि उनके स्कूल में एडमिशन कराओगे तो कोई रास्ता निकलेगा।
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मामला बढ़ता देख पुलिस बुलाई। बाद में पुलिस ने अभिभावकों को समझा बुझाकर घर भेज दिया। उधर, स्कूल के पीआरओ का कहना है कि पास-फेल उनके हाथ में नहीं है। रिअपीयर में जिसने जैसा पेपर दिया, उसका वैसा ही रिजल्ट आया है। फेल करने और देरी के आरोप बेबुनियाद हैं। सीबीएसई बोर्ड ने मार्कशीट भेजी, उसी समय बच्चों ने दे दी गई।
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भिवानी। महम रोड स्थित एक निजी स्कूल में मंगलवार को अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल ने गुमराह कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। मामला ज्यादा बिगड़ने पर स्कूल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी।
मंगलवार को आठ-10 बच्चों के अभिभावक प्रिंसिपल से मिलने पहुंचे। बताया गया कि प्राचार्या नहीं हैं। इसके बाद अभिभावकों ने हंगामा करना आरंभ कर दिया। अभिभावक जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उसके बेटे ने पिछले साल दसवीं कक्षा की परीक्षा दी थी। एक विषय में रिअपीयर आ गया था। इस साल इसी स्कूल में 11 वीं में एडमिशन ले लिया और रिअपीयर की परीक्षा भी दी। पहले प्राचार्या ने बताया कि उसका बच्चा पास हो गया, लेकिन मार्कशीट नहीं दी। अब गत 12 तारीख को अचानक बताया गया कि बच्चा फेल है। इस बारे में उन्होंने सीएम विंडो और कोर्ट में याचिका भी दायर की है। जोगेंद्र ने बताया कि ऐसे 18-19 बच्चे हैं।
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इस स्कूल से 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की बहन प्रियंका ने आरोप लगाया कि रिअपीयर के बाद किसी दूसरे स्कूल में उसकी बहन का दाखिला कराया। अब दबाव डाला जा रहा है कि उनके स्कूल में एडमिशन कराओगे तो कोई रास्ता निकलेगा।
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मामला बढ़ता देख पुलिस बुलाई। बाद में पुलिस ने अभिभावकों को समझा बुझाकर घर भेज दिया। उधर, स्कूल के पीआरओ का कहना है कि पास-फेल उनके हाथ में नहीं है। रिअपीयर में जिसने जैसा पेपर दिया, उसका वैसा ही रिजल्ट आया है। फेल करने और देरी के आरोप बेबुनियाद हैं। सीबीएसई बोर्ड ने मार्कशीट भेजी, उसी समय बच्चों ने दे दी गई।