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16 साल की भारती बनीं एक दिन की डीसी

Sat, 17 Apr 2021 12:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 12:19 AM IST
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16 years girl make DC, taking decission, student bharti
डीसी की कुर्सी पर बैठक लोगों की फरियाद सुनतीं छात्रा भारती। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। मात्र 16 साल की उम्र की भारती ने डीसी की कुर्सी पर बैठकर आईएएस होने की जिम्मेदारी का अहसास किया। उसने मात्र आधा घंटे तक कुर्सी पर बैठकर एक दिन के डीसी होने का गौरव हासिल किया। साथ ही जिलाधीश के दरबार में फरियाद भी सुनी।
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शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 11वीं कक्षा की छात्रा भारती ने वूमन वीक के दौरान आयोजित मॉक पार्लियामेंट में परीक्षाओं में नकल और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर पहला स्थान हासिल किया था। शुक्रवार को भारती को डीसी जयबीर सिंह आर्य ने अपनी कुर्सी पर बैठाया। डीसी की कुर्सी पर बैठने के बाद भारती ने एक बुजुर्ग चौकीदार की फरियाद सुनी। वहीं पिछले कई दिनों से एनओसी के लिए चक्कर लगा रहे युवक की समस्या का भी समाधान कराया। इसी दौरान भारती ने अधिकारियों से भी बढ़ रहे कोरोना संक्रमण पर मंत्रणा की और इसकी रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। इस दौरान नगराधीश हरबीर सिंह, सीएमजीजीए आयुष सिंघल, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण, उप जिला शिक्षा अधिकारी संतोष नागर, भारती के पिता सुभाष तंवर, चाचा सतीश कुमार, अर्थशास्त्र की प्रवक्ता सुसुमलता भी मौजूद रहीं।
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एक दिन खुद की काबिलियत साबित कर बनूंगी डीसी : भारती
11वीं की छात्रा भारती ने बताया कि एक दिन खुद की काबिलियत साबित कर मैं भी डीसी बनूंगी। मैं अभी से यूपीएससी की तैयारी कर रही हूं और एक दिन आईएएस बनकर देश की सेवा करूंगी। मेरी कामयाबी में मेरे पिता सुभाष तंवर का बहुत बड़ा योगदान होगा, क्योंकि मेरे पिता ने मुझे हर बार आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।
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दो भाई बहनों में बड़ी है भारती
शहर के वार्ड नंबर 17 के पार्षद प्रतिनिधि सुभाष तंवर की बड़ी बेटी भारती मात्र 16 साल की है। उसका छोटा भाई मनीष दसवीं कक्षा का छात्र है। भारती ने बताया कि उसने वूमेन वीक कार्यक्रम के तहत मॉक पार्लियामेंट में विपक्षी सांसद की भूमिका निभाते हुए परीक्षाओं में नकल और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।
सिस्टम में बदलाव के साथ लोगों की सोच भी बदलनी जरूरी
भारती ने बताया कि वर्तमान सिस्टम यानी व्यवस्था में बदलाव की जरूरत हैं, लेकिन इसके साथ-साथ लोगों की सोच व नजरिया भी बदलना जरूरी है। भारती ने सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल की शिक्षा में फर्क पर कहा कि सरकारी स्कूलों में भी अच्छी पढ़ाई होती है, बस हमें खुद को उसके काबिल बनाना होगा।
कोविड बचाव के लिए ये होने चाहिए इंतजाम
डीसी की कुर्सी पर बैठते ही भारती ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। वैक्सीन के कार्य में तेजी लाएं और होम आईसोलेशन करने से पहले मरीज के घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि उसके पास पर्याप्त जगह व खुद को अलग रखने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं या नहीं। इसी के बाद अधिकारी निर्णय लें उसे होम आईसोलेट करना है या अस्पताल लाना है।
वर्जन:::
वूमेन वीक कार्यक्रम के दौरान बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम कराए गए थे। इनमें अग्रणी रहने वाली बेटियों को प्रोत्साहित करने के मकसद से ही एक दिन का डीसी, एसडीएम बनाने का निर्णय लिया था। भारती का बेहतरीन प्रदर्शन रहा था, इसलिए उसे मैंने खुद अपनी कुर्सी पर बैठाकर बेटी को ये सम्मान दिया है।

- जयबीर सिंह आर्य, उपायुक्त भिवानी।
वर्जन:::
यह क्षण बहुत ही उत्साहवर्धक था, जब भारती डीसी की कुर्सी पर मेरे सामने ही एक सर्वोच्च अधिकारी बनकर बैठी थी। बच्चों को छात्र जीवन से ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। कोई भी बच्चा अपनी काबिलियत की बदौलत आईएएस की कुर्सी पर बैठने का गौरव व सम्मान हासिल कर सकता है। उपायुक्त का यह कदम न केवल बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुपम हैं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदलने के प्रति भी सर्वोपरि है।
- अजीत सिंह श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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