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स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कोचिंग सेंटर में आग लगी तो राम का भरोसा
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भिवानी। गुजरात के सूरत में पिछले दिनों हुए अग्रिकांड में 17 बच्चों की मौत हो गई थी। लापरवाही से ऐसा हादसा भिवानी में भी हो सकता है। शहर में चल रहे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और गेस्ट हाउसों में कहीं भी आग लगी तो जानलेवा साबित हो सकता है। आग लगने पर काबू पाने के लिए इन संस्थानो ंमें पर्याप्त इंतजाम ही नहीं हैं। न ही इन्होंने दमकल विभाग से कोई एनओसी ली। नियमों को ताक पर रखकर इन्हें चलाया जा रहा है। सूरत हादसे के बाद एसडीएम के निर्देश पर 322 सेंटरों का निरीक्षण किया। जिनमें से महज 34 के पास ही एनओसी मिली। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह लोगों खासकर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।
चार दिन तक हुए सर्वे में विभिन्न टीमों ने 120 स्कूलों, छह कॉलेज, 86 अस्पताल, 15 होटल, एक ऑडिटोरियम, 34 कोचिंग सेंटर, एक सिनेमाघर, नौ हॉस्टल, नौ मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि अधिकतर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर अपने संस्थान चला रहे हैं। 120 स्कूलों में से महज 16 के पास ही एनओसी है। कुछ स्कूल ऐसे भी है जिन्होंने पांच-10 साल पहले एनओसी तो ली लेकिन अब तक रिन्यू नहीं करवाया, जबकि प्रति वर्ष रिन्यू करवाना होता है। टिबडेवाल सभागर जहां हर साल सरकारी, गैर सरकारी कार्यक्रम होते रहते हैं, उसके पास भी दमकल विभाग की एनओसी नहीं।
34 कोंचिंग सेंटर में किसी के पास एनओसी नहीं
शहर में 34 कोचिंग सेंटर चल रहे है मगर आग से निपटने के इंतजार या एनओसी किसी के पास नहीं। शहर में नौ हॉस्टल चल रहे हं, जिनमें विद्यार्थी और खिलाड़ी रह रहे हैं मगर वहां भी आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं। इसके अलावा शहर में नौ मल्टी स्टोरी बिल्डिंग है, मगर दो को छोड़ किसी के पास न तो आग से बचाव के साधन हैं और न ही एनओसी।
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जानलेवा है गेस्ट हाउस
शहर क्षेत्र में सरकुलर रोड पर ही करीब 40 गेस्ट हाउस हैं। टीम ने निरीक्षण किया तो लगभग सभी गेस्ट हाउस में एंट्री का एक ही रास्ता और वह भी इतना संकरा कि एक समय में ही एक व्यक्ति निकल सके। टीम ने गेस्ट हाउस को सबसे खतरनाक माना है।
एसडीएम ने जांचे 20 सेंटर
एसडीएम अजय चौपड़ा ने टीम को साथ लेकर स्वयं करीब 20 सेंटरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद इन सेंटरों में गंभीर स्थिति पाई और इनकी रिपोर्ट तैयार की गई। अब इन्हें नोटिस भेजने पर विचार किया जा रहा है।
संस्थान संख्या एनओसी
स्कूल 120 16
कॉलेज 06 00
अस्पताल 86 15
होटल 15 00
टिबड़ेवाल ऑडिटोरियम 01 00
कोचिंग सेंटर 34 00
हॉस्टल 09 00
गेस्ट हाउस 40 00
मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग 09 02
आदेशों के बाद शहर में चल रहे स्कूल, कॉलेजों, अस्पताल, हॉस्टल, मल्टी स्टोरी बिल्डिंग आदि का निरीक्षण किया है। अधिकतर के पास न तो आग बुझाने के इंतजाम हैं और न ही इन्होंने दमकल विभाग से एनओसी ली है। शहर में चल रहे गेस्ट हाउस में स्थिति ज्यादा गंभीर है। इनकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।
जयनारायण, फायर ऑफिसर भिवानी
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चार दिन तक हुए सर्वे में विभिन्न टीमों ने 120 स्कूलों, छह कॉलेज, 86 अस्पताल, 15 होटल, एक ऑडिटोरियम, 34 कोचिंग सेंटर, एक सिनेमाघर, नौ हॉस्टल, नौ मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि अधिकतर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर अपने संस्थान चला रहे हैं। 120 स्कूलों में से महज 16 के पास ही एनओसी है। कुछ स्कूल ऐसे भी है जिन्होंने पांच-10 साल पहले एनओसी तो ली लेकिन अब तक रिन्यू नहीं करवाया, जबकि प्रति वर्ष रिन्यू करवाना होता है। टिबडेवाल सभागर जहां हर साल सरकारी, गैर सरकारी कार्यक्रम होते रहते हैं, उसके पास भी दमकल विभाग की एनओसी नहीं।
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34 कोंचिंग सेंटर में किसी के पास एनओसी नहीं
शहर में 34 कोचिंग सेंटर चल रहे है मगर आग से निपटने के इंतजार या एनओसी किसी के पास नहीं। शहर में नौ हॉस्टल चल रहे हं, जिनमें विद्यार्थी और खिलाड़ी रह रहे हैं मगर वहां भी आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं। इसके अलावा शहर में नौ मल्टी स्टोरी बिल्डिंग है, मगर दो को छोड़ किसी के पास न तो आग से बचाव के साधन हैं और न ही एनओसी।
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जानलेवा है गेस्ट हाउस
शहर क्षेत्र में सरकुलर रोड पर ही करीब 40 गेस्ट हाउस हैं। टीम ने निरीक्षण किया तो लगभग सभी गेस्ट हाउस में एंट्री का एक ही रास्ता और वह भी इतना संकरा कि एक समय में ही एक व्यक्ति निकल सके। टीम ने गेस्ट हाउस को सबसे खतरनाक माना है।
एसडीएम ने जांचे 20 सेंटर
एसडीएम अजय चौपड़ा ने टीम को साथ लेकर स्वयं करीब 20 सेंटरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद इन सेंटरों में गंभीर स्थिति पाई और इनकी रिपोर्ट तैयार की गई। अब इन्हें नोटिस भेजने पर विचार किया जा रहा है।
संस्थान संख्या एनओसी
स्कूल 120 16
कॉलेज 06 00
अस्पताल 86 15
होटल 15 00
टिबड़ेवाल ऑडिटोरियम 01 00
कोचिंग सेंटर 34 00
हॉस्टल 09 00
गेस्ट हाउस 40 00
मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग 09 02
आदेशों के बाद शहर में चल रहे स्कूल, कॉलेजों, अस्पताल, हॉस्टल, मल्टी स्टोरी बिल्डिंग आदि का निरीक्षण किया है। अधिकतर के पास न तो आग बुझाने के इंतजाम हैं और न ही इन्होंने दमकल विभाग से एनओसी ली है। शहर में चल रहे गेस्ट हाउस में स्थिति ज्यादा गंभीर है। इनकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।
जयनारायण, फायर ऑफिसर भिवानी