{"_id":"597e2d214f1c1be92d8b4a6f","slug":"151501441313-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर लगाए नारे, कर्जे माफ करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर लगाए नारे, कर्जे माफ करने की मांग
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी पहुंची किसान कर्जा मुक्ति यात्रा
भिवानी। फरीदाबाद से शुरू हुई किसान कर्जा मुक्ति यात्रा रविवार को भिवानी पहुंची। किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर रोष जताते हुए कर्ज माफ करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
28 जुलाई से फरीदाबाद से शुरू हुई किसान कर्जा मुक्ति यात्रा रविवार सुबह करीब 10 बजे भिवानी पहुंची। लघु सचिवालय के बाहर पहुंचने पर स्थानीय किसान सभा नेताओं ने यात्रा स्वागत किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के कर्जे तुरंत माफ किए जाने चाहिए। प्रत्येक फसल के दाम निर्धारित करते समय लागत पर 50 फीसदी लाभ देकर न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया जाए। दो एकड़ या इससे कम वाले किसानों को बीपीएल की श्रेणी में रखा जाए। यात्रा के संयोजक व प्रदेशाध्यक्ष शमशेर सिंह दहिया ने बताया कि छह अगस्त को यात्रा मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचेगी और मांग पत्र सौंपा जाएगा। अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो प्रदेश के सभी छह किसान संगठन नौ से 15 अगस्त तक जेल भरों आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी माग नहीं मानी गई तो दो अक्तूबर को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की विजयघाट समाधि पर एकत्रित होकर संसद घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन
भिवानी। फरीदाबाद से शुरू हुई किसान कर्जा मुक्ति यात्रा रविवार को भिवानी पहुंची। किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर रोष जताते हुए कर्ज माफ करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
28 जुलाई से फरीदाबाद से शुरू हुई किसान कर्जा मुक्ति यात्रा रविवार सुबह करीब 10 बजे भिवानी पहुंची। लघु सचिवालय के बाहर पहुंचने पर स्थानीय किसान सभा नेताओं ने यात्रा स्वागत किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के कर्जे तुरंत माफ किए जाने चाहिए। प्रत्येक फसल के दाम निर्धारित करते समय लागत पर 50 फीसदी लाभ देकर न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया जाए। दो एकड़ या इससे कम वाले किसानों को बीपीएल की श्रेणी में रखा जाए। यात्रा के संयोजक व प्रदेशाध्यक्ष शमशेर सिंह दहिया ने बताया कि छह अगस्त को यात्रा मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचेगी और मांग पत्र सौंपा जाएगा। अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो प्रदेश के सभी छह किसान संगठन नौ से 15 अगस्त तक जेल भरों आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी माग नहीं मानी गई तो दो अक्तूबर को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की विजयघाट समाधि पर एकत्रित होकर संसद घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन