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72 घंटे बाद मुआवजे के लिए फार्म नहीं लेने पर किसानों ने किया प्रदर्शन
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बहल। बारिश एवं ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे के लिए 72 घंटे बाद फार्म नहीं लेने पर किसानों ने कृषि कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि कृषि विभाग या बीमा कंपनी की तरफ से उनको इस प्रकार की जानकारी नहीं दी गई थी कि नुकसान के बाद फार्म जमा कराने की अवधि 72 घंटे की होगी। किसानों ने कृषि कार्यालय के कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकाल दिया तथा जब तक समस्या का समाधान नहीं हो तब तक ऑफिस नहीं खोलने की चेतावनी दी।
सोमवार को किसानों ने इस समस्या को लेकर कृषि अधिकारियों से बात की थी। जब कोई समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने प्रदर्शन किया था तथा अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया था कि या तो मंगलवार को दस बजे तक समस्या का समाधान हो जाएगा नहीं तो किसान आंदोलन को तेज करेंगे। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि कार्यालय के बाहर करीब 12 बजे प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। किसानों ने कृषि अधिकारियों को कार्यालय से बाहर आकर कार्यालय बंद करने के लिए कहा। जिस पर अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय से बाहर आ गए तथा उन्होंने ऑफिस बंद कर दिया।
किसानों ने कृषि अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे इस बारे में अपने उच्चाधिकारियों को सूचित करें तथा किसानों की समस्या और उनके अल्टीमेटम के बारे में बताए। इस अवसर पर भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद, महाबीर सहारण आदि किसान मौजूद रहे।
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सोमवार को किसानों ने इस समस्या को लेकर कृषि अधिकारियों से बात की थी। जब कोई समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने प्रदर्शन किया था तथा अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया था कि या तो मंगलवार को दस बजे तक समस्या का समाधान हो जाएगा नहीं तो किसान आंदोलन को तेज करेंगे। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि कार्यालय के बाहर करीब 12 बजे प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। किसानों ने कृषि अधिकारियों को कार्यालय से बाहर आकर कार्यालय बंद करने के लिए कहा। जिस पर अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय से बाहर आ गए तथा उन्होंने ऑफिस बंद कर दिया।
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किसानों ने कृषि अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे इस बारे में अपने उच्चाधिकारियों को सूचित करें तथा किसानों की समस्या और उनके अल्टीमेटम के बारे में बताए। इस अवसर पर भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद, महाबीर सहारण आदि किसान मौजूद रहे।
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