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मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी करेंगे विधानसभा का घेराव
Updated Wed, 21 Feb 2018 12:40 AM IST
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मांगों के लिए ग्रामीण सफाई कर्मचारी करेंगे विधानसभा का घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
प्रदेश भर के हजारों ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों के लिए विधानसभा के बजट सत्र पर 7 मार्च को एक दिवसीय हड़ताल कर विधानसभा का घेराव करेंगे। इसकी व्यापक तैयारियों के लिए ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा की 22 फरवरी को रोहतक में राज्य स्तरीय बैठक होगी। सीटू के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के संयोजक विनोद कुमार ने कहा कि मौजूदा सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को गुलाम बनाना चाहती है। 10 साल से काम करने के बाद भी आज जब मानदेय लेने का वक्त आता है तो ग्राम पंचायतों और प्रभावशाली लोगों की बेगार और उत्पीड़न सहन करना पड़ता है। यूनियन नेता ने कहा कि 12 दिसंबर को पंचायत विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तरोगी से यूनियन नेताओं के साथ हुई बातचीत, जिसमें ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्के करने के लिए राज्य सरकार के पास विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजने, मानदेय में बढ़ोतरी करने व काम के सभी औजार दिए जाने पर सहमति होने के बाद भी इसे लागू नहीं किया जा रह है। इसे लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
प्रदेश भर के हजारों ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों के लिए विधानसभा के बजट सत्र पर 7 मार्च को एक दिवसीय हड़ताल कर विधानसभा का घेराव करेंगे। इसकी व्यापक तैयारियों के लिए ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा की 22 फरवरी को रोहतक में राज्य स्तरीय बैठक होगी। सीटू के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के संयोजक विनोद कुमार ने कहा कि मौजूदा सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को गुलाम बनाना चाहती है। 10 साल से काम करने के बाद भी आज जब मानदेय लेने का वक्त आता है तो ग्राम पंचायतों और प्रभावशाली लोगों की बेगार और उत्पीड़न सहन करना पड़ता है। यूनियन नेता ने कहा कि 12 दिसंबर को पंचायत विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तरोगी से यूनियन नेताओं के साथ हुई बातचीत, जिसमें ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्के करने के लिए राज्य सरकार के पास विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजने, मानदेय में बढ़ोतरी करने व काम के सभी औजार दिए जाने पर सहमति होने के बाद भी इसे लागू नहीं किया जा रह है। इसे लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर हैं।