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Bhiwani News: खाद और कीटनाशक के 14 सैंपल फेल, विक्रेताओं को नोटिस
Thu, 06 Mar 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 06 Mar 2025 01:04 AM IST
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दवाओं के सैंपल लेते कृषि विभाग के कर्मचारी।
भिवानी। कृषि विभाग की टीमों की ओर से लिए गए खाद के सात और दवाइयों के सात सैंपल की रिपोर्ट फेल आई है। इसके बाद कृषि विभाग अधिकारियों ने संबंधित अधिकृत खाद-बीज विक्रेताओं को नोटिस थमा दिया है। अब इन संबंधित पर विभागीय कार्रवाई होगी। कृषि विभाग ने फरवरी में खाद के 135 सैंपल, कीटनाशकों के 115 सैंपल और बीज के 199 सैंपल की रिपोर्ट हिसार और करनाल स्थित लैब में भेजी थी।
जिले में कृषि विभाग की ओर से फरवरी में अधिकृत खाद और बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान जिले भर में अधिकृत खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों से खाद के 135 सैंपल सील किए गए थे। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया। इनमें से विभाग के पास 127 सैंपल की रिपोर्ट आई हैं, जिसमें खाद के सात सैंपल फेल हो गए हैं।
इसी तरह कृषि अधिकारियों की टीम ने जिले भर में अधिकृत खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर फसलों में प्रयोग होने वाले कीटनाशक व दवाइयों के भी सैंपल लिए। इनके कुल 115 सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे, जिसमें से विभाग के पास अब तक 94 की रिपोर्ट आई है। इसमें सात दवाइयों के सैंपल भी फेल आ गए हैं। हालांकि, कृषि अधिकारियों ने किसानों को नकली बीज के झासे से बचाने के लिए भी जिले भर में कार्रवाई की। इस दौरान बीज के 199 सैंपल सील कर जांच के लिए लैब में भेजे गए। इन सभी की रिपोर्ट विभाग की लैब में पास हो गई है।
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ये सैंपल हो गए कृषि विभाग की लेबोरेट्री में फैल
कृषि विभाग की गुण नियंत्रण टीम की ओर से सील किए गए सैंपल में चार फैल होने की रिपोर्ट हाल ही में आई है। इसमें दो सैंपल ढिगावामंडी और बवानीखेड़ा से फैल आए हैं। एक खाद का सैंपल भिवानी क्षेत्र से लिया गया था, इसकी रिपोर्ट भी फैल आ गई है। वहीं एक सैंपल सिवानी से लिया गया था। इसकी रिपोर्ट भी फैल आई है। ये चारों खाद के सैंपल विभागीय लैब में भेजे गए थे।
नकली खाद और कीटनाशकों की वजह से बर्बाद हो जाती है फसल
मैंने 15 एकड़ में गेहूं की फसल बिजाई की है। खाद और कीटनाशक का प्रयोग करने के बाद भी फसल में ज्यादा बढ़वार नहीं हो पाई है। असल ब्रांड के नाम से भी बाजार में नकली खाद और कीटनाशकों की भरमार है। इसके झासे में भोलेभाले किसान आ जाते हैं, उन्हें इसकी विशेषज्ञता नहीं होती। इसका खामियाजा भी उन्हें ही भुगतना पड़ता है। कई बार तो किसान पैसे खर्च करने के बाद भी फसल उत्पादन से वंचित रह जाता है। - जोगेंद्र बूरा, किसान
फसल में बिजाई के बाद समय-समय पर खाद और कीटनाशकों का छिड़काव किसानों को करना पड़ता है। मैंने 10 एकड़ में गेहूं बिजाई की है। दुकान से ही खाद और कीटनाशक लाकर डालते हैं। अब ये असली है या नकली, इसकी पहचान कर पाना भी आसान नहीं है। नकली का पता तो तब चलता है जब इसका फसल पर कोई प्रभाव नहीं होता और किसान को उत्पादन के नाम पर हाथ कुछ नहीं आता। विभाग को चाहिए कि इस तरह के मामलों में सख्ती बरते। -धर्मपाल पाली किसान
अधिकृत दुकानों पर भी असल ब्रांड के नाम से काफी नकली उत्पाद बेचे जाते हैं, जिसके झासे में किसान आ जाते हैं। किसानों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने और उनकी फसलों से होने वाले खिलवाड़ को रोकने के लिए कृषि विभाग को इनकी नियमित निगरानी कर ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। वहीं उनका पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द करना चाहिए। इस तरह की नकली खाद और बीज व कीटनाशक बेचने की वजह से ही हर साल किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। इसकी वजह से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं और आगे की फसल के लिए भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। - कामरेड ओमप्रकाश, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी।
अधिकृत विक्रेताओं को पंजीकृत उत्पाद बेचने की अनुमति : डॉ. विनोद
जिलेभर में कृषि विभाग के अधिकृत खाद-बीज विक्रेता हैं, जिनके प्रतिष्ठानों पर समय-समय पर संबंधित अधिकारियों की टीमों के साथ छापेमार कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकृत खाद-बीज विक्रेताओं को पंजीकृत उत्पाद ही किसानों को बेचने की अनुमति है। इसके अलावा वे किसी भी तरह का उत्पाद किसानों को नहीं बेच सकते हैं। ऐसा करते हुए मिलने पर कानूनी कार्रवाई और विभागीय कार्रवाई का भी प्रावधान है। -डॉ. विनोद फोगाट, कृषि उपनिदेशक, भिवानी।
खाद और कीटनाशक दवाइयों के सैंपल की रिपोर्ट फैल आई है। इसमें बीज की सभी रिपोर्ट पास हैं। जिन अधिकृत विक्रेताओं की छापेमार कार्रवाई के दौरान सील किए गए सैंपल की रिपोर्ट फैल आई हैं, उन संबंधित को कृषि विभाग की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र कुमार, गुण नियंत्रण निरीक्षक कृषि विभाग, भिवानी।
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जिले में कृषि विभाग की ओर से फरवरी में अधिकृत खाद और बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान जिले भर में अधिकृत खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों से खाद के 135 सैंपल सील किए गए थे। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया। इनमें से विभाग के पास 127 सैंपल की रिपोर्ट आई हैं, जिसमें खाद के सात सैंपल फेल हो गए हैं।
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इसी तरह कृषि अधिकारियों की टीम ने जिले भर में अधिकृत खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर फसलों में प्रयोग होने वाले कीटनाशक व दवाइयों के भी सैंपल लिए। इनके कुल 115 सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे, जिसमें से विभाग के पास अब तक 94 की रिपोर्ट आई है। इसमें सात दवाइयों के सैंपल भी फेल आ गए हैं। हालांकि, कृषि अधिकारियों ने किसानों को नकली बीज के झासे से बचाने के लिए भी जिले भर में कार्रवाई की। इस दौरान बीज के 199 सैंपल सील कर जांच के लिए लैब में भेजे गए। इन सभी की रिपोर्ट विभाग की लैब में पास हो गई है।
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ये सैंपल हो गए कृषि विभाग की लेबोरेट्री में फैल
कृषि विभाग की गुण नियंत्रण टीम की ओर से सील किए गए सैंपल में चार फैल होने की रिपोर्ट हाल ही में आई है। इसमें दो सैंपल ढिगावामंडी और बवानीखेड़ा से फैल आए हैं। एक खाद का सैंपल भिवानी क्षेत्र से लिया गया था, इसकी रिपोर्ट भी फैल आ गई है। वहीं एक सैंपल सिवानी से लिया गया था। इसकी रिपोर्ट भी फैल आई है। ये चारों खाद के सैंपल विभागीय लैब में भेजे गए थे।
नकली खाद और कीटनाशकों की वजह से बर्बाद हो जाती है फसल
मैंने 15 एकड़ में गेहूं की फसल बिजाई की है। खाद और कीटनाशक का प्रयोग करने के बाद भी फसल में ज्यादा बढ़वार नहीं हो पाई है। असल ब्रांड के नाम से भी बाजार में नकली खाद और कीटनाशकों की भरमार है। इसके झासे में भोलेभाले किसान आ जाते हैं, उन्हें इसकी विशेषज्ञता नहीं होती। इसका खामियाजा भी उन्हें ही भुगतना पड़ता है। कई बार तो किसान पैसे खर्च करने के बाद भी फसल उत्पादन से वंचित रह जाता है। - जोगेंद्र बूरा, किसान
फसल में बिजाई के बाद समय-समय पर खाद और कीटनाशकों का छिड़काव किसानों को करना पड़ता है। मैंने 10 एकड़ में गेहूं बिजाई की है। दुकान से ही खाद और कीटनाशक लाकर डालते हैं। अब ये असली है या नकली, इसकी पहचान कर पाना भी आसान नहीं है। नकली का पता तो तब चलता है जब इसका फसल पर कोई प्रभाव नहीं होता और किसान को उत्पादन के नाम पर हाथ कुछ नहीं आता। विभाग को चाहिए कि इस तरह के मामलों में सख्ती बरते। -धर्मपाल पाली किसान
अधिकृत दुकानों पर भी असल ब्रांड के नाम से काफी नकली उत्पाद बेचे जाते हैं, जिसके झासे में किसान आ जाते हैं। किसानों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने और उनकी फसलों से होने वाले खिलवाड़ को रोकने के लिए कृषि विभाग को इनकी नियमित निगरानी कर ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। वहीं उनका पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द करना चाहिए। इस तरह की नकली खाद और बीज व कीटनाशक बेचने की वजह से ही हर साल किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। इसकी वजह से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं और आगे की फसल के लिए भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। - कामरेड ओमप्रकाश, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी।
अधिकृत विक्रेताओं को पंजीकृत उत्पाद बेचने की अनुमति : डॉ. विनोद
जिलेभर में कृषि विभाग के अधिकृत खाद-बीज विक्रेता हैं, जिनके प्रतिष्ठानों पर समय-समय पर संबंधित अधिकारियों की टीमों के साथ छापेमार कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकृत खाद-बीज विक्रेताओं को पंजीकृत उत्पाद ही किसानों को बेचने की अनुमति है। इसके अलावा वे किसी भी तरह का उत्पाद किसानों को नहीं बेच सकते हैं। ऐसा करते हुए मिलने पर कानूनी कार्रवाई और विभागीय कार्रवाई का भी प्रावधान है। -डॉ. विनोद फोगाट, कृषि उपनिदेशक, भिवानी।
खाद और कीटनाशक दवाइयों के सैंपल की रिपोर्ट फैल आई है। इसमें बीज की सभी रिपोर्ट पास हैं। जिन अधिकृत विक्रेताओं की छापेमार कार्रवाई के दौरान सील किए गए सैंपल की रिपोर्ट फैल आई हैं, उन संबंधित को कृषि विभाग की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र कुमार, गुण नियंत्रण निरीक्षक कृषि विभाग, भिवानी।