फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   जिले से हर दिन गुजर रहे एक हजार ओवरलोड डम्पर, प्रशासन नहीं गंभीर

जिले से हर दिन गुजर रहे एक हजार ओवरलोड डम्पर, प्रशासन नहीं गंभीर

Mon, 25 Jun 2018 01:16 AM IST
Updated Mon, 25 Jun 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
जिले से हर दिन गुजर रहे एक हजार ओवरलोड डम्पर, प्रशासन नहीं गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

भिवानी। प्रदेश में ओवरलोडिंग के खेल को रोकने के लिए चाहे कितने भी दावे करती रहे लेकिन इस पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। जिले में खानक पहाड़ व दादरी में पहाड़ों से हर दिन एक हजार ओवललोडेड डंपर जिले से गुजर रहे हैं। आदेशों के कुछ दिनों तक ही ओवरलोडेड वाहनों पर कार्रवाई होती है लेकिन कुछ दिनों बाद ही यह कार्रवाई ढीली पड़ जाती है। जिस तरह से भिवानी जिले में ओवरलोड डंपरों का चलना बदस्तूर जारी है उससे लग रहा है कि जिले में एंट्री का खेल शुरू हो चुका है।
जिस डंपर की नहीं होती एंट्री, उसपर रहती है नजर
ओवरलोड डंपर एंट्री का खेल इस कदर चलता है कि जिस भी डंपर की एंट्री नहीं होती उसपर अधिकारियों की नजर रहती है। जिसकी एंट्री नहीं आती उसे तुरंत पकड़कर चालान कर दिया जाता है। बार-बार चालान से बचने के लिए आखिरकार डंपर चालक एंट्री करवा लेता है।
विज्ञापन

तिरपाल है एंट्री का कोड
ओवरलोड डंपर चलाने के लिए एंट्री देने के बाद कोड दिया जाता है। अब हाल में एंट्री का कोड तिरपाल है। एंट्री देने वाले डंपर पर चालक तिरपाल डाल लेता है। तिरपाल लगे डंपर को कोई भी नहीं पकड़ता। जो भी डंपर बिना तिरपाल मिलता है उसे तुरंत रुकवा लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रात एक बजे के बाद दौड़ते हैं ज्यादा ओवरलोड वाहन
ओवरलोड डंपर ज्यादातर रात को एक बजे क बाद ही रोड पर आते हैं। उससे पहले तो गिनती के ही डंपर रोड पर दिखाई देते हैं। क्योंकि डंपर मालिकों को पता है दिन में ज्यादा चले तो कोई ना कोई अधिकारी देख लेता है या फिर शिकायत हो जाती है। रात एक बजे के बाद भिवानी जिले की सड़कों पर ओवरलोड डंपर यमराज का रूप धारण कर दौड़ने लग जाते हैं।
हादसा होने के कुछ दिन तक रहती है सख्ताई
जब भी ओवरलोड डंपर से कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो प्रशासन सकते में आ जाता है और ओवरलोड डंपर की धर-पकड़ तेज हो जाती है। गत माह भी चरखी दादरी क्षेत्र में डंपर व स्कूल बस का एक्सीडेंट हो गया था जिसमें तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना के कुछ दिनों तक तो प्रशासन ने सख्ताई की, लेकिन बाद में वहीं, ढाक के तीन पात वाली कहावत शुरू हो जाती है।

वर्जन-
ओवरलोड डंपरों के चालान करने का काम आएटीए विभाग का है। दो दिन पहले भी एडीसी के साथ मिलकर लोहारू क्षेत्र में ओवरलोड डम्परों के चालान किए गए हैं। अगर कोई भी डंपर चालक लापरवाही से डंपर चलाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
-गंगाराम पूनियार, एसपी, भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed