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हलवासिया हवेली में हिस्सेदारी को लेकर दो पक्षों में नोकझोंक

Sun, 20 Jun 2021 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:16 AM IST
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125 years old haweli, two parties controversy, police
हलवासिया की हवेली में पहुंची जेसीबी। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। शहर के खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र स्थित हलवासियों की करीब सवा सौ साल पुरानी हवेली में हिस्सेदारी को लेकर शनिवार दोपहर बाद दिनोद गेट पुलिस चौकी में हंगामा हुआ। दोनों ही पक्षों के बीच पुलिस की मौजूदगी में तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने हंगामा कर रहे दोनों पक्षों को शांत कराया। शनिवार को एक पक्ष हवेली में जेसीबी से पुराना निर्माण तुड़वा रहा था कि इसी दौरान दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति जता दी और कहा कि अभी तक हवेली में किसी भी हिस्से का कोई बंटवारा नहीं हुआ है। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी तो मामला पुलिस चौकी तक जा पहुंचा। इस बीच पुलिस ने भी तोड़फोड़ का काम रुकवा दिया।
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दिनोद गेट पुलिस चौकी में पहुंचे उमाशंकर हलवासिया ने बताया कि वे परिवार सहित लखनऊ में रह रहे हैं। उनके पूर्वज गणेशदास ने भिवानी में हलवासियों की हवेली का निर्माण कराया था। ये हवेली करीब सवा सौ साल पुरानी है। गणेशदास के दो लड़के एक रामगोपालदास व दूसरा जयरामदास थे। रामगोपालदास के तीन वंशज जो सभी कोलकाता, लखनऊ व दिल्ली में रहने लगे। जबकि जयराम दास के चार वंशज थे। जिनमें दो वंशज इसी हवेली में रहने लगे और दो बाहर चले गए। जो वंशज इस हवेली को छोड़कर बाहर रहने लगे वे सभी अब अपना-अपना हिस्सा बेचना चाहते हैं। जबकि यहां रहने वाले दो वंशज ऐसा नहीं चाहते और पूर्वजों की पूरी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। उमाशंकर हलवासिया ने बताया कि उनके पूर्वजों की संपत्ति की देखभाल मुनीम नंदकिशोर शर्मा करते थे। उनके पूर्वजों ने उन्हें केयर टेकर और पावर आफ अटर्नी बनाया हुआ था। नंदकिशोर के दो लड़के पवन और प्रेम थे। प्रेम की मौत हो चुकी है। जबकि प्रेम का लड़का प्रशांत सरकारी नौकरी में है। शनिवार को वह लखनऊ से आने के बाद यहां पर अपने हिस्से को तुड़वा रहे थे तो इसी दौरान प्रशांत ने हंगामा खड़ा कर दिया और मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। वहीं दूसरे पक्ष से जयरामदास के वंशज कैलाश हलवासिया ने बताया कि उनके पूर्वजों ने पुरानी हवेली में अभी तक कोई बंटवारा नहीं किया है। बिना बंटवारा के ही बाहर रहने वाले परिवार अचानक यहां आकर जेसीबी से हवेली को तोड़ने लगे। कैलाश व उनके परिजनों का आरोप है कि बाहर रहने वाले परिवार के लोगों ने हवेली के कई हिस्सों में लगे ताले भी जबरन तोड़ डाले। जब उन्होंने इस पर एतराज जताया तो मारपीट की गई।
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हंगामे के दौरान बेहोश हुई बुजुर्ग महिला
हलवासिया हवेली में जेसीबी से तोड़फोड़ कराए जाने के दौरान विरोध में आई एक बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई। वहीं काफी लोगों का जमावड़ा भी मौके पर जुट गया। इस दौरान परिवार के कुछ लोगों ने पूरे प्रकरण की वीडियो भी बना ली।
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हलवासिया हवेली कभी होती थी भिवानी की शान
भिवानी शहर के बीचोंबीच में हलवासियों की हवेली कभी छोटी काशी की शान होती थी। इस हवेली में आज भी दीवारों पर पुरातन नकाशी की हुई है और दीवारों पर भिती चित्र भी बने हैं। ये प्राचीन समय की ऐतिहासिक धरोहर के तौर पर भी मानी जाती हैं। दिल्ली के अकबर बादशाह दरबार की कई दुर्लभ चीजें भी यहां मौजूद हैं। मगर कई दशकों से उचित रखरखाव और देखभाल के बिना ये चीजें नष्ट होती चली गई और हलवासियों की हवेली जर्जर हाल में पहुंच गई। बाहर से हलवासियों की हवेली की शान अब भी अपनी गौरव की दास्तान और कहानी खुद ही बयां कर रही है।

वर्जन::::
पुरानी हलवासिया हवेली में परिवार के लोगों के बीच जेसीबी से तोड़फोड़ को लेकर एतराज जताया गया है। दोनों ही पक्ष अपनी दावेदारी जता रहे हैं। दोनों ही पक्षों से लिखित शिकायत पुलिस को मिली है। फिलहाल दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और पुलिस इस मामले की तहकीकात में जुटी है।
- देवेंद्र सिंह, इंचार्ज दिनोद गेट पुलिस चौकी।

 हलवासिया हवेली में बहस करते दोनों पक्ष। संवाद

हलवासिया हवेली में बहस करते दोनों पक्ष। संवाद- फोटो : Bhiwani

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