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Bhiwani News: यूजीसी नियमों और एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ लामबंद हुई 12 धमाण खाप
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गांव खरक कलां में आयोजित पंचायत में मौजूद लोग।
भिवानी। यूजीसी के नए नियमों, आरक्षण नीति और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के कथित दुरुपयोग को लेकर गांव खरक कलां में 12 धमाण खाप की अगुवाई में महापंचायत हुई। पंचायत में युवाओं, बुजुर्गों और कानूनी विशेषज्ञों ने भाग लेकर मुद्दों पर मंथन किया और केंद्र व प्रदेश सरकार को चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने कहा कि मांगों पर आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
महापंचायत में खरक कलां, खरक खुर्द, केलांगा, फूलपुरा, सिरसा घोघरा, साय, रेवाड़ी और नौरंगाबाद सहित 12 धमाण खाप के अंतर्गत आने वाले गांवों के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। लंबी चर्चा और मंथन के बाद पंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रस्ताव में कहा गया कि यदि केंद्र और राज्य सरकार यूजीसी के विवादित नियमों को वापस नहीं लेती तथा एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक संशोधन नहीं करती तो भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे 12 धमाण खाप के अध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने कहा कि समाज और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों में रोष है।
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यूजीसी के नए प्रावधानों से लेकर एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग तक कई ऐसे विषय हैं जो सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महापंचायत में बुजुर्गों, युवाओं और कानूनी विशेषज्ञों ने एक स्वर में स्पष्ट किया कि इस स्थिति को चुपचाप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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ग्रामीणों ने कहा कि मांगों पर आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
महापंचायत में खरक कलां, खरक खुर्द, केलांगा, फूलपुरा, सिरसा घोघरा, साय, रेवाड़ी और नौरंगाबाद सहित 12 धमाण खाप के अंतर्गत आने वाले गांवों के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। लंबी चर्चा और मंथन के बाद पंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
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प्रस्ताव में कहा गया कि यदि केंद्र और राज्य सरकार यूजीसी के विवादित नियमों को वापस नहीं लेती तथा एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक संशोधन नहीं करती तो भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे 12 धमाण खाप के अध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने कहा कि समाज और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों में रोष है।
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यूजीसी के नए प्रावधानों से लेकर एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग तक कई ऐसे विषय हैं जो सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महापंचायत में बुजुर्गों, युवाओं और कानूनी विशेषज्ञों ने एक स्वर में स्पष्ट किया कि इस स्थिति को चुपचाप स्वीकार नहीं किया जाएगा।