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किसी भी मेडिकल स्टोर पर गैर कानूनी दवाइयां मिली तो होगी कार्रवाई : डॉ. पूनिया
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:10 AM IST
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किसी भी मेडिकल स्टोर पर गैर कानूनी दवाइयां मिली तो होगी कार्रवाई : डॉ. पूनिया
भिवानी। जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों की बैठक बुधवार को नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिविल सर्जन ने सभी दवा विक्रेताओं को सरकार के नियमों के अनुसार ही दवाइयां रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर गैरकानूनी दवाइयां मिली तो उस दवा विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि सभी दवाई विक्रेता हर माह अपनी रिपोर्ट अस्पताल में जमा करवाये। इसके साथ ही टीबी की दवाई रखने के साथ-साथ मरीज का पूर्ण रिकार्ड रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किसी भी स्टोर का निरीक्षण किसी भी समय किया जा सकता है। अगर दुकानदार किसी प्रकार का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उप सिविल सर्जन डा. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा टीबी को एक नोटिफाई बीमारी घोषित किया जा चुका है। इसलिए टीबी की बीमारी की जांच, ईलाज या दवा बेचने वाले प्रत्येक डाक्टर या दवा विक्रेता को इसकी सूचना जिला क्षय रोग में देनी जरूरी है। टीबी की दवाइयों का प्रत्येक स्टोर में अलग से रिकार्ड रखा जाए तथा उसकी रिपोर्ट प्रत्येक माह जिला क्षय रोग भिवानी में भिजवाएं। उन्होंने कहा कि दवाइयां खरीदने वाले प्रत्येक मरीज को टीबी के इलाज का पूरा कोर्स लेने के लिये जागरूक करें।
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भिवानी। जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों की बैठक बुधवार को नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिविल सर्जन ने सभी दवा विक्रेताओं को सरकार के नियमों के अनुसार ही दवाइयां रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर गैरकानूनी दवाइयां मिली तो उस दवा विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि सभी दवाई विक्रेता हर माह अपनी रिपोर्ट अस्पताल में जमा करवाये। इसके साथ ही टीबी की दवाई रखने के साथ-साथ मरीज का पूर्ण रिकार्ड रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किसी भी स्टोर का निरीक्षण किसी भी समय किया जा सकता है। अगर दुकानदार किसी प्रकार का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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उप सिविल सर्जन डा. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा टीबी को एक नोटिफाई बीमारी घोषित किया जा चुका है। इसलिए टीबी की बीमारी की जांच, ईलाज या दवा बेचने वाले प्रत्येक डाक्टर या दवा विक्रेता को इसकी सूचना जिला क्षय रोग में देनी जरूरी है। टीबी की दवाइयों का प्रत्येक स्टोर में अलग से रिकार्ड रखा जाए तथा उसकी रिपोर्ट प्रत्येक माह जिला क्षय रोग भिवानी में भिजवाएं। उन्होंने कहा कि दवाइयां खरीदने वाले प्रत्येक मरीज को टीबी के इलाज का पूरा कोर्स लेने के लिये जागरूक करें।
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