{"_id":"5aa825d94f1c1bc0078b5126","slug":"101520969177-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहल में सरसों खरीद केंद्र न बनाए जाने पर किसान भड़के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहल में सरसों खरीद केंद्र न बनाए जाने पर किसान भड़के
Updated Wed, 14 Mar 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहल में सरसों खरीद केंद्र न बनाए जाने पर किसान भड़के
अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
प्रदेश सरकार द्वारा बहल कस्बे की मंडी में सरसों खरीद केंद्र नहीं बनाए जाने पर अखिल भारतीय किसान सभा ने कड़ा रोष जताया है। सभा ने कहा कि बहल क्षेत्र में सबसे ज्यादा सरसों का उत्पादन होता है और ऐसे में बहल में खरीद केंद्र नहीं बनाया जाना किसी प्रकार से उचित नहीं है। सभा के पदाधिकारियों ने इस बारे में उपायुक्त भिवानी और डीएम हैफेड से भी बात की है।
सभा सदस्यों ने कहा है कि अगर सरकार ने शीघ्र ही बहल अनाज मंडी में सरसों की खरीद के लिए खरीद केंद्र नहीं बनाया तो वो किसानों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार को प्रदेशभर में सरसों की खरीद के लिए बनाए गए सरकारी खरीद केंद्रों की घोषणा की है। इसमें लोहारू एवं सिवानी को तो खरीद केंद्र बनाया गया है, लेकिन बहल का नाम शामिल नहीं किया गया है। बहल को खरीद केंद्र नहीं बनाए जाने पर अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि सरकार की मंशा किसान की उपज खरीदने की नहीं, उसे केवल परेशान करने की है। उन्होंने कहा कि जब लोहारू क्षेत्र में सबसे ज्यादा सरसों बहल क्षेत्र में उत्पादित होती है तो बहल को खरीद केंद्र नहीं बनाया जाना ही सरकार की मंशा को साबित करने के लिए काफी है।
विज्ञापन
सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में उपायुक्त भिवानी एवं डीएम हैफेड से बात की है तथा उनसे बहल अनाज मंडी में खरीद केंद्र बनाए जाने की अपील की है। सभा सदस्यों ने कहा कि वे इस मामले में सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे और किसान की उपज की सही खरीद करवाने के लिए बड़े से बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके अलावा सभा इस मामले को लेकर शीघ्र ही बहल में एक मीटिंग आयोजित करेगी जिसमें इस मसले पर चर्चा कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
--
बहल में सरसों के लिए सरकारी खरीद केंद्र नहीं बनाया जाना प्रदेश सरकार की किसानों के प्रति उपेक्षित मंशा को जाहिर करता है। सभा ने इस बारे में अधिकारियों से बात कर किसानों की स्थिति एवं उपज के बारे में जानकारी दी है। शीघ्र ही केंद्र नहीं बनाया गया तो सभा आंदोलन करने पर मजबूर होगी’
दयानंद पूनिया, प्रदेश सचिव, अखिल भारतीय किसान सभा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
प्रदेश सरकार द्वारा बहल कस्बे की मंडी में सरसों खरीद केंद्र नहीं बनाए जाने पर अखिल भारतीय किसान सभा ने कड़ा रोष जताया है। सभा ने कहा कि बहल क्षेत्र में सबसे ज्यादा सरसों का उत्पादन होता है और ऐसे में बहल में खरीद केंद्र नहीं बनाया जाना किसी प्रकार से उचित नहीं है। सभा के पदाधिकारियों ने इस बारे में उपायुक्त भिवानी और डीएम हैफेड से भी बात की है।
सभा सदस्यों ने कहा है कि अगर सरकार ने शीघ्र ही बहल अनाज मंडी में सरसों की खरीद के लिए खरीद केंद्र नहीं बनाया तो वो किसानों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार को प्रदेशभर में सरसों की खरीद के लिए बनाए गए सरकारी खरीद केंद्रों की घोषणा की है। इसमें लोहारू एवं सिवानी को तो खरीद केंद्र बनाया गया है, लेकिन बहल का नाम शामिल नहीं किया गया है। बहल को खरीद केंद्र नहीं बनाए जाने पर अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि सरकार की मंशा किसान की उपज खरीदने की नहीं, उसे केवल परेशान करने की है। उन्होंने कहा कि जब लोहारू क्षेत्र में सबसे ज्यादा सरसों बहल क्षेत्र में उत्पादित होती है तो बहल को खरीद केंद्र नहीं बनाया जाना ही सरकार की मंशा को साबित करने के लिए काफी है।
विज्ञापन
सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में उपायुक्त भिवानी एवं डीएम हैफेड से बात की है तथा उनसे बहल अनाज मंडी में खरीद केंद्र बनाए जाने की अपील की है। सभा सदस्यों ने कहा कि वे इस मामले में सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे और किसान की उपज की सही खरीद करवाने के लिए बड़े से बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके अलावा सभा इस मामले को लेकर शीघ्र ही बहल में एक मीटिंग आयोजित करेगी जिसमें इस मसले पर चर्चा कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
--
बहल में सरसों के लिए सरकारी खरीद केंद्र नहीं बनाया जाना प्रदेश सरकार की किसानों के प्रति उपेक्षित मंशा को जाहिर करता है। सभा ने इस बारे में अधिकारियों से बात कर किसानों की स्थिति एवं उपज के बारे में जानकारी दी है। शीघ्र ही केंद्र नहीं बनाया गया तो सभा आंदोलन करने पर मजबूर होगी’
दयानंद पूनिया, प्रदेश सचिव, अखिल भारतीय किसान सभा।