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नई पौध तैयार कर रही भीम अवार्डी सुषमा

Fri, 18 Oct 2013 09:36 PM IST
रेवाड़ी/गोपाल वशिष्ठ
रेवाड़ी/गोपाल वशिष्ठ Updated Fri, 18 Oct 2013 09:36 PM IST
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Bhim Awardee Sushma is preparing a new breed
महिला बॉक्सिंग में हरियाणा के जिला झज्जर के रेवाड़ी का नाम देशभर में प्रसिद्ध है। बॉक्सिंग में हरियाणा का पहला भीम अवार्ड पाने वाली राष्ट्रीय खिलाड़ी सुषमा भी किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं।
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रेवाड़ी के गांव खालेटा में जन्मी सुषमा ने अपने मुक्कों के बल पर न केवल कई पदक जीते अपितु हरियाणा का पहला भीम अवार्ड भी अपने नाम किया।

इन दिनों सुषमा रेलवे में टीसी के पद पर कार्यरत हैं और रेलवे के लिए खेलते रहने की इच्छा रखती हैं।

पहले 54 किलो भारवर्ग में खेलने वाली सुषमा इन दिनों 63 किलो भारवर्ग के साथ अभ्यास कर रही हैं और सरकुलर रोड स्थित छोटा तालाब बगीची में युवाओं को बॉक्सिंग का प्रशिक्षण भी दे रही हैं।
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एक दिसंबर 1983 को रेवाड़ी जिले के गांव खालेटा में पिता ज्वाला सिंह और माता पवित्रा देवी के घर जन्मी सुषमा ने 2001 से रेवाड़ी में ही बॉक्सिंग को चुना।

कोच मनोज शर्मा के मार्गदर्शन में 2001 में शुरू हुआ उसकी जीत का सिलसिला 2011 तक जारी रहा। इसके बाद स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते सुषमा ने खेल को विराम दे दिया।
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सुषमा ने वर्ष 2011 में रांची में हुए 34वें राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक पाया, जिसके लिए नवंबर 2011 में झारखंड सरकार ने सात लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया।


लगातार दस बार राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल करने वाली यह खिलाड़ी इन दिनों युवा खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करने में जुटी है।

सुषमा की उपलब्धियां
2001 में नेशनल गोल्ड जीता और इसी वर्ष एशियन में ब्राउंज जीता।
2002 में नेशनल गोल्ड के साथ विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भाग लिया।
2003 में हुए एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल प्राप्त किया।
2003 में ही उन्हें हरियाणा का पहला भीम अवार्ड प्राप्त हुआ।
2004 में नेशनल गोल्ड तथा विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया।
2005 में भी यह सिलसिला जारी रहा। 2007 में नेशनल गोल्ड जीता।
इसी वर्ष सुषमा ने रेलवे में नौकरी प्राप्त की।
2009 में नेशनल गोल्ड के साथ वूमन वर्ल्ड कप में चौथा स्थान प्राप्त किया।
2010 और 11 में नेशनल गोल्ड जीता और 34वें राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक पाया।

रेलवे के लिए पदक जीतना सपना
सुषमा ने 2011 में फार्मासिस्ट सतेंद्र यादव से विवाह किया। वे अपनी उपलब्धि का श्रेय कोच मनोज शर्मा के मार्गदर्शन और बड़ों के आशीर्वाद को देती हैं। सुषमा का सपना है कि वह रेलवे के लिए हर प्रतियोगिता जीते।

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